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Hamirpur News: बच्चों के तिरंगा आंदोलन ने बदली चंदूपुर की तस्वीर, 5 घंटे के प्रदर्शन के बाद गांव पहुंचा प्रशासन, सड़क ठीक करने उतरी JCB

Gen Alpha Protest Hamirpur: हमीरपुर के चंदूपुर गांव में सड़क की बदहाली को लेकर बच्चों ने तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। करीब 5 घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रशासन गांव पहुंचा और JCB से रास्ता सुधारने का काम शुरू कराया। 1.6 KM सड़क के लिए 1.81 करोड़ की योजना भेजी गई है।
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Hamirpur Chandoopur Road News Chandoopur Village Road Hamirpur Latest News

मौके पर निरीक्षण करते अधिकारी (photo- x @Pihuparmar01)

Hamirpur Chandoopur Road News: आजादी के 79 साल बाद भी जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर एक गांव के लोगों को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी थी। बरसात में यही रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता था और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। आखिरकार बच्चों ने ही अपनी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया।

हमीरपुर के चंदूपुर गांव के सैकड़ों स्कूली बच्चे और ग्रामीण हाथों में तिरंगा लेकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों ने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और गांव की सड़क पक्की कराने की मांग उठाई। करीब पांच घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया और अधिकारियों की टीम गांव पहुंची।

बच्चों ने उठाई सड़क की आवाज, कलेक्ट्रेट में घंटों चला प्रदर्शन

चंदूपुर गांव जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है। गांव से कई मजरे भी जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद यहां आने-जाने के लिए लंबे समय से कच्चे रास्ते का ही सहारा है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। सड़क पर पानी, कीचड़ और गड्ढों के कारण ग्रामीणों के साथ सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। इसी समस्या को लेकर बच्चे और ग्रामीण तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की और डीएम कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शन लंबा खिंचा तो कलेक्ट्रेट में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

पांच घंटे के प्रदर्शन ने अफसरों को गांव तक पहुंचाया

बच्चों के प्रदर्शन का असर यह हुआ कि प्रशासन को मौके पर जाकर समस्या देखने का फैसला करना पड़ा। बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति ऐसी बनी कि डीएम को कलेक्ट्रेट से पिछले गेट से निकलना पड़ा। इससे पहले पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी गांव पहुंचकर बच्चों और ग्रामीणों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने सड़क की स्थिति को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।

डीएम के निर्देश पर गांव पहुंची अफसरों की टीम

बच्चों के प्रदर्शन के बाद डीएम अभिषेक गोयल के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम चंदूपुर पहुंची। एडीएम फाइनेंस राकेश कुमार, एसडीएम सदर, खनिज विभाग के अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने मौके पर जाकर सड़क का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से उनकी परेशानी समझी और रास्ते को तत्काल चलने लायक बनाने के निर्देश दिए।

JCB से शुरू हुआ काम, गड्ढों में डाली जा रही मौरंग-बजरी

प्रशासन ने फिलहाल कच्चे रास्ते को सुधारने का काम शुरू करा दिया है। JCB की मदद से रास्ते के गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों को ठीक किया जा रहा है। मौरंग-बजरी डालकर सड़क को फिलहाल आवागमन के लायक बनाया जा रहा है, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना आने-जाने में परेशानी न हो।

1.6 किलोमीटर सड़क के लिए भेजी गई 1.81 करोड़ की कार्ययोजना

अधिकारियों के मुताबिक चंदूपुर के करीब 1.6 किलोमीटर लंबे मार्ग को स्थायी रूप से बेहतर बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए शासन को करीब 1.81 करोड़ रुपये की कार्ययोजना भेजी जा चुकी है। बताया गया कि वन विभाग से लोक निर्माण विभाग को जरूरी एनओसी भी मिल गई है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद सड़क निर्माण का स्थायी काम शुरू कराया जाएगा।

बच्चों के आंदोलन ने उठाया बड़ा सवाल

चंदूपुर की कहानी सिर्फ एक सड़क की बदहाली की कहानी नहीं है। यह सवाल भी खड़ा करती है कि जिस समस्या को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे, उसके समाधान के लिए बच्चों को कलेक्ट्रेट तक पहुंचकर प्रदर्शन क्यों करना पड़ा। फिलहाल बच्चों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने सड़क को अस्थायी तौर पर सुधारने का काम शुरू कर दिया है। अब ग्रामीणों की नजर शासन से मिलने वाली मंजूरी पर है, ताकि कच्चा रास्ता जल्द ही पक्की सड़क में बदले और स्कूल जाने वाले बच्चों को हर मौसम में सुरक्षित रास्ता मिल सके।