मेडिकल स्टोर संचालक नशीली दवा तस्करी का दोषी, 15 साल कठोर कारावास की सजा

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हनुमानगढ़. भारी मात्रा में अवैध रूप से नशीली दवाओं के भंडारण व तस्करी के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस वीरेंद्र जसूजा ने गुरुवार को मेडिकल स्टोर संचालक को दोषी करार दिया। उसे 15 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।

By: adrish khan

Published: 18 Dec 2020, 09:11 AM IST

मेडिकल स्टोर संचालक नशीली दवा तस्करी का दोषी, 15 साल कठोर कारावास की सजा
- डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना भी ठोका
- वर्ष 2015 में मेडिकल स्टोर से पकड़ी गई थी नशीली दवाओं की खेप
हनुमानगढ़. भारी मात्रा में अवैध रूप से नशीली दवाओं के भंडारण व तस्करी के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस वीरेंद्र जसूजा ने गुरुवार को मेडिकल स्टोर संचालक को दोषी करार दिया। उसे 15 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना भी ठोका जो अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने की।
प्रकरण के अनुसार सात फरवरी 2015 को औषधि नियंत्रण अधिकारी सुखदीप कौर को मुखबिर से सूचना मिली कि पीलीबंगा में न्यू राहुल मेडिकल स्टोर पर अवैध रूप से नशीली दवाइयां बेची जा रही हैं। इस पर सुखदीप कौर ने मेडिकल स्टोर की जांच की तो मौके से स्टोर संचालक जगदीश कुमार पुत्र रतिराम नायक निवासी जाखड़ांवाली फरार हो गया। इस पर औषधि नियंत्रण अधिकारी सुखदीप कौर ने मेडिकल स्टोर को सील कर स्टोर संचालक जगदीश कुमार को पीलीबंगा पुलिस थाना के जरिए नोटिस देकर तलब किया।
पीलीबंगा थाना पुलिस की ओर से 8 अप्रेल 2015 को मेडिकल स्टोर संचालक जगदीश कुमार को तलब कर मौके पर औषधि नियंत्रण अधिकारी को बुलाया गया। उस दिन औषधि नियंत्रण अधिकारी प्रेम सिंह ने न्यू राहुल मेडिकल स्टोर की सील तोड़ दवाइयों की जांच की तो काफी मात्रा में अवैध रूप से बिना लाइसेंस के बेची जा रही नशीली दवाइयां मिली। उनको जगदीश कुमार के सामने पुलिस ने बरामद किया। बरामद नशीली दवाइयों का कुल वजन वाणिज्यिक मात्रा का 31112.75 ग्राम होना पाया गया। मेडिकल स्टोर संचालक जगदीश कुमार के खिलाफ पीलीबंगा पुलिस ने 8 अप्रेल 2015 को एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। अनुसंधान के दौरान जगदीश नायक के विरुद्ध धारा 8/21, 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए कुल 15 गवाह पेश किए। साथ ही 62 दस्तावेज भी प्रदर्शित कराए गए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अपराध प्रमाणित पाए जाने पर मेडिकल स्टोर संचालक जगदीश कुमार को सजा सुनाई।
जाएगा कड़ा संदेश
विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने बताया कि अवैध नशीली दवाइयों का कारोबार जिले में अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है। यद्यपि जिला पुलिस निरंतर अभियान चलाकर कार्यवाही कर रही है। मगर इसके बावजूद नशे की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। खासकर मेडिकेटेड आदि नशे के। न्याय एवं प्रशासन की ओर से नशे के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सजा प्रतिशत बढ़ाया जाना आवश्यक है। इस आदेश से निश्चित तौर पर नशे के कारोबार में लगे अपराधियों में कड़ा संदेश जाएगा।

adrish khan Reporting
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