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हनुमानगढ़ जिला फॉर्म टूरिज्म में देश का बेस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. क्षेत्र में पर्यटन को कैसे बढ़ावा मिले, इस पर शनिवार को मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसान अपने खेत को कृषि पर्यटन सुविधा केंद्र के रूप में तैयार कर उपज के अलावा अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। इसके लिए उन्हें ज्यादा निवेश करने की भी जरूरत नहीं।
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हनुमानगढ़

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Purushotam Jha

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Updated: 1 Aug 2021, 7:16 AM IST

हनुमानगढ़ जिला फॉर्म टूरिज्म में देश का बेस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है

हनुमानगढ़ जिला फॉर्म टूरिज्म में देश का बेस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है

हनुमानगढ़ जिला फॉर्म टूरिज्म में देश का बेस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है
-पर्यटन को कैसे मिले बढ़ावा, किया मंथन
-एग्रीकल्चर ट्यूरिज्म को लेकर माहौल बनाने की जताई जरूरत
हनुमानगढ़. क्षेत्र में पर्यटन को कैसे बढ़ावा मिले, इस पर शनिवार को मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसान अपने खेत को कृषि पर्यटन सुविधा केंद्र के रूप में तैयार कर उपज के अलावा अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। इसके लिए उन्हें ज्यादा निवेश करने की भी जरूरत नहीं। बस जरूरत है पूर्व में मौजूद संसाधनों में कुछ परिवर्तन करने की। इंडिया ट्यूरिज्म जयपुर के डायरेक्टर करणसिंह ने कृषि पर्यटन की अवधारणा और कृषि पर्यटन केन्द्र स्थापित करने से संबंधित जानकारी कार्यशाला में दी। डायरेक्टर करणसिंह ने कहा कि भारत में कृषि पर्यटन एक समग्र व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ रहा है। लेकिन राजस्थान में बहुत जगह नहीं है। खासतौर से हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में। इन दोनों जिलों के लोगों में इसको लेकर जागरुकता व इस क्षेत्र की जानकारी की कमी है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें ज्यादा निवेश करने की जरूरत नहीं है। आपके पास उपलब्ध संसाधनों में कुछ परिवर्तन करने के बाद एग्रीकल्चर ट्यूरिज्म शुरू किया जा सकता है। एग्रीकल्चर ट्यूरिज्म शुरू कर लोगों को रोजगार भी दे सकते हैं और अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब बाहर से पर्यटक आते हैं चाहे वह भारतीय हों या विदेशी, उनके लिए दो-तीन चीजें जरूरी हैं। सबसे मुख्य पर्यटकों के रहने के लिए जगह की होती है। अगर उसे इसकी सुविधा मिलती है तो वह खुद भी आएगा और दूसरे पर्यटकों को भी भेजेगा। शनिवार को टाउन स्थित राजवी पैलेस में फार्म ट्यूरिज्म (कृषि पर्यटन) को लेकर 'देखो अपना देशÓ कार्यशाला में अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। त्रिभुवन सिंह राजवी, पीआरओ सुरेश बिश्नोई, गुरपिन्द्र सिंह, सौरभ सिंह, जेएन बेनीवाल, विजय गोदारा, देवीसिंह पंवार, रेणु चौधरी, गुरमीत चंदड़ा, मोहरसिंह मान, दानाराम गोदारा आदि मौजूद रहे।

कहीं न कहीं से शुरुआत जरूरी
मौजूद प्रतिभागियों से कार्यशाला में चर्चा करते हुए करण सिंह ने कहा कि अगर आपने खेत में फार्म हाउस बना रखा है तो पर्यटकों के लिए वहां रहने की जगह उपलब्ध करवाएं। इस पर पर्यटक वहां रूककर अपने स्थानीय अनुभव सांझा करेंगे। वहां खाना खाएंगे। फार्म का उत्पाद खरीदकर ले जाएंगे। लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं से शुरुआत करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि फार्म ट्यूरिज्म के लिए सरकार मार्केटिंग में सहायता करती है। सरकार प्रशिक्षण देती है। एग्रीकल्चर ट्यूरिज्म के लिए ज्यादा अतिरिक्त इन्वेस्टमेंट नहीं चाहिए, इसलिए सरकार की ट्रेनिंग व मार्केटिंग के माध्यम से इसे आसानी से शुरू किया जा सकता है।

बन सकता है बेस्ट डेस्टिनेशन
कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि हनुमानगढ़ जिला फॉर्म टूरिज्म में देश का बेस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है। यहां फॉर्म टूरिज्म की संभावनाएं अपार हैं। बस आवश्यकता इस बात की है कि भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय और राज्य पर्यटन विभाग जिले को पर्यटन के नक्शे पर लाए और थोड़ा सहयोग कर दे। यहां के लोग फॉर्म टूरिज्म को बढ़ावा देने को तैयार हैं। कांग्रेस नेता भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि हमारा जिला किसी भी रूप में कम नहीं है। यहां का वर्क कल्चर बहुत अच्छा है लोग आवभगत भी बहुत अच्छी करेंगे। यहां फॉर्म टूरिज्म को लेकर लोग पहले से ही तैयार हैं।