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ऊंचे जा रहे भाव, खेती की तरफ बढ़ रहा रुझान

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. बीते एक दशक की तुलना करें तो बीता खरीफ व चालू रबी सीजन किसानों के लिए काफी फायदेमंद रहा है। इन दोनों सीजन में किसानों को फसलों के ठीक रेट मिल रहे हैं। कपास जहां दस हजारी से भी ऊपर बन गया वहीं सरसों, ग्वार व गेहूं के रेट भी गत बरसों की तुलना में काफी अच्छे रहे हैं।  
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हनुमानगढ़

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Purushotam Jha

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Updated: 17 Apr 2022, 6:15 PM IST

ऊंचे जा रहे भाव, खेती की तरफ बढ़ रहा रुझान

ऊंचे जा रहे भाव, खेती की तरफ बढ़ रहा रुझान

ऊंचे जा रहे भाव, खेती की तरफ बढ़ रहा रुझान
-बीते एक दशक में सर्वाधिक रहे हैं कृषि जिंसों के भाव
-रबी फसलों की कटाई के बाद अगले पखवाड़े में खरीफ बिजाई कार्य में जुटेंगे किसान

हनुमानगढ़. बीते एक दशक की तुलना करें तो बीता खरीफ व चालू रबी सीजन किसानों के लिए काफी फायदेमंद रहा है। इन दोनों सीजन में किसानों को फसलों के ठीक रेट मिल रहे हैं। कपास जहां दस हजारी से भी ऊपर बन गया वहीं सरसों, ग्वार व गेहूं के रेट भी गत बरसों की तुलना में काफी अच्छे रहे हैं। इससे किसानों में काफी उत्साह है। गेहूं के बाजार भाव भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कुछ अधिक ही जा रहे हैं। फसलों के भाव ऊंचे जाने से भविष्य में किसानों की आर्थिक स्थिति कुछ ठीक हो सकती है। रबी फसलों की कटाई के बाद अब किसान खरीफ फसलों की बिजाई में जुट जाएंगे। कृषि विभाग के उप निदेशक दानाराम गोदारा के अनुसार मौसम अनुकूल रहने तथा फसलों की गुणवत्ता ठीक रहने के कारण फसलों के दाम बढ़े हैं। इस वजह से खेती की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा है। अरबों रुपए बाजार में आने से बाजार की स्थिति भी सुधरने की उम्मीद है। भविष्य में एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट यदि लगते हैं तो किसानों को और अधिक फायदा हो सकता है। इसके लिए मिनी एग्रो फूड पार्क की घोषणा सरकार स्तर पर कर दी गई है। अब जमीन चिन्ह्ति करने की प्रक्रिया चल रही है। मिनी एग्रो फूड बनकर तैयार होता है तो यह क्षेत्र के किसानों के लिए काफी मददगार साबित होगा। कृषि आधारित उद्योग लगने पर कच्चे माल की मांग भी बढ़ेगी और किसानों को दाम भी अच्छे मिलेंगे। फसलों के भाव अच्छे मिलने से कई युवा भी खेती की तरफ अपना भाग्य अजमा रहे हैं। इसी तरह फसलों के ठीक रेट मिलते रहने पर खेती की तरफ लोगों का रुझान और बढ़ेगा।

बढ़ रही सफेद सोने की चमक
जिले की मंडियों में अभी गेहूं २१००, चना ४८०० से ४९००, नरमा ११००० से १२००० रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। इसी तरह सरसों के भाव ६३०० से ६४०० रुपए प्रति क्विंटल चल रहे हैं। तिल के भाव ८८०० व जौ के भाव २७०० रुपए प्रति क्विंटल हैं। नरमा-कपास के भाव में लगातार तेजी आ रही है। इसलिए इस बार इसकी अच्छी बिजाई हो सकती है। बाजार में इसकी मांग बढऩे की वजह से किसान भी सफेद सोने की खेती की तरफ रुझान दिखा रहे हैं।

पाबंदी हटाने की मांग
हनुमानगढ़. वर्ष 2022-23 में भारतीय खाद्य निगम द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद बिना कोई दस्तावेज ऑफ लाइन करवाए जाने की मांग को लेकर किसान व व्यापारी लगातार अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं। लेकिन सरकार दस्तावेजों के मामले में कोई छूट देने के मूड में नहीं लग रही है। व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र के कई काश्तकारों के पास जन आधार कार्ड बने ही हुए नहीं है, तो खरीद कैसे होगी तथा इसके साथ गिरदावरी की कॉपी मांगी जा रही है जो उचित नहीं है। सरकारी खरीद प्रक्रिया में लगाई गई पाबंदियों में छूट देने की मांग को लेकर व्यापारी सरकार तक अपनी मांग एक माह से पहुंचा रहे हैं।