8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फसल बीमा में धोखाधड़ी का आरोप, किसानों ने क्लेम जारी करवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. जिले में नोहर तहसील के गांव ढंढ़ेला के किसानों ने शुक्रवार को कलक्टर को खरीफ फसल का बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2020 की खरीफ की फसल मूंग, मोठ, ग्वार का फसली बीमा बैंक व सीएससी ईमित्र के माध्यम से करवाया था।  
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

हनुमानगढ़

•

image

Purushotam Jha

•

Updated: 19 Jun 2021, 9:03 AM IST

फसल बीमा में धोखाधड़ी का आरोप, किसानों ने क्लेम जारी करवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन

फसल बीमा में धोखाधड़ी का आरोप, किसानों ने क्लेम जारी करवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन

फसल बीमा में धोखाधड़ी का आरोप, किसानों ने क्लेम जारी करवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़. जिले में नोहर तहसील के गांव ढंढ़ेला के किसानों ने शुक्रवार को कलक्टर को खरीफ फसल का बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2020 की खरीफ की फसल मूंग, मोठ, ग्वार का फसली बीमा बैंक व सीएससी ईमित्र के माध्यम से करवाया था। फसल खरीफ 2020 की गिरदावरी राजस्व पटवारी द्वारा स्वयं व अपने एजेंट के माध्यम से की। किंतु इन लोगों ने बीमा इंचार्ज से मिलकर पूरे गांव में मात्र 63 व्यक्तियों को ही बीमा का लाभ प्राप्त करवाया। शेष काश्तकारों को बीमा लाभ से वंचित किया है। जिन 63 व्यक्तियों को बीमा लाभ दिया गया है उनकी पटवारी हल्का ने गिरदावरी फर्जी तौर पर करते हुए उनके खेतों में मूंगफली की फसल गिरदावरी में दिखाई है। जबकि इन खेतों में डिग्गी ट्यूबवेल नहीं बने हंै। नहरी मूंगफली की फसल यहां 2020 में किसी भी काश्तकार ने काश्त नहीं की है। इसके अलावा जिन लोगों का बीमा आया है वह उनकी कृषि भूमि से अधिक कृषि का आया है, उन लोगों के नाम से राजस्व रिकार्ड में भूमि कम है। आरोप है कि बीमा योजना के क्रियान्वयन में शामिल कार्मिकों ने अपने चहते लोगों को लाभ पहुंचाया है। किसानों ने कलक्टर को ज्ञापन देकर खरीफ फसल 2019-2020 की बीमा राशि दिलवाई जाकर आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच करवाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में रामजीलाल घोड़ेला, प्रताप सिंह, सुभाष चंद्र कस्वां, तेजपाल शर्मा, राजेंद्र, नरसीराम, धर्मपाल, शंकरलाल कड़वासरा, साहबराम भांभू, मोहर सिंह कस्वां, कृष्णलाल बेरड़, नत्थूराम,दलीप आदि शामिल थे।