7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भद्रकाली मंदिर में गूंजे जय कालीमाता के जयकारे, नवमीं के दिन उमड़े श्रद्धालु

भद्रकाली मंदिर में गूंजे जय कालीमाता के जयकारे, नवमीं के दिन उमड़े श्रद्धालु- महाआरती के साथ हुआ मेले का समापनहनुमानगढ़. टाउन व जंक्शन से सात किलोमीटर दूर ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर में चल रहे मेले का समापन रविवार शाम को महाआरती के साथ हुआ।

2 min read
Google source verification
भद्रकाली मंदिर में गूंजे जय कालीमाता के जयकारे, नवमीं के दिन उमड़े श्रद्धालु

भद्रकाली मंदिर में गूंजे जय कालीमाता के जयकारे, नवमीं के दिन उमड़े श्रद्धालु

भद्रकाली मंदिर में गूंजे जय कालीमाता के जयकारे, नवमीं के दिन उमड़े श्रद्धालु
- महाआरती के साथ हुआ मेले का समापन
हनुमानगढ़. टाउन व जंक्शन से सात किलोमीटर दूर ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर में चल रहे मेले का समापन रविवार शाम को महाआरती के साथ हुआ। मुख्य मेले के दिन सुबह चार बजे से भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया। दोपहर को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। चारों तरफ मां काली के जयकारे गूंजने लगे। उधर, श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सामाजिक संस्थाओं की ओर से विभिन्न तरह के भण्डारे लगाए गए। भारत क्लब की ओर से नौ दिन तक भण्डारा लगाया गया। मेला प्रभारी सुनील धूडिय़ा ने बताया कि क्लब की ओर से 9 दिन तक सेवाएं चलाई जाती हैं। मेले के दिन श्री सनातन धर्म महावीर दल की ओर से सेवा की गई। अध्यक्ष प्रेम पारीक ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व गर्मी को देखते हुए पंडाल व कूलर की व्यवस्था की गई। एपेक्स क्लब हनुमानगढ़ की ओर से शरबत, जलजीरा व मेडिकल सहायता शिविर लगाया गया। प्रोजेक्ट चेयरमैन भवानी चाचान ने बताया भीषण गर्मी को देखते हुए भद्रकाली मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मीठा शरबत व जलजीरा की सेवा की गई। इसके अलावा अन्य कई सामाजिक संगठनों की ओर से सेवा की गई।


4 पर्स व दो चैन हुई चोरी
मंदिर परिसर में हर बार की तरह इस बार भी हनुमानगढ़ सेवा समिति भारत क्लब की ओर से खोया पाया केंद्र स्थापित किया गया था। प्रभारी मदन गोपाल जिंदल ने बताया की मेले में 17 छोटे छोटे बच्चो को उनके परिजनों से मिलाया। जिंदल ने बताया की इसके अलावा 4 लोगो के पर्स, 4 के मोबाइल व 2 महिलाओं की चैन गायब होने के सूचना मिली है।

बच्चों ने लिए झूले
मेले में बच्चों के लिए विशेष प्रकार की झूले की व्यवस्था थी। बच्चों ने झूले लिए और महिलाओं ने चाइना बाजार से खरीदारी की। वहीं मेला परिसर में फूड कोर्ट भी लगाया गया था। जिसमें क्वालिटी का विशेष ध्यान रखा गया था। लोगों ने फूड कोर्ट में विभिन्न तरह के पकवान खाकर लुत्फ उठाए।