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राठ नगर की अनोखी परम्परा है रावण दहन

देश भर में दशहरे पर रावण का दहन किया जाता है। वहीं राठ नगर में दीपावली पर रावण दहन की अनूठी परम्परा कई दशकों से चली आ रही है।

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Rath Nagar unique tradition is Ravana combustion in Hamirpur news

हमीरपुर. देश भर में दशहरे पर रावण का दहन किया जाता है। वहीं राठ नगर में दीपावली पर रावण दहन की अनूठी परम्परा कई दशकों से चली आ रही है। रामलीला महोत्सव के दौरान दीपावली में धूमधाम से रावण दहन किया जाता है। भगवान श्री राम और रावण के बीच युद्ध और 20 फीट ऊंचे रावण के पुतले के दहन के समय होती आतिशबाजी विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।

रामलीला महोत्सव के दौरान दीपावली के दिन रामलीला मैदान में राम और रावण के बीच मनोरम एवं रोमांचित करने वाले युद्ध का मंचन किया जाता है। 20 फीट के रावण के पुतले का दहन होगा दीपावली में रावण दहन की परंपरा के बारे में बताया जाता है कि आज से सौ वर्ष पहले जब इस महोत्सव की लघु रूप में शुरूआत हुई थी। तब रामलीला स्थल पर पानी भरा रहता था। इसे सुखाने में विजयादशमीं निकल जाया करती थी। नगर के किसी अन्य स्थान पर रामलीला रावण दहन के लिए उपयुक्त जगह नहीं थी इसी समस्या को लेकर उस समय दशहरे के बाद रामलीला का आयोजन किया जाता था। दीपावली के दिन धूमधाम से रावण दहन किया जाता था।

बताया जाता है कि उस समय स्थानीय लोग ही रामलीला में रामायण के किरदारों का रोल अदा किया करते थे जिनमें हिन्दू एवं मुस्लिम दोनों शामिल रहते थे। इतिहास गवाह है कि पुरातन काल से ही इस नगर कौमी एकता की मिशाल कायम की है। यहां सभी धर्मावलम्बी एक दुसरे के त्योहारों को हंसी ख़ुशी से मिलजुल कर मनाते हैं। उस समय दशहरे के बाद रामलीला प्रारम्भ होती थी तथा दीपावली को रावण वध की लीला के बाद पुतला दहन होता था। समय के साथ बहुत कुछ बदला किन्तु पुरातन काल से चली आ रही दीपावली में रावण दहन की परंपरा अभी तक यथावत कायम है। कुछ वर्षों पहले यहां पर 20 फीट की ऊंचाई वाले लोहे के पुतले को स्थापित कर दिया गया था। जिसे प्रति वर्ष सजाकर इसका दहन किया जाता है। बाकी पूरे वर्ष यह पुतला रामलीला मैदान में यूं ही खड़ा रहता है। समय के साथ रामलीला मेले का स्वरूप भी बदल गया। उस समय छोटे से मेले के रूप में प्रारम्भ होकर आज इसने महोत्सव का रूप ले लिया है।

इस रामलीला महोत्सव में दिन प्रतिदिन चार चांद लगतें नजर आ रहे हैं। रामलीला महोत्सव देखने के लिए नगर व क्षेत्र के ही नहीं अपितु अन्य जनपदों से से भो लोग आते हैं। दीपावली के दिन 20 फीट की ऊंचाई वाले रावण के पुतले का दहन किया जाता है।