29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लोंगो का प्राइवेट अस्पतालों में रुझान बढ़ा, चिरंजीवी योजना का असर

लोंगो का प्राइवेट अस्पतालों में रुझान बढ़ा, चिरंजीवी योजना का असर- सुविधाओं को देख प्राइवेट अस्पतालों की ओर कर रहे रूख

3 min read
Google source verification
लोंगो का प्राइवेट अस्पतालों में रुझान बढ़ा, चिरंजीवी योजना का असर

लोंगो का प्राइवेट अस्पतालों में रुझान बढ़ा, चिरंजीवी योजना का असर

लोंगो का प्राइवेट अस्पतालों में रुझान बढ़ा, चिरंजीवी योजना का असर
- सरकारी अस्पतालों में नहीं करवा रहे ऑपरेशन
- सुविधाओं को देख प्राइवेट अस्पतालों की ओर कर रहे रूख
हनुमानगढ़. चिरंजीवी योजना के कारण जिला अस्पताल में आईपीडी की संख्या कम होने लगी है। लोगों का रुझान प्राइवेट अस्पतालों की ओर बढ़ रहा है। यही वजह यह है कि जिला अस्पताल में सर्जन, ऑर्थो, ईएनटी विशेषज्ञ होने के बावजूद डेढ़ करोड़ रुपए की लागत के ऑपरेशन नहीं कर पाए हैं। जबकि इसी अस्पताल की कुछ दूरी पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल 4 करोड़ 15 लाख रुपए के ऑपरेशन कर अपने खाते में जमा करवा चुका है। जानकारों की माने तो मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत इलाज निशुल्क होने के कारण रोगी व परिजन सरकारी अस्पतालों में जाने की बजाए प्राइवेट अस्पतालों की ओर रूख कर रहे हैं। इसकी वजह से सरकारी अस्पतालों में पैकेज कम बुक होने के कारण सरकारी खजाने खाली पड़े है। जबकि सरकारी अस्पताल में रोगियों को बेहतर सुविधा देकर निशुल्क ऑपरेशन की संख्या बढ़ाकर अपना खजाना भर सकते हैं। इस राशि से स्वास्थ्य सुविधा और बढ़ाई जा सकेगी।

सरकारी अस्पतालों की यह स्थिति
चिरंजीवी योजना लागू होने के बाद से सरकारी अस्पताल में सर्जरी न के बराबर हो रही है। रोगी व परिजन प्राइवेट अस्पतालों में योजना का लाभ लेते हुए सर्जरी करवा रहे हैं। वहीं रोगी व परिजनों के आग्रह पर और प्राइवेट अस्पतालों में सुविधा होने के कारण सरकारी अस्पताल के चिकित्सक इन अस्पतालों में जाकर चिरंजीवी योजना के तहत ऑपरेशन कर रहे हैं। इसकी वजह से सरकारी अस्पतालों में सर्जरी के आंकड़े न के बराबर हो गए। स्वास्थ्य विभाग के 1 मई 2021 से 31 मार्च 2022 तक के आंकड़ों के अनुसार रावतसर के सरकारी अस्पताल में केवल 11.57 प्रतिशत रोगी भर्ती हुए। हनुमानगढ़ टाउन के जिला अस्पताल में 15.71 प्रतिशत, डबलीराठान में 17.29 प्रतिशत, टिब्बी में 17.59 प्रतिशत, पल्लू में 18.40 प्रतिशत, गोलूवाला में 19.66 प्रतिशत, ढाबां में 20.18 प्रतिशत व पीलीबंगा में 20.18 प्रतिशत, भादरा में 27.09 प्रतिशत व नोहर में सर्वाधिक 84.18 प्रतिशत रोगियों को भर्ती किया गया है।

प्राइवेट अस्पतालों की यह स्थिति
चिरंजीवी योजना के तहत टाउन के बेनीवाल ऑर्थो एंड मेटरनिटी अस्पताल ने एक मई 2021 से 31 मार्च 2022 तक चार करोड़ 15 लाख 67 हजार रुपए के पैकज बुक कर 3506 ऑपरेशन किए हैं। आरोग्य आर्थोपेडिक सेंटर ने एक करोड़ 10 लाख रुपए के पैकेज बुक कर 772 ऑपरेशन किए हैं। बेनीवाल हॉस्पिटल ने एक करोड़ 4 लाख रुपए के पैकेज बुक कर 575 ऑपरेशन किए हैं। इसी तरह गौरी अस्पताल ने 93 लाख रुपए में 1015 ऑपरेशन किए हैं। चावला नर्सिंग होम ने करीब पचास लाख, एपेक्स अस्पताल ने 217 ऑपरेशन कर 43 लाख रुपए का पैकेज बुक किए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीमा कंपनी ने इन सभी के खाते में राशि जमा करवा चुकी है।

10 लाख रुपए तक का इलाज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि ऐसे व्यक्ति जिन्होंने योजना में पंजीकरण तो करवा लिया, लेकिन तीन माह पूर्ण नहीं होने की वजह से पॉलिसी एक्टिव नही हुई है, ऐसे जरूरतमंद मरीजों को योजना के अंतर्गत निशुल्क उपचार प्रदान करने के लिए निजी अस्पतालों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिला कलक्टर अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी की एसएसओ आईडी संम्बद्ध अस्पतालों तथा सरकारी चिकित्सा संस्थानों के संबध में यह आवेदन अस्पताल के अधीक्षक, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, अथवा प्रभारी अधिकारी की एसएसओ आईडी पर किया जाएगा। प्राप्त आवेदनों को जिला कलक्टर या सक्षम अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से पोर्टल पर अप्रूव अथवा निरस्त कर सकेंगे। एक अप्रैल से अब इस योजना के अंतर्गत बीमा कवर राशि को भी बढाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही कॉकलियर, इंप्लांट, बोन मैरों, ट्रांसप्लांट, आर्गन ट्रांसप्लांट जैसे महंगे इलाज को भी इस योजना में शामिल किया जा चुका है। लेकिन प्रसव को इस योजना में अभी तक शामिल नहीं किया है। इस योजना के तहत सात मई तक व्यक्ति रजिस्ट्रशन करवा सकता है।

कर रहे समीक्षा
सरकारी अस्पतालों में पैकेज कम बुक हो रहे हैं। इसकी समीक्षा की जा रही है। अस्पताल के संबंधित प्रभारी को पैेकेज की संख्या में बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
डॉ. नवनीत कुमार, सीएमएचओ, हनुमानगढ़।


*******

Story Loader