
सड़क बनवाने कलक्ट्रेट पहुंच गए बच्चे (photo @abhijeet_dipke)
Hamirpur School Road: स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क अगर इतनी खराब हो कि रोजाना बच्चों को परेशानी उठानी पड़े, तो शिकायत करने के लिए आखिर वे कहां जाएं? उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में कुछ स्कूली बच्चों ने इसी सवाल का जवाब अपने तरीके से दिया। सड़क की बदहाली दूर कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कलक्ट्रेट पहुंच गए और जिलाधिकारी से अपनी बात रखने की जिद पर अड़ गए।
मामला मंगलवार का बताया जा रहा है। कुरारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चंदूपुर से जुड़े करीब आधा दर्जन डेरों को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल है। इसी रास्ते से बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। सड़क की स्थिति से परेशान छात्र-छात्राएं नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। उनकी मांग बहुत बड़ी नहीं थी, स्कूल जाने वाली सड़क ठीक करा दी जाए।
कलक्ट्रेट पहुंचने के बाद बच्चों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताने की कोशिश की। वे सीधे डीएम से बात करना चाहते थे। इस दौरान एडीएम, एसडीएम समेत कई अधिकारियों ने बच्चों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांग पर कायम रहे। करीब चार घंटे तक कलक्ट्रेट परिसर में हलचल बनी रही। बच्चों का कहना था कि जब तक उनकी सड़क की समस्या नहीं सुनी जाएगी, वे वापस नहीं जाएंगे। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया।
इसी दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी बच्चों को वहां से हटाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि बच्चों के साथ सख्त लहजे में बात की गई और उन्हें परिसर से बाहर जाने के लिए कहा गया। वायरल वीडियो में एक इंस्पेक्टर को बच्चों को डांटते हुए देखा जा सकता है। कुछ छात्राएं भी पुलिस के सामने अपनी बात रखने की कोशिश करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस के पूरे घटनाक्रम और परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। मामले में प्रशासन या पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
घटना का सबसे ज्यादा चर्चा में आया हिस्सा उन छात्राओं से जुड़ा है, जिन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया। वीडियो में दो बच्चियां जमीन पर बैठकर अपनी मांग दोहराती नजर आती हैं। उनका कहना था कि उन्हें कोई बड़ी सुविधा नहीं चाहिए, बस स्कूल तक जाने वाली सड़क बनवा दी जाए। यही तस्वीर अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। बच्चों के इस विरोध ने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के तरीके पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सोशल मीडिया पर पहुंचने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी बच्चों के समर्थन में पोस्ट किया। उन्होंने बच्चों का वीडियो शेयर करते हुए उनके हौसले की तारीफ की। दीपके ने सवाल उठाया कि अगर बच्चे केवल स्कूल जाने के लिए बेहतर सड़क की मांग कर रहे हैं, तो क्या यह मांग बहुत बड़ी है? उन्होंने ग्रामीण बच्चों और उनके स्कूलों की सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने बच्चों के संघर्ष को सलाम करते हुए लोगों से ग्रामीण भारत के स्कूलों और बच्चों के लिए काम करने का संकल्प लेने की अपील भी की।
हमीरपुर की यह घटना सिर्फ एक सड़क की कहानी नहीं है। यह उन बच्चों की आवाज भी है, जिन्हें रोजाना स्कूल पहुंचने के लिए उसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। बच्चों का कलक्ट्रेट पहुंचना यह बताता है कि स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायत कितनी सुनी गई या नहीं सुनी गई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं वायरल वीडियो ने यह बहस भी छेड़ दी है कि अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास पहुंचे बच्चों से किस तरह संवाद किया जाना चाहिए। फिलहाल बच्चों की मुख्य मांग वही है, स्कूल तक जाने वाली बदहाल सड़क की मरम्मत। अब देखना होगा कि इस विरोध और वायरल वीडियो के बाद प्रशासन सड़क की समस्या पर क्या कदम उठाता है।
Updated on:
12 Aug 2026 02:04 pm
Published on:
12 Aug 2026 02:04 pm
