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फसल खराबे का मुआवजा मांगने को सड़क पर उतरेंगे किसान, 26000 हैक्टेयर भूमि टिड्डी से हुई प्रभावित

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. जिले में टिड्डी दल ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। अभी तक जिले में २६००० हेक्टैयर से अधिक भूमि टिड्डी से प्रभावित हो चुकी है। खराबे के अनुपात में मुआवजे की मांग कर रहे किसानों ने अब बात नहीं बनने पर सात अगस्त को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।  

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फसल खराबे का मुआवजा मांगने को सड़क पर उतरेंगे किसान, 26000 हैक्टेयर भूमि टिड्डी से हुई प्रभावित

फसल खराबे का मुआवजा मांगने को सड़क पर उतरेंगे किसान, 26000 हैक्टेयर भूमि टिड्डी से हुई प्रभावित

फसल खराबे का मुआवजा मांगने को सड़क पर उतरेंगे किसान, 26000 हैक्टेयर भूमि टिड्डी से हुई प्रभावित
-आक्रोशित किसान अब अपनाएंगे आंदोलन का रास्ता

हनुमानगढ़. जिले में टिड्डी दल ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। अभी तक जिले में २६००० हेक्टैयर से अधिक भूमि टिड्डी से प्रभावित हो चुकी है। खराबे के अनुपात में मुआवजे की मांग कर रहे किसानों ने अब बात नहीं बनने पर सात अगस्त को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। सरकार की ओर से राहत पैकेज की घोषणा नहीं करने से किसान खफा हो रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी हनुमानगढ़ की अगुवाई में किसानों ने सात अगस्त को सभी उपखंड कार्यालयों पर प्रदर्शन कर सरकार को जगाने की बात कही है।
जिला उपाध्यक्ष मंगेश चौधरी ने बताया कि जिले में टिड्डियों से फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसमें नोहर क्षेत्र के नीमला, थिराणा, खुईयां, धानसिया, पांडूसर, जबरासर, मेघाना, दुर्जना, सुदपूरा, भोगराणा, बड़बिराना, राईयावाली, ढाणी रामसरा, भूकरका, बिरकाली, जसाना सहित 40 गांव में काफी नुकसान हुआ है। इसका आंकलन कर उन्होंने सरकार स्तर पर जल्द मुआवजा देने की मांग की है। स्थिति यह है कि दो दिन पहले संभागीय आयुक्त ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। लेकिन प्रभावित किसानों के जख्मों पर कब तक मरहम लगेगा, इस बारे में कोई भी ठोस आश्वासन नहीं दे रहे। इससे किसान काफी हैरान व परेशान हो रहा है।

अब तक कई हमले
हनुमानगढ़ जिले में अभी तक कई बार फसलों पर टिड्डी हमले हो चुके हैं। जिले में पहली बार श्रीगंगानगर की तरफ से २६ मई को टिड्डी दल का हमला हुआ था। इसमें कई क्षेत्रों में खरीफ फसलों को नुकसान हुआ था। राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भिजवाई। लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजा जारी नहीं किया गया है।

राष्ट्रीय आपदा करे घोषित
आंदोलन की अगुवाई करने वाले लोगों का कहना है कि टिड्डी फसलों पर कहर बरपा रही है। ऐसे में सरकार को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर उसी स्तर पर टीमें बनाकर टिड्डी नियंत्रण के प्रयास करने चाहिए। साथ ही विशेष गिरदावरी करवाने का निर्देश शीघ्र जारी करना चाहिए। जिससे किसानों को राहत मिल सके। किसान नेताओं का आरोप है कि वर्तमान में सरकार व जिला प्रशासन किसान हितों को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहा है।
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