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इतिहास के पुराने पन्ने पलटे तो रोमांचित हुए लोग

हनुमानगढ़. जिले की पीलीबंगा तहसील में स्थित कालीबंगा संग्रहालय में विश्व धरोहर सप्ताह 2025 का आयोजन किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जोधपुर मंडल अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. इजहार आलम हाशमी के मार्गदर्शन में बुधवार को कालीबंगा संग्रहालय में विश्व धरोहर सप्ताह 2025 के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम आयोजित हुए।

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हनुमानगढ़: कालीबंगा संग्रहालय का बुधवार को अवलोकन करते अतिथि व अन्य।

हनुमानगढ़: कालीबंगा संग्रहालय का बुधवार को अवलोकन करते अतिथि व अन्य।

-विश्व प्रसिद्ध कालीबंगा संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को मिट्टी के बर्तन बनाने की कला बताई
-हड़प्पाकालीन वस्तुओं को देख इनकी विशेषता जानने के प्रति विद्यार्थियों ने दिखाई उत्सकुता
हनुमानगढ़. जिले की पीलीबंगा तहसील में स्थित कालीबंगा संग्रहालय में विश्व धरोहर सप्ताह 2025 का आयोजन किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जोधपुर मंडल अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. इजहार आलम हाशमी के मार्गदर्शन में बुधवार को कालीबंगा संग्रहालय में विश्व धरोहर सप्ताह 2025 के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम आयोजित हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पीलीबंगा एसडीएम उमा मित्तल मौजूद रहीं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में भगवान सिंह ने शिरकत की। वक्ताओं ने कहा कि विश्व धरोहर सप्ताह 19 नवम्बर से 25 नवम्बर तक प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस सप्ताह का उद्देश्य लोगों में विश्व की सांस्कृतिक धरोहर के महत्व के प्रति जागरुकता बढ़ाना और इसके संरक्षण एवं सुरक्षा को प्रोत्साहित करना है। ताकि यह आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित रह सके।
कालीबंगा संग्रहालय का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश-दुनिया के प्रसिद्ध संग्रहालयों में शुमार हैं। यहां हड़प्पाकालीन सभ्यता से जुड़ी कई यादगार वस्तुएं संग्रहालय में रखी गई है। नगर सभ्यता की दिशा में इसकी देश-दुनिया में अलग ही पहचान है। कालीबंगा में खुदाई के दौरान मिली पुरा वस्तुओं को लेकर जब संग्रहालय स्टॉफ ने जानकारी दी तो मौजूद लोगों में उत्सकुता का माहौल बन गया।
वक्ताओं ने इतिहास के पुराने पन्ने पलटे तो मौके पर मौजूद लोग रोमांचित नजर आए। कालीबंगा संग्रहालय में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने ड्राइंग, रंगोली और क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें सभी ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में बच्चों को मिट्टी के बर्तन बनाने की कला बताई गई। इसके लिए कुम्हार के साथ चाक की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत हेरिटेज वॉक और संग्रहालय भ्रमण से की गई। जिससे विद्यार्थियों और आगंतुकों को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से अवगत कराया गया। इस अवसर पर एसडीएम उमा मित्तल ने भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। जो 25 नवम्बर 2025 तक आगंतुकों के लिए खुली रहेगी। प्रतियोगिता के बाद विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। आयोजन की सफलता में कालीबंगा संग्रहालय प्रभारी चंद्रप्रकाश उपाध्याय, ईश्वर, समुंदर सिंह, इंद्रपाल, मनोहर सिंह और अन्य संग्रहालय स्टाफ की सहयोगी भूमिका रही। बुधवार को संग्रहालय में विजिटर की एंट्री नि:शुल्क रखी गई। पर्यटकों के लिए बुधवार को नि:शुल्क प्रवेश रखने से काफी संख्या में लोगों ने संग्रहालय में रखी वस्तुओं का अवलोकन किया।