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फसली ऋण वितरण योजना में बदलाव, जीआरए कमेटी करेगी फसली ऋण की शिकायतों का निस्तारण

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. फसली ऋण वितरण की प्रक्रिया में सहकारिता विभाग ने हाल ही में कई तरह के बदलाव किए हैं। इसमें अविधपार ऋणी किसानों को अब फिर से फसली ऋण मिलने की उम्मीद जगी है। विभागीय निर्देशों के मुताबिक सहकारी बैंकों के ऐसे ऋणी जो वर्तमान में अवधिपार श्रेणी में हैं तथा जिनका ऋण माफी योजना के तहत ऋण माफ नहीं हुआ है।  

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फसली ऋण वितरण योजना में बदलाव, जीआरए कमेटी करेगी फसली ऋण की शिकायतों का निस्तारण

फसली ऋण वितरण योजना में बदलाव, जीआरए कमेटी करेगी फसली ऋण की शिकायतों का निस्तारण

फसली ऋण वितरण योजना में बदलाव, जीआरए कमेटी करेगी फसली ऋण की शिकायतों का निस्तारण
-अब अवधिपार श्रेणी के किसानों में भी फसली ऋण मिलने की जगी उम्मीद
हनुमानगढ़. फसली ऋण वितरण की प्रक्रिया में सहकारिता विभाग ने हाल ही में कई तरह के बदलाव किए हैं। इसमें अविधपार ऋणी किसानों को अब फिर से फसली ऋण मिलने की उम्मीद जगी है। विभागीय निर्देशों के मुताबिक सहकारी बैंकों के ऐसे ऋणी जो वर्तमान में अवधिपार श्रेणी में हैं तथा जिनका ऋण माफी योजना के तहत ऋण माफ नहीं हुआ है। ऐसे मामलों में मूल राशि के बराबर पुन: ऋण देने का फैसला सरकार स्तर पर लिया गया है। बैंक स्टॉफ के अनुसार संबंधित किसान की ओर से ऋण राशि जमा करवाने के बावजूद भूलवश कई किसानों को डिफाल्टर की श्रेणी में रख दिया गया।
इसके बाद से इन्हें फसली ऋण वितरण में दिक्कतें आ रही थी। लेकिन अब सहकारिता विभाग ने निर्देश जारी कर बायोमैट्रिक सत्यापन से वंचित प्रकरणों का निस्तारण जीआरए के माध्यम से करवाने की बात कही है। इसके अलावा ऐसे प्रकरणों में जिनमें ऋण माफी पोर्टल पर पैक्स/लैम्पस व्यवस्थापक की ओर से त्रुटिवश अवधिपार के रूप में अपलोड कर माफी प्रदान कर दी गई। मगर वास्तव में वह अनावधिपार है तो ऐसे प्रकरण का निस्तारण भी अब ग्रिवेंस, रीड्रिजल ऑथोरिटी (जीआरए) स्तर पर करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। चालू खरीफ सीजन में ३१ अगस्त तक फसली ऋण का वितरण किया जाएगा। इसके तहत अभी तक प्रदेश में लाखों किसानों को ऋण वितरित किया जा चुका है। हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो जुलाई २०२० तक केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ की पोर्टल पर १०२१९८ किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका था। खरीफ २०२० में बैंक ने जुलाई तक ३४०.९८ करोड़ का ऋण वितरित कर दिया। इसके बाद भी लगातार ऋण आवेदन स्वीकृत किए जा रहे हैं। विभाग स्तर पर फसली ऋण वितरण प्रक्रिया में किए गए बदलावों से प्रदेश के हजारों किसानों को फायदा होगा।

यह लेते निर्णय
ग्रिवेंस, रीड्रिजल ऑथोरिटी (जीआरए) में तीन सदस्य होते हैं। इनमें संबंधित सहकारी बैंक का शाखा प्रबंधक, संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति का व्यवस्थापक व सहकारिता विभाग का इंस्पेक्टर शामिल होता है। तीनों सदस्यों की सहमति से प्रकरणों का निस्तारण किया जाता है।

.....वर्जन....
मिले हैं निर्देश
अवधिपार वाले प्रकरणों में भी अब किसानों को फसली ऋण दिया जा सकेगा। इस संबंध में मुख्यालय से निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस बारे में संबंधित शाखा प्रबंधकों को अवगत करवा दिया गया है।
-दीपक कुक्कड़, एमडी, केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़