
हनुमानगढ़ जंक्शन मंडी में बुधवार को गेहूं की सरकारी खरीद का शुभारंभ करते कलक्टर डॉ.खुशाल यादव व मौजूद व्यापारी।
हनुमानगढ़ जंक्शन व पीलीबंगा मंडी मेें एमएसपी पर शुरू हुई सरकारी खरीद
खबर छपी तो अफसर निकले बाहर, मंडियों में बदले हालात
हनुमानगढ़. सरकारी तंत्र की सुस्ती का खमियाजा भुगत रहे किसानों को बुधवार को कुछ राहत मिली। कलक्टर डॉ.खुशाल यादव ने मंडियों में जाकर हालात देखे तो तस्वीरें काफी हैरान करने वाली नजर आई। मंडियों के स्थिति यह थी कि खरीद एजेंसियों ने अभी तक मंडियों में गेहूं ढेरियों की जांच तक नहीं की थी। आधे दिन तक चली मशक्कत के बाद आखिरकार हनुमानगढ़ जंक्शन व पीलीबंगा मंडी में एमएसपी पर गेहूं खरीद शुरू करवाई गई। सरकारी खरीद से संबंधित कई तरह के विघ्न दूर होते ही दोनों मंडियों में खरीद का श्रीगणेश किया गया।
जंक्शन धान मंडी में मक्कासर के किसान पुरुषोत्तम लाल शर्मा की गेहूं ढेरी का सरकारी भाव लगाकर खरीद का शुभारंभ किया गया। मौके पर नमी मीटर से ढेरियों की जांच की गई। इसमें नमी 11.75 प्रतिशत मिलने पर तत्काल सरकारी खरीद शुरू की गई। नियमानुसार 12 प्रतिशत तक नमी रहने पर खरीद की जा सकती है। खरीद एजेंसी तिलम संघ की ओर से जंक्शन व पीलीबंगा मंडियों में सरकारी खरीद का शुभारंभ किया गया। इस बार मंडियों में एफसीआई, आरएसएफसीएससी, नेफेड, तिलम संघ आदि एजेंसियां भी खरीद करेगी।
जंक्शन मंडी में खरीद शुरू करने के दौरान व्यापार संघ अध्यक्ष पदम जैन, व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मवीर जिंदल, फूडग्रेन व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र गर्ग, पूर्व अध्यक्ष प्यारेलाल बंसल आदि उपस्थित रहे। कृषि विपणन विभाग के उपनिदेशक विष्णुदत्त शर्मा, अतिरिक्त सचिव विनिता लोहमरोड, लेखाधिकारी मांगीलाल शर्मा, पर्यवेक्षक आशाराम, एफसीआई के अधिकारी निशांत तथा आरएसएफसीएससी के हनुमान प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले बुधवार को खाद्य मंत्रालय की ओर से गठित टीम ने जिले की मंडियों में जाकर गेहूं के सेंपल लिए। इसकी जांच के बाद खरीद नियमों में छूट मिलने की संभावना है। जिले में वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार अलग से 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी। इस बार किसानों को गेहूं बेचने पर प्रति क्विंटल 2735 रुपए का भुगतान किया जाएगा।
केवल दो केंद्रों पर शुरू
हनुमानगढ़ जिले में एमएसपी पर गेहूं खरीद को लेकर अबकी बार 66 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। कुछ फोकल प्वाइंट को जोड़ दें तो कुल 83 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें से अब तक केवल दो केंद्रों पर खरीद शुरू की गई है। जिले में अब तक 41273 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन करवाया है।
दर्द को आवाज
किसानों के दर्द को राजस्थान पत्रिका ने आवाज देकर प्रमुखता से समाचारों का प्रकाशन किया। पत्रिका के 08 अप्रेल के अंक में ‘भीग रही ढेरियां, किसान किस जगह जाकर बेचे फसल, कोई बताने को नहीं तैयार’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित करके किसानों के दर्द को आवाज देने की कोशिश की। इसके बाद अधिकारी बुधवार को चैम्बर से बाहर निकलकर मंडियों में पहुंचे। इस तरह जिले की दो मंडियों में खरीद शुरू करवाई गई।
जल्द राहत की उम्मीद
जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बुधवार को मंडी यार्ड के प्लेटफॉर्म 1 व 2 का निरीक्षण कर किसानों व व्यापारियों से चर्चा की। सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि मंडी में गेहूं पहुंचते ही त्वरित गुणवत्ता जांच कर खरीद प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने ढेरीवार गुणवत्ता परीक्षण की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान व्यापारियों द्वारा बारिश के कारण गुणवत्ता में आई कमी को देखते हुए छूट देने का आग्रह किया गया। जिस पर जिला कलक्टर ने बताया कि गुणवत्ता मानकों में राहत के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और शीघ्र निर्णय की संभावना है।
इतना होगा भुगतान
कलक्टर ने बताया कि आरएमएस 2026-27 के तहत गेहूं खरीद 16 मार्च से 31 मई 2026 तक होगी। जबकि पंजीकरण 25 मई तक किया जा सकेगा। यदि कोई किसान निर्धारित तुलाई तिथि पर नहीं पहुंच पाता है तो वह उसी या अगले सप्ताह किसी भी दिन अपनी फसल लेकर आ सकता है। हालांकि उसकी तुलाई दोपहर तीन बजे के बाद की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा एमएसपी पर 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस घोषित किए जाने से किसानों को कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा।
पिछले वर्ष इतने का हुआ था भुगतान
हनुमानगढ़ जिले में वर्ष 2025-26 में कुल 58 खरीद केंद्र स्थापित किए गए थे। इसमें 46 हजार किसानों से 8.62 लाख एमटी गेहंू खरीदी गई थी। इसकी एवज में किसानों को 2219 करोड़ का भुगतान किया गया था। पूरे प्रदेश में सबसे अधिक गेहूं हनुमानगढ़ में खरीदा गया था। इस बार तैयारियां समय पर पूर्ण नहीं होने की वजह से अब तक दो केंद्रों पर खरीद शुरू हो पाई है। इससे किसान परेशान हो रहे हैं। दो किसानों से खरीद के उपरांत अब तक भुगतान किसी को नहीं किया गया है। बम्पर उत्पादन के बावजूद किसानों के हाथ खाली हैं।
Published on:
08 Apr 2026 08:15 pm
बड़ी खबरें
View Allहनुमानगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
