
indira gandhi river in problem
हनुमानगढ़. भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई। इसमें पांच राज्यों के नहरी पानी का निर्धारण किया गया। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता केएल जाखड़ बैठक में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। राजस्थान में सिंचाई पानी की जरूरत के हिसाब से शेयर निर्धारित करने की मांग मुख्य अभियंता जाखड़ ने की। लेकिन बीबीएमबी सदस्यों ने बांधों में आवक की स्थिति कमजोर होने का हवाला देकर शेयर में बढ़ोतरी करने से इनकार कर दिया।
इसके कारण प्रदेश की इंदिरागांधी नहर से जून में भी संकट नहीं टला। बीबीएमबी सदस्यों ने इंदिरागांधी नहर में एक से दस जून तक केवल पेयजल चलाने जितना पानी देने को मंजूरी दी। मुख्य अभियंता ने बताया कि एक से दस जून तक इंदिरागंाधी नहर में ४०००, गंगकैनाल में १६००, भाखड़ा में १२००, खारा नहर में २५० व सिद्धमुख नोहर परियोजना की नहरों में ५०० क्यूसेक पानी चलाएंगे। आगे का शेयर निर्धारित करने को लेकर 11 जून को फिर से बीबीएमबी की बैठक बुलाई गई है।
जिसमें आवक के आधार पर शेयर का निर्धारण किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, उससे लगता है कि अगले सप्ताह तक हिमालय क्षेत्र में बर्फ ख्ूाब पिघलेगी। इससे बांधों में पानी की आवक बढ़ेगी। जिसका फायदा राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों को मिलेगा। वर्तमान में किसान खरीफ फसलों की बिजाई के लिए नहरी पानी का इंतजार कर रहे हैं। पानी के अभाव में जिले में इस बार खरीफ बिजाई का रकबा घटने की आशंका है।
Published on:
30 May 2018 12:02 pm
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