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दर्द और भ्रम का डर भगाकर पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार व परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, केन्द्र सरकार के निर्देश पर अगले सप्ताह से पुरूष नसबंदी पखवाड़ा प्रारंभ होगा। इसके दो चरण होंगे।

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दर्द और भ्रम का डर भगाकर पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास

दर्द और भ्रम का डर भगाकर पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास

दर्द और भ्रम का डर भगाकर पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास
- परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए चलाएंगे अभियान
- पुरूष नसबंदी पखवाड़ा 21 से
हनुमानगढ़. प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार व परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, केन्द्र सरकार के निर्देश पर अगले सप्ताह से पुरूष नसबंदी पखवाड़ा प्रारंभ होगा। इसके दो चरण होंगे। 21 नवम्बर से शुरू हो रहा पखवाड़ा मोबिलाइजेशन व सेवा वितरण सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. अरूण चमडिय़ा ने बताया कि परिवार नियोजन में पुरूषों की साझेदारी, जीवन में लाए स्वास्थ्य और खुशहाली" स्लोगन पर आधारित नसबंदी पखवाड़ा दो चरणों में मनाया जाएगा। इसका पहला चरण 21 से 27 नवम्बर तक मोबिलाइजेशन सप्ताह के रूप में तथा दूसरा चरण 28 से 4 दिसम्बर तक सेवा वितरण सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मोबिलाइजेशन सप्ताह में जनसंख्या स्थिरीकरण में पुरूषों की भागीदारी सुनिश्चित करने एवं राज्य में पुरूष नसबंदी (एनएसवी) कार्यक्रम को सुचारू करने के उद्देश्य से पुरूष नसबंदी का अधिकाधिक जागरुकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
एसीएमएचओ (परिवार कल्याण) डॉ. पवन छिम्पा ने बताया कि पुरूष नसबंदी पखवाड़े में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में लोगों को परिवार नियोजन में सहभागिता, परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी, परिवार सीमित रखने, सीमित परिवार के लाभों, प्रसव के बाद की परिवार कल्याण सेवाएं, गर्भपात के बाद की परिवार कल्याण सेवाएं, विवाह की सही आयु, विवाह के कम से कम दो वर्ष बाद पहली संतान, दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखने आदि परिवार नियोजन संबंधी जानकारी देकर इसके लिए प्रेरित करेंगी।
पालना का आदेश
डॉ. छिम्पा ने बताया कि इस बार कोरोना वैश्विक महामारी के चलते कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत के कण्टेनमेण्ट जोन को छोड़कर गाइडलाइन की अनुपालना करते हुए सोशल डिस्टेंसिग, मास्क पहनना व सेनेटाइजेशन आदि के उपयोग का पूरा पालन किया जाएगा। इस दौरान प्रथम चरण में आयोजित होने वाले मोबिलाइजेशन सप्ताह के अंतर्गत जिले की एएनएम व आशा सहयोगिनियों की ओर से योग्य दम्पतियों का सर्वे कर पुरूष गर्भनिरोधक साधनों के लिए संवेदीकरण व पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ओर से सर्वे के दौरान पुरूष नसबंदी संबंधित भ्रामक बातों को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक कर जनसंख्या स्थिरीकरण में पुरूषों को भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सेवा वितरण सप्ताह के अन्तर्गत जिले के चिन्हित राजकीय जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लाभार्थियों को परामर्श देकर नसबंदी शिविर लगाए जाएंगे।