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Farmer Protest: हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विवाद गहराया, कांग्रेस विधायक समेत 40 लोग हिरासत में लिए गए

हनुमानगढ़ जिले में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री को लेकर शुरू हुआ विरोध अब उग्र रूप ले चुका है। गुरुवार को पुलिस ने कांग्रेस विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर को भी हिरासत में ले लिया।

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Hanumangarh Protest
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कांग्रेस विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर को हिरासत में लेती पुलिस (फोटो-पत्रिका)

हनुमानगढ़। ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री को लेकर शुरू हुआ विरोध अब उग्र रूप ले चुका है। गुरुवार को किसान सभा में शामिल होने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी दौरान पुलिस ने कांग्रेस विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर को भी हिरासत में ले लिया। बाद में टिब्बी के गुरुद्वारा सिंह सभा परिसर में किसानों की बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। किसानों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।

उधर, 10 दिसंबर को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 107 से अधिक किसानों और ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से 40 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। बुधवार को राठीखेड़ा गांव में प्रदर्शनकारियों ने निर्माणाधीन फैक्ट्री की बाउंड्री दीवार तोड़ दी थी। कई लोग भीतर घुसकर ऑफिस में आगजनी करते दिखे। इसके बाद पुलिस और किसानों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसमें 10-12 पुलिसकर्मी और संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया सहित कई आंदोलनकारी घायल हो गए। कई घायल किसान रातभर गुरुद्वारे में रुके रहे।

स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण टिब्बी क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं गुरुवार को भी बंद रहीं। फैक्ट्री के आसपास रहने वाले करीब 30 परिवार सुरक्षा की आशंका के चलते अपने घर छोड़ चुके हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

चंडीगढ़ की ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा राठीखेड़ा में 40 मेगावाट क्षमता वाला अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट स्थापित किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट केंद्र के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम को सहयोग देगा। सितंबर 2024 से जून 2025 तक विरोध शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जुलाई 2025 में कंपनी द्वारा बाउंड्री वॉल निर्माण शुरू करते ही गुस्सा भड़क गया।

दीवार तोड़ने के बाद माहौल हुआ खराब

19 नवंबर को पुलिस सुरक्षा में निर्माण दोबारा शुरू हुआ, जिसके विरोध में किसान नेता समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। 20 और 21 नवंबर को 67 किसानों ने गिरफ्तारी देकर विरोध जताया। 10 दिसंबर की दोपहर किसानों ने टिब्बी एसडीएम कार्यालय के बाहर बड़ी सभा की और शाम को सैकड़ों की भीड़ ट्रैक्टरों के साथ फैक्ट्री स्थल पर पहुंच गई, जहां दीवार तोड़ने के बाद विवाद बढ़ गया।

14 वाहनों में लगाई आग, 36 से अधिक पुलिसकर्मी घायल

एडीजी वीके सिंह के अनुसार फैक्ट्री से 700 से 800 लोगों को रोजगार मिलेगा और हजार से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रव को भड़काने में बाहरी लोगों की भूमिका रही। उनका दावा है कि पुलिस ने किसी तरह की फायरिंग नहीं की और निर्देशों के अनुसार संयम रखते हुए भीड़ को नियंत्रित किया गया। पुलिस के मुताबिक हिंसा में 36 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर है। वहीं, प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा 14 वाहनों में आग लगाई गई थी।

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