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‘सलाह नहीं सहयोग करें तभी राष्ट्र और समाज का विकास संभव’

- भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद अविनाश खन्ना की पुस्तक का विमोचन- विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र सेवा के लिए करवाए पांच संकल्प
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हनुमानगढ़

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Manoj Goyal

•

Updated: 25 Apr 2022, 8:46 PM IST

'सलाह नहीं सहयोग करें तभी राष्ट्र और समाज का विकास संभव'

'सलाह नहीं सहयोग करें तभी राष्ट्र और समाज का विकास संभव'

हनुमानगढ़. भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद अविनाश खन्ना ने कहा कि हर व्यक्ति को सलाह नहीं देनी चाहिए बल्कि सहयोग करना चाहिए, तभी राष्ट्र और समाज का विकास संभव है। उन्होंने एक कहानी का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज में बुराइयां हैं, मुसीबतें हैं, परेशानियां हैं लेकिन उनके हल भी हैं। हम सबको हल को लेकर चिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति समाज के विकास में अपना योगदान दे सकता है और समस्याओं को हल करने में भागीदार बन सकता है। अविनाश खन्ना सोमवार को यहां एसकेडी यूनिवर्सिटी में अपनी पुस्तक समाज चिंतन के विमोचन अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। यूनिवर्सिटी के सभागार में हुए समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए कहा कि पांच मुख्य विषय है, जिनमें हर व्यक्ति अकेला और समूह में रूप में कार्य कर सकता है। उन्होंने कहा कि इन पांचों विषयों पर कार्य करके प्रत्येक विकास राष्ट्र के विकास में भागीदार बनेगा और उसे आत्मसंतुष्टि भी होगी।
खन्ना ने कहा कि पहला कार्य है, जल की बचत, दूसरा कार्य है ऊर्जा की बचत, तीसरा कार्य है पर्यावरण संरक्षण, चौथा कार्य है नशा मुक्त भारत और पांचवां कार्य है स्वच्छ भारत। उन्होंने कहा कि इन पांचों ही कार्यों में व्यक्तिगत भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि इन में हम व्यक्तिगत रूप से कार्य कर सकते हैं और समूह के रूप में कार्य कर सकते हैं। जल, ऊर्जा, पर्यावरण, नशा मुक्ति और स्वच्छता पर हमें स्वयं पहल करनी होगी। इनको अपने जीवन में आत्मसात करना होगा। सबसे पहले हम जल और ऊर्जा बचाएं, पौधे लगाएं, नशा त्यागें और साफ सफाई करें। फिर समूह बना कर अपने मौहल्ले, गांव, शहर में यह कार्य करें। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब स्वयं यह कार्य करेगा तो समाज में अपने आप चेतना आ जाएगी। खन्ना ने कहा कि इन पांच कार्यों में स्कूल और कॉलेज के शिक्षक और विद्यार्थी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पांचों कार्यों को करने का संकल्प करवाया।
उन्होंने अपनी पुस्तक समाज चिंतन का जिक्र करते हुए कहा कि पुस्तक में उन्होंने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन के दौरान मिले अनुभवों को शब्दों के माध्यम से समाज के समक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि नौ अध्यायों में विभक्त पुस्तक में उन्होंने समाज, समस्याओं का निदान, खतरे, शिक्षा और स्वास्थ्य, धार्मिक संस्कृति को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिक भी शामिल हुए। एसकेडी यूनिवर्सिटी निदेशक एवं गुरु गोविन्द सिंह चैरीटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबू लाल जुनेजा ने स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप, भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्रोई, जिला महामंत्री जुगल किशोर, पूर्व प्रवक्ता जेपी सिंह, साहित्यकार नरेश मेहन, अशोक गाबा, डॉ. संतोष राजपुरोहित, एसकेडी कुलपति डॉ. एसके दास, प्रशासक डॉ. सीएस राघव, डॉ.कोविंद कुमार आदि शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन भीष्म कौशिक ने किया।