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एक ‘ड्राइ डे’ अब मच्छरों से निजात के लिए भी जरूरी

अदरीस खान @ हनुमानगढ़. स्वतंत्रता दिवस सहित कई चुनिंदा दिनों पर आबकारी विभाग की ओर से ड्राई डे घोषित कर शराब ठेके बंद रखवाए जाते हैं। अब एक ड्राई डे चिकित्सा विभाग भी लोगों से मनाने की अपील कर रहा है।

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एक 'ड्राइ डे' अब मच्छरों से निजात के लिए भी जरूरी

एक 'ड्राइ डे' अब मच्छरों से निजात के लिए भी जरूरी

एक 'ड्राइ डे' अब मच्छरों से निजात के लिए भी जरूरी
- सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाकर घरों में साफ-सफाई की अपील
- मच्छर जनित रोगों पर लगाम की कवायद
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. स्वतंत्रता दिवस सहित कई चुनिंदा दिनों पर आबकारी विभाग की ओर से ड्राई डे घोषित कर शराब ठेके बंद रखवाए जाते हैं। अब एक ड्राई डे चिकित्सा विभाग भी लोगों से मनाने की अपील कर रहा है। हालांकि यह वाला सूखा दिवस आबकारी महकमे वाले ड्राई डे से बिल्कुल ही अलग है। वहां शराब का सूखा रखा जाता है तो यहां मतलब केवल पानी से है। दरअसल, मच्छरों से निजात के लिए चिकित्सा विभाग हर सप्ताह एक दिन खासकर रविवार को ड्राई डे मनाने की अपील कर रहा है।
क्योंकि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। कई दिनों से जमा तथा ठहरे पानी की साफ-सफाई नहीं होने से मच्छरों की भरमार हो सकती है जो मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारी का कारण बन सकते हैं। अत: चिकित्सा विभाग अपने स्तर पर किए जाने वाले कार्यों एवं प्रयासों के अतिरिक्त लोगों से भी जागरूक होकर एक दिन विशेष साफ-सफाई करते हुए सूखा दिवस मनाने को कह रहा है। वैसे अगर कोरोना संक्रमण संकट में अन्य मौसमी बीमारियों की बात करें तो बीते एक बरस में उनका कहर कम ही रहा। स्वास्थ्य महकमे से लेकर आमजन तक पर केवल कोरोना का भय ही छाया रहा। ऐसे में मलेरिया, डेंगू जैसे रोगों पर ध्यान नहीं गया एवं रिपोर्ट नहीं हुए या फिर वास्तव में लोग इनकी चपेट में कम आए होंगे। क्योंकि आंकड़े तो बहुत कम ही रहे। यद्यपि तुलनात्मक रूप से मच्छर जनित रोगों में डेंगू के केस सर्वाधिक सामने आए थे।


जागरुकता से होगा लाभ
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. मुकेश डिग्रवाल ने बताया कि मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया मच्छर जनित रोग है। इन रोगों के लक्षण, बचाव तथा उपचार के बारे में आमजन को अधिकाधिक जागरूक होना चाहिए। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, परिंडों, गमलों, फूलदान, खेळी आदि की सप्ताह में रगड़ कर सफाई जरूरी है ताकि मच्छरों का लार्वा खत्म हो जाए। इसके लिए सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाते हुए उक्त कार्य करने चाहिए। पानी की टंकी, टैंक वगैरह ढककर रखने चाहिए।


कम मिले रोगी
कोरोना संक्रमण संकट के बाद से बीते एक बरस में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के मामले कम सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू का तो एक भी रोगी नहीं मिला। चिकनगुनिया का भी एक मामला ही रिपोर्ट हुआ। हालांकि डेंगू के रोगी गत वर्ष टाउन क्षेत्र में सबसे अधिक मिले थे।


एक दिन विशेष ध्यान जरूरी
मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए एमएलओ का छिड़काव, फोगिंग, स्लाइड लेना आदि कार्यों में विभागीय टीम निरंतर जुटी हुई हैं। आमजन भी जागरूक होकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे। सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाते हुए कूलर, पक्षियों के परिंडे, गमलों आदि की सफाई करे। आसपास रुके हुए पानी पर जले हुए तेल या केरोसिन का छिड़काव करे। - डॉ. नवनीत शर्मा, सीएमएचओ।