ऊंचे जा रहे भाव, खेती की तरफ बढ़ रहा रुझान
-बीते एक दशक में सर्वाधिक रहे हैं कृषि जिंसों के भाव
-रबी फसलों की कटाई के बाद अगले पखवाड़े में खरीफ बिजाई कार्य में जुटेंगे किसान
हनुमानगढ़. बीते एक दशक की तुलना करें तो बीता खरीफ व चालू रबी सीजन किसानों के लिए काफी फायदेमंद रहा है। इन दोनों सीजन में किसानों को फसलों के ठीक रेट मिल रहे हैं। कपास जहां दस हजारी से भी ऊपर बन गया वहीं सरसों, ग्वार व गेहूं के रेट भी गत बरसों की तुलना में काफी अच्छे रहे हैं। इससे किसानों में काफी उत्साह है। गेहूं के बाजार भाव भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कुछ अधिक ही जा रहे हैं। फसलों के भाव ऊंचे जाने से भविष्य में किसानों की आर्थिक स्थिति कुछ ठीक हो सकती है। रबी फसलों की कटाई के बाद अब किसान खरीफ फसलों की बिजाई में जुट जाएंगे। कृषि विभाग के उप निदेशक दानाराम गोदारा के अनुसार मौसम अनुकूल रहने तथा फसलों की गुणवत्ता ठीक रहने के कारण फसलों के दाम बढ़े हैं। इस वजह से खेती की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा है। अरबों रुपए बाजार में आने से बाजार की स्थिति भी सुधरने की उम्मीद है। भविष्य में एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट यदि लगते हैं तो किसानों को और अधिक फायदा हो सकता है। इसके लिए मिनी एग्रो फूड पार्क की घोषणा सरकार स्तर पर कर दी गई है। अब जमीन चिन्ह्ति करने की प्रक्रिया चल रही है। मिनी एग्रो फूड बनकर तैयार होता है तो यह क्षेत्र के किसानों के लिए काफी मददगार साबित होगा। कृषि आधारित उद्योग लगने पर कच्चे माल की मांग भी बढ़ेगी और किसानों को दाम भी अच्छे मिलेंगे। फसलों के भाव अच्छे मिलने से कई युवा भी खेती की तरफ अपना भाग्य अजमा रहे हैं। इसी तरह फसलों के ठीक रेट मिलते रहने पर खेती की तरफ लोगों का रुझान और बढ़ेगा।