28 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो चरणों में उपलब्ध करवाएंगे प्रश्नपत्र

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/  

2 min read
Google source verification
exaam

दो चरणों में उपलब्ध करवाएंगे प्रश्नपत्र

-जिले में पहली पारी में ४१ केंद्रों पर हुई परीक्षा
-नकल रोकथाम दस्ते ने लगातार की परीक्षा केंद्रों की निगरानी
हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर सोमवार को दो पारियों में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा हुई। पहली पारी में सामाजिक विज्ञान का पेपर होने के बाद दूसरी पारी में दोपहर तीन बजे से परीक्षा शुरू होगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग इस बार दो चरणों में प्रश्नपत्र संबंधित जिलों को उपलब्ध करवा रहा है। परीक्षा दो नवम्बर तक चलेगी। इसलिए अलग-अलग विषयों के पेपर के हिसाब से अलग-अलग दिनों में प्रश्नपत्र आ रहे हैं। वहीं वरिष्ठ अध्यापक बनने के लिए सोमवार को दूसरे दिन हजारों अभ्यर्थियों ने उत्साह पूर्वक परीक्षा दी। जिले में दूसरे दिन सामाजिक विज्ञान परीक्षा के लिए १३१०८ अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया गया था। इसमें से १०१३९ यानी ७७.३५ प्रतिशत अभ्यर्थियों ने उपस्थित होकर परीक्षा दी। जबकि २९६९ अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। किसी जगह नकल का कोई मामला सामने नहीं आया। नकल की रोकथाम को लेकर दस टीमें गठित की गई थी। जो लगातार सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी में जुटी रही। सुरक्षा की दृष्टि से सभी केंद्रों पर पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से जिले में वरिष्ठ अध्यापक (ग्रेड द्वितीय) प्रतियोगी परीक्षा-2018 करवाई जा रही है। दूसरे दिन पहली पारी में ४१ केंद्रों पर परीक्षा हुई। परीक्षा को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रभाती लाल जाट को समन्वयक अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरलाल सिंह को सहायक समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया गया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन्द्रपुरा के प्रधानाचार्य पवन कौशिक को नियन्त्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम प्रभारी पवन कौशिक ने बताया कि दूसरे दिन सोमवार को सामाजिक विज्ञान के पेपर के लिए टाउन में १६ और जंक्शन में २५ केंद्र बनाए गए थे। इसमें ७७.३५ प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पेपर देने के बाद अभ्यर्थी बाहर निकले तो समूह में पेपर को लेकर खूब चर्चा की। इस दौरान अभ्यर्थियों का कहना था कि ज्यादातर प्रश्न सिलेबस के अंदर से आए थे।