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खाली हो रहे बांधों को बादलों के बरसने का इंतजार, पौंग बांध का लेवल 105 व भाखड़ा बांध का 156 फीट नीचे गया

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ पुरुषोत्तम झा. हनुमानगढ़. वर्तमान में पौंग व भाखड़ा बांधों का जल स्तर काफी नीचे जाने से इसका सीधा नुकसान राजस्थान को हो रहा है। क्योंकि पौंग बांध में भंडारित पानी में सर्वाधिक पचास प्रतिशत हिस्सा राजस्थान का निर्धारित है।  
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हनुमानगढ़

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Purushotam Jha

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Updated: 27 Jun 2021, 10:14 AM IST

खाली हो रहे बांधों को बादलों के बरसने का इंतजार, पौंग बांध का लेवल 105 व भाखड़ा बांध का 156 फीट नीचे गया

खाली हो रहे बांधों को बादलों के बरसने का इंतजार, पौंग बांध का लेवल 105 व भाखड़ा बांध का 156 फीट नीचे गया

खाली हो रहे बांधों को बादलों के बरसने का इंतजार, पौंग बांध का लेवल 105 व भाखड़ा बांध का 156 फीट नीचे गया
-भाखड़ा व पौंग बांध का जल स्तर काफी नीचे जाने से राजस्थान को नुकसान
-अंतरराज्यीय जल समझौते के अनुसार पौंग बांध में सर्वाधिक पचास प्रतिशत हिस्सा राजस्थान का निर्धारित
पुरुषोत्तम झा. हनुमानगढ़. वर्तमान में पौंग व भाखड़ा बांधों का जल स्तर काफी नीचे जाने से इसका सीधा नुकसान राजस्थान को हो रहा है। क्योंकि पौंग बांध में भंडारित पानी में सर्वाधिक पचास प्रतिशत हिस्सा राजस्थान का निर्धारित है। वर्तमान में बांधों का लेवल देखेंगे तो पौंग बांध अपने भराव क्षमता से करीब १०५ फीट खाली हो रहा है। यही हालात भाखड़ा बांध के हैं।
यह बांध १५६ फीट खाली है। बांधों में पानी की आवक नहीं बढऩे से राजस्थान के किसानों को सिंचाई पानी से वंचित रहना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में करीब ११० दिनों से सिंचाई पानी नहीं मिला है। चालू सीजन में किसानों को खरीफ फसलों की बिजाई के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है।
अब बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में अगले सप्ताह तक मानसून के सक्रिय होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसा होने पर राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी चलाया जाना संभव हो सकेगा। प्रदेश के अगले माह का शेयर निर्धारित करने को लेकर २९ जून को भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड की बैठक भी रखी गई है। इसमें बांधों के जल स्तर की समीक्षा करके अगले माह के शेयर का निर्धारण किया जाएगा। प्रदेश की जीडीपी को भी नहरी तंत्र से काफी संबल मिलता है। इंदिरागांधी नहर क्षेत्र से ही करीब छह हजार करोड़ रुपए का अन्न उत्पादन हो रहा है।

इतने जिले प्रभावित
पौंग बांध की पूर्ण भराव क्षमता १३९० फीट है। जबकि २५ जून २०२१ को इस बांध का लेवल १२८५.२५ फीट था। इस तरह यह बांध अपने भराव क्षमता से करीब १०५ फीट खाली है। भराव अवधि शुरू होने के बाद भी आवक में तेजी नहीं आने से राजस्थान के शेयर में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है। पौंग से मिलने वाले पानी को राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में चलाने पर प्रदेश के दस जिलों को जलापूर्ति होती है। इसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित अन्य जिले शामिल हैं। नहरी तंत्र से प्रदेश के हजारों हेक्टैयर में खेती होती है।

शेयर खत्म, आवक बढऩे पर ही राहत
नहरी पानी का संकट कब तक खत्म होगा, इसे लेकर अधिकारी ठोस जवाब नहीं दे रहे। मानसून के सक्रिय होने पर ही प्रदेश को राहत मिल सकता है। क्योंकि बीते सीजन में निर्धारित राजस्थान का शेयर खत्म हो चुका है। अब नए सीजन में भराव के हिसाब से शेयर का निर्धारण किया जाएगा। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के अधीक्षण अभियंता शिवचरण रैगर ने बताया कि बांधों का जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। बरसात नहीं हुई तो आगे और डाउन जाएगा। बिना बारिश के प्रदेश के शेयर में बढ़ोतरी संभव नहीं है।

आवक की तुलना में निकासी ज्यादा
वर्तमान में बांधों में पानी की आवक कम तथा निकासी ज्यादा हो रही है। पौंग बांध की बात करें तो इसमें २५ जून २०२१ को २६२९ क्यूसेक पानी की आवक हुई। जबकि निकासी ११९०६ क्यूसेक हुई। इस तरह निकासी अधिक होने के कारण बांधों का जल स्तर लगातार कम हो रहा है। अब मानसून पर सबकुछ निर्भर करेगा। जितना जल्दी मानसून बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में सक्रिय होगा, उसी हिसाब से बांधों में आवक बढ़ेगी।

......बांधों से जुड़ी खास बातें....
-भाखड़ा बांध सतलुज नदी पर हिमाचल प्रदेश के विलासपुर जिले में बना हुआ है। इस बांध का निर्माण १९४८-६३ के बीच पूर्ण हुआ। इस बांध की नदी तल से ऊंचाई ५५० मीटर है। इस बांध की पूर्ण भराव क्षमता १६८० फीट है।

-पौंग बांध व्यास नदी पर बना हुआ है। इस बांध का निर्माण वर्ष १९७४ में पूर्ण हुआ। इस बांध की पूर्ण भराव क्षमता १३९० फीट है।

-रणजीत सागर बांध का निर्माण वर्ष २००२ में पूर्ण हुआ। यह रावी नदी पर बना हुआ है। इस बांध से विद्युत उत्पादन के बाद पानी माधोपुर हैड वक्र्स पर आता है। यहां से माधोपुर व्यास लिंक के माध्यम से इस व्यास नदी में डायवर्ट किया जाता है।