मजदूर-अभियंता दोनों को काम के बदले पूरा दाम मिलने का इंतजार

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हनुमानगढ़. पूरे काम के बदले पूरा दाम लेने के लिए अभियंता व मनरेगा मजदूर दोनों संघर्षरत हैं। गत दिनों मनरेगा मजदूरों ने जहां पूरी मजदूरी दिलाने को लेकर संघर्ष किया था।

 

By: Purushottam Jha

Published: 26 Dec 2020, 09:27 AM IST

मजदूर-अभियंता दोनों को काम के बदले पूरा दाम मिलने का इंतजार
-मनरेगा में चलाया पूरा काम तो पूरा दाम अभियान, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग
हनुमानगढ़. पूरे काम के बदले पूरा दाम लेने के लिए अभियंता व मनरेगा मजदूर दोनों संघर्षरत हैं। गत दिनों मनरेगा मजदूरों ने जहां पूरी मजदूरी दिलाने को लेकर संघर्ष किया था। वहीं अब पंचायतीराज विभाग के अभियंता व कनिष्ठ तकनीकी सहायक भी आंदोलन में कूद पड़े हैं। इससे प्रदेश मेें मनरेगा योजना काफी हद तक प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज इंजीनियर्स एसोसिएशन राजस्थान के आह्वान पर सभी अभियंता व तकनीकी सहायक सामूहिक अवकाश की घोषणा कर राजकार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। इससे मनरेगा में मस्टरोल पारित करने से लेकर कार्यों के निरीक्षण आदि वर्क प्रभावित हो रहे हैं। गौरतलब है कि मनरेगा मजदूरों को पूरी मजदूरी दिलाने को लेकर राज्य सरकार गत पखवाड़े से पंद्रह फरवरी तक 'पूरा काम तो पूरा दामÓ मुहिम भी चला रही है। परंतु अब अचानक तकनीकी स्टॉफ के हड़ताल पर जाने से मनरेगा योजना में कार्य स्वीकृति से लेकर भी तरह के वर्क प्रभावित हो रहे हैं। अभियंताओं की मानें तो पदोन्नति नहीं मिलने के कारण उन्हें प्रतिमाह करीब पांच हजार रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्हें काम के बदले पूरा दाम देने को लेकर सरकार गंभीर नहीं हो रही है। वहीं वर्तमान में राजस्थान में मनरेगा योजना के तहत मजदूरों के लिए २२० रुपए प्रतिदिन मजदूरी दर निर्धारित है। मगर सरकारी तंत्र की लापरवाही से मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिल पा रही। प्रदेश में कई जिले तो ऐसे हैं जहां पर जीतोड़ मेहनत के बाद भी मजदूरों को करीब डेढ़ सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी लेने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। पूरे राज्य में बीते नवम्बर माह में मनरेगा में औसत मजदूरी १७७ रुपए प्रतिदिन रही। इस स्थिति में सरकार ने इस माह पूरी मजदूरी दिलाने को लेकर मुहिम चलाने का निर्णय लिया था। लेकिन तकनीकी स्टॉफ के हड़ताल पर जाने के कारण स्थिति अजीब बनती जा रही है।

इन मांगों को लेकर कर रहे कार्य बहिष्कार
पंचायतीराज विभाग में लगे सहायक अभियंता पदोन्नति नहीं मिलने व कनिष्ठ तकनीकी सहायक मानदेय बढ़ाने व जिले से बाहर तबादला करने सहित अन्य मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। सरकार को भेजे गए ज्ञापन में बताया है कि वित्त विभाग की ओर से मिली सहमति के क्रम में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से १५ दिसम्बर २०२० को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक होनी थी। लेकिन अब इस पदोन्नति को स्थगित कर दिया गया है। वित्त विभाग के आदेशों की पालना नहीं होने तथा पदोन्नति में हो रही देरी से आक्रोशित अभियंताओं ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है। वहीं तकनीकी सहायकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति २००८ में की गई थी। इसके बाद से उनका मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर तनकीकी स्टॉफ भी हड़ताल पर चले गए हैं।

इतने को रोजगार
हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा में एक अप्रेल से पिछले पखवाड़े तक १६१६७३ परिवार को रोजगार दिया गया है। दस दिसम्बर तक इन परिवारों को १२७५८.१८ लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया था। इस पखवाड़े तकनीकी स्टॉफ की हड़ताल के कारण सभी तरह के कार्यो पर असर पडऩे की आशंका है।

.....फैक्ट फाइल....
-हनुमानगढ़ जिले में कुल ४६ कनिष्ठ तकनीकी सहायक कार्यरत हैं।
-प्रदेश मे पंचायतीराज विभाग के ३०० से अधिक अभियंता हड़ताल पर हैं।
-पदोन्नति नहीं मिलने के कारण अभियंताओं को ५००० रुपए मासिक उठाना पड़ रहा आर्थिक नुकसान।
-मनरेगा के तहत प्रदेश में मजदूरी दर २२० रुपए प्रतिदिन निर्धारित है।
-नवम्बर में प्रदेश में औसत मजदूरी १७७ रुपए प्रतिदिन रही।
-हनुमानगढ़ जिले में चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा में एक अप्रेल से पिछले पखवाड़े तक १६१६७३ परिवार को दिया गया रोजगार।

......वर्जन....
बना रहे व्यवस्था
अभियंताओं व तकनीकी स्टॉफ की हड़ताल की वजह से सरकार ने कार्य व्यवस्था के तहत अब वॉटरशैड में लगे अभियंताओं को पंचायतीराज विभाग का अस्थाई चार्ज देकर कार्य करवाने का आदेश जारी किया है। इसकी पालना करवा रहे हैं।
-परशुराम धानका, सीईओ, जिला परिषद हनुमानगढ़

Purushottam Jha Reporting
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