शेयर बढ़ाने पर भी राजस्थान में नहीं टला सिंचाई पानी का संकट

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/

हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी का संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे हैं कि बीबीएमबी स्तर पर राजस्थान के शेयर में कुछ बढ़ोतरी जरूर की गई है। लेकिन नहरों में सिंचाई पानी चलाने का रोटेशन जितने दिन में पूरा होगा, उतने दिन की गारंटी नहीं देने के कारण जल संसाधन विभाग के अधिकारी पसोपेश की स्थिति में हैं।

 

By: Purushottam Jha

Published: 23 Jun 2021, 09:34 AM IST

शेयर बढ़ाने पर भी राजस्थान में नहीं टला सिंचाई पानी का संकट
-इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी का एक रोटेशन 34 दिन में होगा पूरा, लेकिन बीबीएमबी केवल नौ दिनों तक बढ़े शेयर के अनुसार पानी देने पर सहमत
-तीस जून के बाद के शेयर पर असमंजस होने से जल संसाधन विभाग के अधिकारी पसापेश में

हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी का संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे हैं कि बीबीएमबी स्तर पर राजस्थान के शेयर में कुछ बढ़ोतरी जरूर की गई है। लेकिन नहरों में सिंचाई पानी चलाने का रोटेशन जितने दिन में पूरा होगा, उतने दिन की गारंटी नहीं देने के कारण जल संसाधन विभाग के अधिकारी पसोपेश की स्थिति में हैं। बीबीएमबी ने फिलहाल 21 से 30 जून तक राजस्थान के शेयर में 2660 क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी करने की स्वीकृति प्रदान की है। मगर लगातार 34 दिन तक इतनी बढ़ोतरी करने की गारंटी नहीं देने के कारण विभाग ने नहरों में चार में एक समूह में चलाने का रेग्यूलेशन तैयार नहीं किया है। विभाग को इस बात का डर है कि कहीं तीस जून के बाद शेयर कम कर दिया गया तो फिर नहरों के रोटेशन का क्या होगा। क्योंकि चार में एक समूह का रोटेशन बनाने पर यह ३४ दिन बाद पूरा होगा।
३४ दिन तक इंदिरागांधी नहर को चार में एक समूह में चलाने पर कुल दो लाख २४ हजार क्यूसेक पानी की आवश्यकता पड़ेगी। अधिकारियों का कहना है कि इतनी मात्रा में राजस्थान को पानी मिलने की स्थिति में ही रेग्यूलेशन बनाने का औचित्य होगा। परंतु बीबीएमबी के अधिकारी लगातार ३४ दिन तक इतना पानी देने को लेकर ठोस जवाब नहीं दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में स्थानीय अधिकारियों ने इंदिरागांधी नहर में पेयजल चलाने का निर्णय ही लिया है। इस तरह बढ़े शेयर के अनुसार राजस्थान फीडर में पानी मिलने पर इंदिरागांधी नहर में पेयजल के लिए ६६०० क्यूसेक पानी चलाया जाएगा। वर्तमान में इस नहर में करीब ३९०० क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि पंजाब व हरियाणा की इंदिरागांधी नहर में निर्धारित रेग्यूलेशन के अनुसार सिंचाई पानी चलाया जा रहा है। जबकि राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में तीन माह से अधिक समय से सिंचाई पानी नहीं चला है। इससे इस नहर क्षेत्र से जुड़े प्रदेश के हजारों किसान सिंचाई पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

निरंतर बढ़ोतरी का संकेत नहीं
बांधों में बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के अधिकारियों ने बीते दिनों बीबीएमबी चैयरमेन को पत्र लिखकर इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने जितना पानी देने का आग्रह किया था। इसके बाद बीबीएमबी ने चैयरमेन ने शेयर की समीक्षा करते हुए राजस्थान के हिस्से में २६६० क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी करने की स्वीकृति प्रदान की है। मगर चार में एक समूह के रोटेशन के अनुसार लगातार ३४ दिन तक रोटेशन पूरा होने तक इतना पानी देने को लेकर कोई संकेत नहीं दिए हैं। इसके कारण स्थानीय अधिकारियों ने इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी चलाने का रेग्यूलेशन नहीं बनाया है।

इतना पानी बढ़ा
पूर्व में हुई बीबीएमबी की बैठक में बीस जून तक राजस्थान को रावी व्यास से ६२४०, सतलुज वाया पंजाब १००० व सतलुज वाया हरियाणा से ५०० क्यूसेक पानी देने की स्वीकृति दी गई थी। अब बांधों में आवक बढऩे पर राजस्थान के शेयर में बढ़ोतरी करते हुए २१ से तीस जून तक रावी व्यास से ८९०० व सतलुज वाया पंजाब से १००० व सतलुज वाया हरियाणा से ५०० क्यूसेक पानी देने पर सहमति प्रदान की गई है। इस तरह राजस्थान के हिस्से में अब २६६० क्यूसेक पानी की बढ़ोती की गई है। हालांकि बढ़े शेयर के अनुसार राजस्थान सीमा की नहरों में पानी का प्रवाह अभी शुरू नहीं हुआ है।

बांधों में आवक पर नजर
पिछले पखवाड़े की तुलना में चालू पखवाड़े में लगभग सभी बांधों में पानी की आवक बढ़ी है। भाखड़ा बांध में नौ जून २०२१ को २३४३१ क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। जबकि २२ जून को इसमें आवक की मात्रा २५९९४ क्यूसेक हो गई। इसी तरह पौंग बांध में नौ जून को पानी की आवक २७५४ क्यूसेक हो रही थी। वहीं २२ जून को इस बांध में आवक की मात्रा बढ़कर ३८६० क्यूसेक हो गई। इस अवधि में कुछ दिनों तक इसमें आठ हजार क्यूसेक पानी तक की आवक हुई है। रणजीत सागर बांध में भी आवक की स्थिति सुधर रही है। इंदिरागांधी नहर से राजस्थान के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, नागौर सहित दस जिलों को जलापूर्ति होती है।

.......फैक्ट फाइल.....
-२२ जून २०२१ को भाखड़ा बांध का लेवल १५२४.६७ फीट था। इस बांध की वर्तमान में भराव क्षमता १६८० फीट है।
-२२ जून २०२१ को पौंग बांध का लेवल १२८७.६४ फीट था। जबकि इस बांध की भराव क्षमता १३९० फीट है।
-बीबीएमबी स्तर पर २१ से ३० जून तक राजस्थान के शेयर में २६६० क्यूसेक पानी बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
-इंदिरागांधी नहर से राजस्थान के दस जिलों में जलापूर्ति होती है।
.......................

Purushottam Jha Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned