6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस से मांगे संदिग्धों की लिखावट के नमूने

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. जीएसएस में कार्यरत तकनीकी सहायक का फंदे पर लटकता शव मिलने के मामले में एफएसएल जांच के लिए संदिग्धों की लिखावट के नमूने मांगे गए हैं। मृतक की जेब से मिले कागज की लिखावट की पड़ताल के लिए नमूना लिखावट मांगी गई है।

2 min read
Google source verification
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस से मांगे संदिग्धों की लिखावट के नमूने

हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस से मांगे संदिग्धों की लिखावट के नमूने

हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस से मांगे संदिग्धों की लिखावट के नमूने
- मृतक के पिता के आरोप, एफएसएल रिपोर्ट के लिए पहले भेजे अधूरे दस्तावेज
- जीएसएस में तकनीकी सहायक की मौत का मामला, पुलिस आत्महत्या बता लगा चुकी एफआर
- न्याय के लिए भटकता मृतक का बूढ़ा पिता
हनुमानगढ़. जीएसएस में कार्यरत तकनीकी सहायक का फंदे पर लटकता शव मिलने के मामले में एफएसएल जांच के लिए संदिग्धों की लिखावट के नमूने मांगे गए हैं। मृतक की जेब से मिले कागज की लिखावट की पड़ताल के लिए नमूना लिखावट मांगी गई है। हालांकि मृतक के पिता ने जांच अधिकारी पर एफएसएल रिपोर्ट के लिए अधूरे दस्तावेज भेजने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में एसपी को पत्र देकर प्रकरण की शीघ्र व निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
तंदूरवाली कैंचिया, 18 एनजीसी स्थित 33 केवी जीएसएस में कार्यरत तकनीकी सहायक के फंदे पर लटकते शव मिलने के मामले फिर से जांच की जा रही है। मृतक देवेन्द्र कुमार के 65 वर्षीय पिता अतर सिंह के अपने स्तर पर जुटाए प्रमाणों के आधार पर गत वर्ष न्यायालय ने पुलिस को मामले की फिर से जांच का आदेश दिया था। क्योंकि मृतक के पिता ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने इसमें एफआर लगाकर इसे आत्महत्या ही माना था।
पहले बताया भेजे कागज
अतर सिंह ने एसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि प्रकरण की जांच डीएसपी अंतर सिंह कर रहे हैं। उनसे 24 जनवरी 2020 को मिला। तब जांच अधिकारी ने एसपी को बताया था कि प्रार्थी के बताए सभी 10 संदिग्धों की नमूना लिखावट तथा मृतक देवेन्द्र की पुरानी लिखावट परीक्षण के लिए एफएसएल जोधपुर भेज दी गई है। इसकी प्राप्ति रसीद भी तब दिखाई गई। अब एफएसएल के लिए 10 संदिग्धों की नमूना लिखावट मांगने का मतलब है कि पहले इसे नहीं भेजा गया। जांच अधिकारी ने पहले अधूरे दस्तावेज भेजे। इससे यह मामला चार साल बीतने के बाद भी लटक रहा है। इस संबंध में आईजी बीकानेर व राज्य मानवाधिकार आयोग से भी गुहार लगा चुके हैं।
क्या है प्रकरण
तकनीकी सहायक देवेन्द्र कुमार तंदूरवाली कैंचिया, 18 एनजीसी स्थित 33 केवी जीएसएस में कार्यरत था। उसकी 18 अक्टूबर 2016 को रात्रिकालीन ड्यूटी थी। उसका शव 19 अक्टूबर की सुबह कर्मचारियों ने फंदे पर लटकता देखा। सूचना मिलने पर टिब्बी पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के पिता अत्तर सिंह व अन्य परिजनों ने मौका देखा तो अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाया। उनकी रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस जांच में आत्महत्या
मृतक के परिजन पुलिस पर एफआईआर में मौका-ए-वारदात के कई तथ्यों को शामिल नहीं करने का आरोप लगाते रहे हैं। मृतक के पिता ने ऐसे कई साक्ष्य व तथ्य पेश भी पुलिस के समक्ष पेश किया जो आत्महत्या की बजाय मामला हत्या का होने का संदेश पैदा करते हैं। मामला दर्ज होने के बाद टिब्बी थाने के तत्कालीन सीआई ईश्वरानंद ने जांच की। वर्ष 2017 में 302 के इस मामले में एफआर लगा दी गई। विद्युत निगम से सेवानिवृत्त मृतक के पिता अत्तर सिंह व अन्य परिजनों को यह बात गले नहीं उतरी। वे निरंतर इस प्रकरण को लेकर जयपुर, दिल्ली के पुलिस सहित अन्य दफ्तरों की खाक छान रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार देवेन्द्र की मौत दम घुटने से हुई थी। शरीर में कहीं चोट के निशान भी रिपोर्ट में नहीं आए थे।