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राजनीतिक दबाव के चलते शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई, पहले हो निष्पक्ष जांच

हनुमानगढ़. गांव खोड़ा में प्रधानाचार्य को एपीओ करने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत कार्यवाही करने की मांग को लेकर सोमवार संस्था प्रधानों व रेसला के सदस्यों ने शिक्षामंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि 22 अप्रेल को निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर ने प्रधानाचार्य राउमावि खोडा को एपीओ कर दिया।
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हनुमानगढ़

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Adrish Khan

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Updated: 25 Apr 2022, 10:31 PM IST

राजनीतिक दबाव के चलते शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई, पहले हो निष्पक्ष जांच

राजनीतिक दबाव के चलते शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई, पहले हो निष्पक्ष जांच

राजनीतिक दबाव के चलते शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई, पहले हो निष्पक्ष जांच
- शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री के नाम कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
- गांव खोडां प्रधानाचार्य प्रकरण
हनुमानगढ़. गांव खोड़ा में प्रधानाचार्य को एपीओ करने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत कार्यवाही करने की मांग को लेकर सोमवार संस्था प्रधानों व रेसला के सदस्यों ने शिक्षामंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि 22 अप्रेल को निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर ने प्रधानाचार्य राउमावि खोडा को एपीओ कर दिया। इस प्रकरण की पृष्ठभूमि में खोडां प्रधानाचार्य के अधीनस्थ एक अध्यापक का अवकाश प्रकरण है। इस कार्मिक ने अपनी मर्जी से अनुपस्थित रहना शुरू कर दिया तो प्रधानाचार्य ने नियमानुसार कार्रवाई की। कार्मिक के पुन: कार्यग्रहण करने पर प्रधानाचार्य ने विद्यालय विजिट की। इस दौरान उस अध्यापक ने प्रधानाचार्य के साथ हाथापाई कर राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। अध्यापक ने अपने रसूख का उपयोग कर उस चक के ग्रामीणों को उकसा कर दुर्भावनापूर्ण प्रधानाचार्य को एपीओ करवा दिया। जयपाल सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य खोडां ने राउमावि खोडां में शैक्षणिक एवं भौतिक विकास कार्य उत्तम श्रेणी का करवाते हुए भामाशाह को प्रेरित कर नामांकन 400 से 900 तक पहुंचाया। विद्यालय में भामाशाहों के सहयोग से 13 कक्षाकक्ष का निर्माण करवाया। उच्च श्रेणी के कत्र्तव्यनिष्ठ लोक सेवक पर बिना जांच के एकतरफा कार्यवाही करना मनोबल तोडऩे कदम है। ज्ञापन में प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवा न्याय दिलाने की मांग की गई। प्रतिनिधि मंडल में रेसा पी अध्यक्ष जयपाल सिंह, रेसा अध्यक्ष मनोज पारीक, मंजू टाक, रेणु तनेजा, कमला, विनोद कुमारी, महावीर भाकर, हरलाल ढाका, राजेन्द्र शर्मा, पवन कौशिक, रोहिताश चुघ, गुरतेज सिंह, रेसा अध्यक्ष मनोज पारिक, कुलवंत जांगु, राकेश कासनियां, इकबाल सिहाग, शिव कुमार बिश्नोई, रणवीर साहू, भलवंत सिह, अनुपमा दहिया, सरोजनी आदि शामिल रहे।