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हनुमानगढ़ को रेफरल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज का सफर तय करने में लगे 40 साल

हनुमानगढ़ को रेफरल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज का सफर तय करने में लगे 40 साल- पीएम ने सांसद निहालचंद को बताया अपना पुरानी साथीहनुमानगढ़. जिले को विधिवत रुप से मेडिकल कॉलेज की सौगात गुरुवार को मिली है।

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हनुमानगढ़ को रेफरल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज का सफर तय करने में लगे 40 साल

हनुमानगढ़ को रेफरल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज का सफर तय करने में लगे 40 साल


हनुमानगढ़ को रेफरल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज का सफर तय करने में लगे 40 साल
- नवरात्र में शुरू होगा खुदाई कार्य
- पीएम ने सांसद निहालचंद को बताया अपना पुरानी साथी
हनुमानगढ़. जिले को विधिवत रुप से मेडिकल कॉलेज की सौगात गुरुवार को मिली है। पीएमओ मोदी व सीएम अशोक गहलोत ने मेडिकल कॉलेज का वर्चुअल शिलान्यास किया। कार्यक्रम का आयोजन टाउन स्थित महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय की एमसीएच यूनिट में हुआ। करीब चालीस वर्ष पहले इस अस्पताल को रेफरल अस्पताल कहा जाता था। वर्तमान में जिला अस्पताल और अब मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने की शुरूआत हो चुकी है। यू कहें तो भटनेर नगरी के इतिहास में नया अध्याय जुडऩे में चालीस साल का वक्त लगा है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण 15 माह में होगा। कार्यक्रम के दौरन पीएम मोदी ने दिल्ली से रिमोट का बटन दबाकर हनुमानगढ़ के अलावा सिरोही, बांसवाड़ा और दौसा के मेडिकल कॉलेज भवन का शिलान्यास किया। खास बात यह थी पीएम ने अपना संबोधन शुरू करते वक्त सांसद निहालचंद मेघवाल का भी जिक्र किया। इन्होंने भाषण शुरू करने के दौरान कहा कि कार्यक्रम में पुराने साथी व सांसद निहालचंद चौहान भी मौजूद है।

फ्रंटलाइन में नहीं दिखे डॉक्टर
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप व भाजपा जिलाध्यक्ष बलबीर बिश्नोई पीछे की सीटे पर बैठे। हालांकि विधायक धर्मेंद्र मोची, सांसद निहालचंद मेघवाल व पीएमओ ने उन्हें आगे की पंक्ति में आने के लिए आग्रह भी किया। लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।

कार्यक्रम में यह हुए शामिल
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भंवरसिंह भाटी, सांसद निहालचंद मेघवाल, विधायक चौधरी विनोद कुमार, पीलीबंगा विधायक धर्मंेद्र मोची, संगरिया विधायक गुरदीप शाहपीनी, पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप, जिला कलक्टर नथमल डिडेल, जिला पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन, जिला प्रमुख कविता मेघवाल, सभापति गणेश राज बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष बलबीर बिश्नोई, कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, कांग्रेस महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रवीणा मेघवाल, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़, उपसभापति अनिल खीचड़, कृष्ण जैन, एडवोकेट मुस्ताक जोईया, पार्षद तरूण विजय, मंडी समिति चेयरमेन अमरसिंह सिहाग, मेडिकल कॉलेल नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक क्वात्रा, पीएमओ डॉ. दीपक सैनी, मेडिकल कॉलेज कमेटी सदस्य डॉ. शंकर सोनी, डॉ. अमृतपाल सिंह, डॉ. डीसी खत्री, नर्सिंग कर्मी सुनील बहल, गुगन सहारण आदि मौजूद रहे।


325 करोड़ रुपए की लागत से होगा निर्माण
मेडिकल कॉलेज का निर्माण 325 करोड़ की लागत से होगा। इसमें केन्द्र तथा राज्य सरकार के बीच 60/40 के अनुपात में लागत वहन की जाएगी। इसमें केन्द्रीयांश 195 करोड़ रुपए व राज्यांश 130 करोड़ रुपए है। चिकित्सा महाविद्यालय की क्षमता 100 एमबीबीएस सीट होगी। चिकित्सा महाविद्यालय के भवन का निर्माण हनुमानगढ़-संगरिया बाइपास 40 बीघा में किया जा रहा है। चिकित्सा महाविद्यालय जी प्लस 3 का भवन होगा। इसका निर्माण एसपीजी इन्फ्रा लिमिटेड नई दिल्ली को 15 माह के भीतर करना होगा। इसके साथ महात्मा गांधी स्मृति राजकीय जिला चिकित्सालय इसकी मुख्य इमारत होगी। नेशनल मेडिकल कमीशन की एलओपी स्टेज पर जिला चिकित्सालय हनुमानगढ़ में 400 बेड व 30 आपातकालीन बेड संचालित होंगे। इसलिए जिला चिकित्सालय हनुमानगढ़ में नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा।

मिलेगी बेहतर सुविधा
महाविद्यालय में शैक्षणिक भवन, रेजीडेंट, नर्सेज व इंटर्न छात्रावास, प्राचार्य निवास, शिक्षक आवास तथा खेलकूद मैदान का निर्माण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के आरंभ होने से स्वास्थ्य सुुविधाओं में विस्तार होगा। ऑपरेशन थिएटर मेें भी सुविधा बढ़ेगी और वार्ड में रोगियों की देखभाल भी पहले से बेहतर होगी। मेडिकल कॉलेज खुलने से शहर के नागरिकों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे धन व समय दोनों की बचत होगी। मेडिकल कॉलेज से हनुमानगढ़ को कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। वर्तमान में न्यूरो फीजिएशन व न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण दुर्घटना के जख्मी को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रैफर किया जाता है। मेडिकल कॉलेज खुलने से इस तरह के रैफर केसों में काफी हद तक कमी आएगी। इसके अलावा हार्ट, ईएनटी, न्यूरो, ग्रेस्ट्रोलोजिस्ट इत्यादि चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी।

1981 में हुआ था उद्घाटन
जानकारी के अनुसार टाउन स्थित जिला अस्पताल को पहले रेफरल अस्पताल के नाम से जाना जाता था। इसका उद्घाटन 1981 सितंबर में उस वक्त के प्रभारी डॉ. स्वदेश मित्र सैनी ने किया था। जिला बनने के बाद इसे जिला अस्पताल में तब्दील कर दिया गया। करीब चालीस बाद मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने की शुरूआत भी सितंबर से शुरू हुई है। अब मेडिकल कॉलेज निर्माण कमेटी के सदस्य के रूप में पीएमओ डॉ.दीपक मित्र सैनी पुत्र डॉ. स्वदेश मित्र सैनी कार्य कर रहे हैं।

नवरात्र में शुरू होगी खुदाई
राज्य मंत्री भवंर सिंह भाटी की ओर से मेडिकल कॉलेज की प्रस्तावित भूमि पर पौधरोपण किया जाना था। किसी कारणवश यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इनकी जगह पर निर्माणाधीन कंपनी एसपीजी व पीएमओ डॉ. दीपक सैनी ने मेडिकल कॉलेज की भूमि पर पौधरोपण किया। निर्माणाधीन कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि श्राद्ध की वजह से निर्माण कार्य की नींव व खुदाई कार्य नवरात्र में शुरू होगा।

अस्पतालों की ओपीडी का बदला समय
हनुमानगढ़. जिले के सरकारी व राजकीय जिला चिकित्सालय का समय बदल गया है। ओपीडी का समय सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक रहेगा। राजकीय अवकाश के दिन ओपीडी का समय का समय सुबह नौ बजे से 11 बजे तक रहेगा