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ना बैंड ना बाजा, 17 मिनट और हो गई शादी

बैंड ना बाजा। सिर्फ 17 मिनट की संतवाणी (रमैणी) गाई गई और हो गई शादी। जी, हां।

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सतना

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Lata Borad

Dec 05, 2016

marriage in 17 minutes

marriage in 17 minutes

नोहर

बैंड ना बाजा। सिर्फ 17 मिनट की संतवाणी (रमैणी) गाई गई और हो गई शादी। जी, हां। इसे नोटबंदी का साइड इफेक्ट, दहेज प्रथा का विरोध कहें या कुछ और पर रविवार को हुई यह शादी खूब चर्चित रही। अनुयायियों ने रविवार को चकाचौंध से दूर फेरों और यज्ञ की जगह रामपाल की तस्वीर को साक्षी मान वर-वधू को वैवाहिक बंधन में बांध दिया। इस दौरान मंगल गीतों की जगह रामपाल की 17 मिनट की वाणी का गायन किया। यह सादगी की शादी गांव खुईयां में कबीर पंथी संस्था से जुड़े अनुयायियों ने करवाई। इसमें हनुमानगढ़ तहसील के गांव अराईवाली निवासी चेतराम नायक के पुत्र मांगीलाल का विवाह खुईयां निवासी आत्माराम सारसर की भांजी पूनम से कराया गया। समारोह में कबीर पंथ से जुड़े तीन सौ अनुयायी शामिल हुए। (नसं.)

कौन है रामपाल

हरियाणा में हिसार जिला मुख्यालय के नजदीक बरवाला में रामपाल का भव्य आश्रम है। रामपाल का विवादों से नाता रहा है। अपने अनुयायियों के दम पर करीब दो साल पहले रामपाल हरियाणा सरकार और प्रशासन से टकरा गया था। पुलिस को किसी मामले में उसकी गिरफ्तारी करनी थी। आश्रम में करीब एक लाख अनुयायी होने से उसके अंगरक्षकों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को आश्रम में नहीं घुसने दिया। पखवाड़ाभर चली जद्दोजहद के बाद अद्र्धसैनिक बलों की कई टुकडि़यों ने उसे 20 नवम्बर 2014 को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। पुलिस और प्रशासन को आश्रम खाली करवाने में ही 36 घंटे से अधिक समय लगा था। रामपाल अभी भी जेल में है।

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