पिटने लगी बारियां, बीके अध्यक्षों में नाराजगी, कई नहर अध्यक्षों ने जल्द पिटी बारियों की भरपाई करने की मांग की

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हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में तीन दिन पहले पानी की मात्रा घटाने के कारण क्षेत्र की कई नहरें अब पिटने लगी है। लेकिन पानी की मात्रा नहीं बढऩे से सिंचाई पानी का संकट लगातार बढ़ता ही जा रहा है। भाखड़ा जल उपयोक्ता संगठन समिति के कई बीके अध्यक्षों ने बुधवार को हनुमानगढ़ पहुंचकर पिटी बारियों की भरपाई करवाने की मांग विभागीय अधिकारियों से की।

 

By: Purushottam Jha

Published: 27 Jan 2021, 07:09 PM IST

पिटने लगी बारियां, बीके अध्यक्षों में नाराजगी
-कई नहर अध्यक्षों ने ज्ञापन भेजकर जल्द पिटी बारियों की भरपाई करने की मांग की

हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में तीन दिन पहले पानी की मात्रा घटाने के कारण क्षेत्र की कई नहरें अब पिटने लगी है। लेकिन पानी की मात्रा नहीं बढऩे से सिंचाई पानी का संकट लगातार बढ़ता ही जा रहा है। भाखड़ा जल उपयोक्ता संगठन समिति के कई बीके अध्यक्षों ने बुधवार को हनुमानगढ़ पहुंचकर पिटी बारियों की भरपाई करवाने की मांग विभागीय अधिकारियों से की। इस मौके पर भाखड़ा जल उपयोक्ता संगठन समिति लीलांवाली वितरिका के चैयरमेन उश्नाक मोहम्मद जोइया, बीके ३३ के अध्यक्ष सोहन सिंह, बीके ४२ के अध्यक्ष लालजीत सिंह व बीके २६ के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। मुख्य अभियंता के नाम प्रेषित ज्ञापन में बताया गया है कि चौबीस जनवरी को राजस्थान फीडर के टूटने के कारण एलएलडब्ल्यू, एमएमके, जेआरके आदि नहरों को बंद कर दिया गया। इस समय फसल पकाव अवस्था में है। पानी की काफी जरूरत है। जल्द सिंचाई पानी की भरपाई कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की गई है। गौरतलब है कि इंदिरागांधी नहर पंजाब भाग के आरडी ४३३ के पास २४ जनवरी को लीकेज आने के कारण पंजाब ने सुरक्षा का हवाला देकर तत्काल पानी को घटा दिया था। इससे आईजीएनपी में पानी की मात्रा घटकर करीब दो हजार क्यूसेक हो गई थी। इससे भाखड़ा व इंदिरागांधी परियोजना की कई नहरों पर विपरीत असर पड़ा है। काफी संख्या में किसानों की बारियां पिटने से इनमें रोष भी बढऩे लगा है। वहीं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब इंदिरागांधी नहर में २७ जनवरी की सुबह से पानी बढ़ाने का क्रम शुरू कर दिया गया है। अब इस नहर में पांच हजार क्यूसेक से अधिक पानी प्रवाहित होने लगा है। हालांकि राजस्थान का शेयर ९१४५ क्यूसेक निर्धारित है। शेयर के अनुसार नहर में पानी प्रवाहित करने में अभी दो-तीन दिन का वक्त लग सकता है। जल संसाधन विभाग रेग्यूलेशन विंग के अभियंताओं के अनुसार पंजाब ने पानी बढ़ाने का इंडेंट बीबीएमबी को भेज दिया है। इसका असर नहरों में नजर आने लगा है। जबकि चौबीस जनवरी की दोपहर में सरहिंद फीडर की लाइनिंग कार्य के दौरान राजस्थान फीडर व सरहिंद फीडर के कॉमन बैंक में बड़ा सुराख बन गया था। इससे राजस्थान फीडर में बड़ा लीकेज बन गया। इसे रोकने के लिए मौके पर लाइनिंग कार्य में जुटी टीम ने मिट्टी आदि डालकर सुराख को बंद करवाया। इससे नहर को टूटने से बचा लिया गया। पंजाब की ओर से पानी घटाने के संबंध में जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ की टीम ने शासन सचिव राजस्थान को भी अवगत करवा दिया है। अब उच्च स्तर पर पानी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पंजाब सुरक्षा दृष्टि से नहर में पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाने पर सहमत हो रहा है। इससे भविष्य में तय शेयर के अनुसार नहरों में पानी चलने की उम्मीद जगी है।

कर रहे समीक्षा
जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बताया कि पंजाब भाग में आईजीएनपी के क्षतिग्रस्त होने के कारण इसमें पानी की मात्रा काफी कम कर दी गई है। पंजाब से लगातार समन्वय बनाकर तय शेयर के अनुसार पानी चलाने का आग्रह किया जा रहा है। लेकिन पंजाब के अधिकारी सुरक्षा का कारण बताकर नहर में पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाने की बात कह रहे हैं।

Purushottam Jha Reporting
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