
बरसों से काट रहे थे चक्कर, समझाइश से सुलझे मामले
बरसों से काट रहे थे चक्कर, समझाइश से सुलझे मामले
- राष्ट्रीय लोक अदालत में समझाइश से 625 प्रकरण निपटे
- 54560722 रुपए के अवार्ड पारित
हनुमानगढ़. जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सूर्यप्रकाश काकड़ा ने उद्घाटन उद्बोधन में लोक अदालत की महत्ता बताई। साथ ही लोक अदालत में रखे जाने वाले एनआईएक्ट केसेज, एमएसीटी केसेज, वैवाहिक विवाद, राजीनामा योग्य दाण्डिक प्रकरणों आदि के बारे में जानकारी देते हुए इसे सफल बनाने में अधिवक्ताओं के योगदान को सराहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हनुमानगढ़ के सचिव विजयप्रकाश सोनी ने लोक अदालत से मिलने वाले लाभ की जानकारी दी। बार संघ उपाध्यक्ष सुनील परिहार ने बैंक अधिकारियों से अधिकाधिक प्रिलिटिगेशन मामले निस्तारित करने की अपील की। इस मौके पर अमरचंद सिंघल, एडीजे द्वितीय डॉ. सत्यपाल वर्मा, सीजेएम आशा चौधरी, एसीजेए रमेश ढालिया, एमजेएम अनुभूति मिश्रा, एसीजेएम राधिकासिंह चारण आदि उपस्थित रहे।
22 लाख से अधिक का अवार्ड पारित
नोहर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एडीजे पवन वर्मा, एडीजे पुखराज गहलोत, एसीजेएम नरेन्द्र कुमार खत्री व न्यायिक मजिस्ट्रेट विजयश्री रावत की अध्यक्षता में चार बैंच का गठन किया गया। इनमें अधिवक्ताओं के साथ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। इस दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व की जानकारी दी गई। न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि मुकदमों का राजीनामा से निपटारा करने के लिए प्रेरित करने की मंशा से ऐसे आयोजन किए जाते हैं। एडीजे पवन वर्मा ने बताया कि कुल 533 प्रकरण रखे गए। इसमें से 75 प्रकरणों का निस्तारण लोक अदालत की भावना से करवाया गया। इसमें कुल 22 लाख 10 हजार 868 रुपए की राशि का अवार्ड पारित किया गया।
Published on:
12 Dec 2020 07:41 pm
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