
योगी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों का पसंदीदा जिले में होगा तबादला, तैयारी शुरू
लखनऊ. बेसिक शिक्षा परिषद में अंतर जनपदीय तबादलों की प्रक्रिया फरवरी, 2018 से शुरू हो जाएगी। आने वाले शिक्षा सत्र में शिक्षकों को अपनी पसंदीदा जगह पर तैनाती का मौका मिलेगा। दरअसल सरकार चाहती है कि परिषदीय शिक्षा का स्तर किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम न हो। इसलिए इस ओर गंभीरता से प्रयास किये जा रहे हैं। ये सारी बातें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहीं।
अंतर जनपदीय तबादलों में सबसे बड़ा पेंच
आपको बता दें कि अंतर जनपदीय तबादलों में सबसे बड़ा पेंच सरकारी सेवा में लगे दंपती का फंस रहा है। दरअसल यूपी सरकार के शासनादेश के मुताबिक 5 साल की नौकरी पूरी कर चुके शिक्षक ही अंतर जनपदीय तबादले का फायदा उठा सकते हैं। जबकि शादीशुदा दंपति शासनादेश की इस समय सीमा का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियुक्ति की नियमावली में दोनों को साथ या फिर आसपास रखने के निर्देश हैं ऐसे में पांच वर्ष उन्हें कैसे दूर रखा जा सकता है। दरअसल दिव्यांगों और सेना के कार्मिको को तय समय से छूट दे रखी है, अब सरकारी सेवा के सभी दंपती यह लाभ चाह रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। जबकि बेसिक शिक्षा परिषद ने पूरा मामला शासन के पास भेज दिया है। अब शासन ही इस मुद्दे पर कोई फैसला करेगा।
अब होंगे अंतर जनपदीय तबादले
परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले का शासनादेश सरकार ने जून महीने में ही जारी कर दिया था। शासनादेश जारी होने के बाद पहले जिले के अंदर शिक्षकों का समायोजन और फिर स्थानांतरण करने का आदेश दिया गया था। उसके बाद अंतर जनपदीय तबादला करने की तैयारी थी। लेकिन इस बीच समायोजन और जिले के अंदर स्थानांतरण प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी। तब से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जिसके बाद अब विभाग अंतर जनपदीय तबादले की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है और सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।
Published on:
30 Dec 2017 12:56 pm
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