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भाई के सामने भाई की हत्या पर कोर्ट ने सुनाया सबसे बड़ा फैसला

भाई के सामने भाई की हत्या पर कोर्ट ने सुनाया सबसे बड़ा फैसला

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भाई के सामने भाई की हत्या पर कोर्ट ने सुनाया सबसे बड़ा फैसला

ग्वालियर। तीन साल पहले थाटीपुर इलाके में बैंड कारोबारी की डंडे सरियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने कारोबारी के भाई के सामने ही हत्या को अंजाम दिया था। इसलिए मुख्य गवाह भाई था। हत्या में स्मैक कारोबारी महिला,उसका बेटा सहित ५ लोग शामिल थे। इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले की सुनवाई एडीजे राजेश कुमार देवलिया की अदालत में हुई।

भाई की आंखों के सामने कारोबारी को मार डाला
30 जून 2015 की रात करीब 10 बजे तक योगेश अपने घर नहीं पहुंचा था। भाई ब्रजेश ने बताया योगेश को देखने अपने दोस्त और पड़ोसी के साथ बाइक से निकल गए। बारादरी, सदर बाजार सहित कई जगह तलाशा। लेकिन पता नहीं चला। फिर तीनों नदी पार टाल नया मोहल्ला पहुंचे। वहां देखा कि योगेश को हमलावर पटककर डंडे और सरियों से पीट रहे हैं। पिटाई से योगेश का सिर फट गया था। वह दोस्त और पड़ोसी की मदद से योगेश को ऑटो से अस्पताल लेकर पहुंचा। इलाज के दौरान योगेश की मौत हो गई।

जेल से छूटकर आई थी आरोपी महिला
आरोपी महिला भागवती स्मैक का काम करती है। इस घटना से दो महीने पहले थाटीपुर पुलिस ने उसे और उसके बेटे को स्मैक के साथ पकड़ा था। 14 जून को मां-बेटे जेल से छूटकर आए थे। उस पर पहले भी दो लोगों की हत्या के आरोप लग चुके है।

ये था मामला
रामनगर निवासी योगेश (२५) उर्फ पप्पल पुत्र रमेशचंद्र की 30 जून 2015 को हत्या कर दी गई थी। योगेश को शराब और स्मैक पीने का शौक था। अक्सर अपने दोस्त विक्की पंडित के साथ नशा करता था। घटना के दिन विक्की उसे घर से कलारी लेकर पहुंचा। वहां भगवती उर्फ भागो बाई से उसका झगड़ा हो गया। विवाद बढऩे पर भागो ने अपने परिजनों को बुला लिया। फिर विक्की भी महिला के साथ मिल गया और योगेश की डंडे और सरिये से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

थाटीपुर पुलिस ने महिला सहित अन्य हमलावरों पर हत्या का मामला दर्ज किया। इसके बाद इस प्रकरण में कोर्ट मंें सुनवाई होती रही। अंतिम सुनवाई में कोर्ट ने भागवती, विकास उर्फ आकाश उर्फ भूरा, दिनेश, हीरा उर्फ मुकेश एवं विक्कू उर्फ विवेक शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में फरियादी पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अभिभाषक गिरीश शर्मा ने की।