हनुमानगढ़: बरसात में गेहूं की ढेरियां भीगी तो किसानों की आंखे हुई नम
-बेमौसम वर्षा से किसानों में बढ़ी बेचैनी
-मंडियों के हालात ऐसे कि कुछ ढ़ेरियों को तिरपाल भी नहीं नसीब
हनुमानगढ़. जिले में मंगलवार को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों को बेचैन कर दिया। अंधड़ के साथ हुई बरसात ने मंडियों में किसानों के लिए मुसीबत पैदा कर दी। मेघ गर्जना के साथ हुई वर्षा के कारण धानमंडी में खुले में पड़ी किसानों की गेहूं की फसल भीग गई। हालात ऐसे रहे कि कुछ ढेरियों पर तो तिरपाल भी नहीं थे। इस स्थिति में अपनी फसल को बर्बाद होते देख किसानों की आंखों से आंसू निकलना स्वभाविक ही था।
दिन में रह-रह कर कई बार हुई हल्की बरसात के कारण गेहूं की ढेरियां भीग गई। फसलों में भरे पानी को निकालने में किसान जुटे रहे। किसानों का कहना था कि करीब एक सप्ताह से वह गेहूं की फसल लेकर मंडी में बैठे हैं।
दो-तीन दिन पहले एफसीआई अधिकारियों के साथ बारदाने को लेकर हुए विवाद के चलते गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। कलक्ट्रेट में संचालित कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचना के अनुसार मंगलवार को संगरिया में चार, पीलीबंगा में आठ व हनुमानगढ़ तहसील में पांच एमएम बारिश हुई है।
कृषि विभाग हनुमानगढ़ के उप निदेशक दानाराम गोदारा ने बताया कि मंगलवार को जितनी बारिश हुई, उससे खरीफ फसलों की बिजाई संभव नहीं। जिन क्षेत्रों में दो-तीन दिन पहले नरमा-कपास की बिजाई हुई थी, वहां इस बारिश के बाद अंकुरण नहीं होगा। मंडियों में गेहूं की ढेरियां भीगने की सूचना भी है। इससे कुछ गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।