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अगले माह से आईजीएनपी के शेयर में कटौती, बीबीएमबी की बैठक में मार्च का हिस्सा निर्धारित

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. भाखड़ा व पौंग बांधों में आवक की स्थिति नहीं सुधर रही। इससे नहरी पानी पर से संकट के बादल नहीं टलते दिख रहे हैं। शनिवार को बीबीएमबी की हुई बैठक में बांधों के जल स्तर के हिसाब से राजस्थान, पंजाब व हरियाणा सहित अन्य राज्यों के शेयर का निर्धारण किया गया।  

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अगले माह से आईजीएनपी के शेयर में कटौती, बीबीएमबी की बैठक में मार्च का हिस्सा निर्धारित

अगले माह से आईजीएनपी के शेयर में कटौती, बीबीएमबी की बैठक में मार्च का हिस्सा निर्धारित

अगले माह से आईजीएनपी के शेयर में कटौती, बीबीएमबी की बैठक में मार्च का हिस्सा निर्धारित
-प्रदेश में नहीं टल रहा नहरी पानी का संकट

हनुमानगढ़. भाखड़ा व पौंग बांधों में आवक की स्थिति नहीं सुधर रही। इससे नहरी पानी पर से संकट के बादल नहीं टलते दिख रहे हैं। शनिवार को बीबीएमबी की हुई बैठक में बांधों के जल स्तर के हिसाब से राजस्थान, पंजाब व हरियाणा सहित अन्य राज्यों के शेयर का निर्धारण किया गया। इसमें बीबीएमबी सदस्यों का कहना था कि बांधों के जल ग्रहण क्षेत्रों में पानी की आवक संतोषजनक नहीं है। अपेक्षित आवक नहीं होने के के कारण राजस्थान के इंदिरागांधी नहर के शेयर में कटौती करनी पड़ी है।
वहीं भाखड़ा व गंगकैनाल के शेयर में मामूली बढ़ोतरी की गई है। किसानों का कहना है कि पूरे मार्च तक नहरी पानी नहीं मिलने की स्थिति में फसलों पर विपरीत असर पड़ेगा। शनिवार को वीसी के जरिए बीबीएमबी की हुई बैठक में जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने शामिल होकर राजस्थान के किसान प्रतिनिधियों की ओर से की जा रही मांग से अवगत करवाया। लेकिन बीबीएमबी सदस्यों ने बांधों के कम जल स्तर का कारण बताते हुए राजस्थान की दलील को मानने से इनकार कर दिया। मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बताया कि एक से सोलह मार्च तक राजस्थान क्षेत्र की भाखड़ा नहर में १०००, एक से छह मार्च तक इंदिरगांधी नहर में ७२०० व गंगकैनाल में १६०० क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जाएगा। जबकि २८ फरवरी तक जो शेयर निर्धारित है, उसमें भाखड़ा में ८५०, गंगकैनाल में १४०० व इंदिरागांधी नहर में ७७०० क्यूसेक पानी चलेगा।

बंदी को लेकर नहीं चर्चा
बीबीएमबी की शनिवार को हुई बैठक में अगले माह प्रस्तावित नहरबंदी को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं हुई। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता ने बताया कि इस बैठक में नहरबंदी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बंदी कब से होगी, इस बारे में मुख्य अभियंता ने बताया कि अभी बंदी की तिथि को लेकर कुछ भी फाइनल नहीं है। इतना तय है कि इंदिरगांधी नहर में छह मार्च के बाद पेयजल चलेगा।