हनुमानगढ़ में मनरेगा मजदूरों को अफसर नहीं दिला पा रहे पूरी मजदूरी

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हनुमानगढ़. वर्तमान में राज्य में मनरेगा योजना के तहत 220 रुपए प्रतिदिन मजदूरी दर निर्धारित है। लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही से मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिल पा रही।

 

By: Purushottam Jha

Published: 16 Dec 2020, 10:57 AM IST

हनुमानगढ़ में मनरेगा मजदूरों को अफसर नहीं दिला पा रहे पूरी मजदूरी
-प्रदेश में निर्धारित मजदूरी 220 रुपए मगर मजदूरों को डेढ़ सौ रुपए लेने के लिए भी बहाना पड़ रहा पसीना
-पूरे काम की एवज में पूरे दाम दिलाने को लेकर सरकार अब चलाएगी मुहिम
हनुमानगढ़. वर्तमान में राज्य में मनरेगा योजना के तहत २२० रुपए प्रतिदिन मजदूरी दर निर्धारित है। लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही से मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिल पा रही। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश में कई जिले तो ऐसे हैं जहां पर जीतोड़ मेहनत के बाद भी मजदूरों को करीब डेढ़ सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी लेने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
प्रदेश की बात करें तो पूरे राज्य में बीते नवम्बर माह में मनरेगा में औसत मजदूरी १७७ रुपए प्रतिदिन रही। इस स्थिति में अब सरकार ने मनरेगा के सभी जिला प्रभारियों को माइक्रो प्लान बनाकर मजदूरों को पूरी मजदूरी दिलाने को लेकर पाबंद किया है। इसके तहत राज्य सरकार सोलह दिसंबर से पंद्रह फरवरी तक 'पूरा काम पूरा दामÓ मुहिम भी चलाने जा रही है।
इसमें मजदूरों को पूरा काम करने पर पूरा दाम दिलाने का लक्ष्य रहेगा। मनरेगा से जुड़े कार्मिकों व अफसरों में छाई सुस्ती को दूर करने के साथ ही इस मुहिम में मजदूरों को पूरी मजदूरी दिलाने का लक्ष्य रहेगा। इस दौरान मनरेगा से जुड़े कार्मिकों को विशेष तौर पर ट्रेनिंग भी दिया जाएगा। जिससे पूरी मजदूरी के अनुपात में मजदूरों को तत्काल पूरे दाम मिल सके।

औसत मजदूरी पर नजर
मनरेगा के तहत नवम्बर में अजमेर जिले में १४७, अलवर में १९०, बांसवाड़ा में १७९, बारां १४७, बाड़मेर में २०६, भरतपुर में १७७, भीलवाड़ा में १७८, बीकानेर में १८२ रुपए औसत मजदूरी मिली। इसी तरह बूंदी में १८०, चितौडग़ढ़ १७६, चूरू १७५, दौसा में १७२, धौलपुर में १८५, डूंगरपुर १७९, हनुमानगढ़ में १६५, जयपुर में १७४, जैसलमेर में १८६, जालोर १७०, झालावाड़ १८४, झुंझुंनू १७१, जोधपुर १६७, करौली १८०, कोटा १६२, नागौर १७५, पाली १६२, प्रतापगढ़ १७५, राजसमंद १९३, सवाईमाधोपुर १८७, सीकर १८३, सिरोही १८६, श्रीगंगानगर १५४, टोंक १८०, उदयपुर जिले में औसत मजदूरी १७४ रुपए प्रतिदिन रही।

आपदा में बनी संजीवनी
प्रदेश में गत दिनों कोरोना महामारी के समय लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा साधन मनरेगा योजना ही बनी। हजारों प्रवासी मजदूर जब लौटे तो उन्हें गांवों में मनरेगा में मजदूरी दी गई। इस तरह आपदा के समय रोजगार की दृष्टि से मनरेगा संजीवनी साबित हुई।

इतने को दिया रोजगार
हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा में एक अप्रेल से अब तक १६१६७३ परिवार को रोजगार दिया गया है। जिनको रोजगार उपलब्ध करवा दिया गया है। दस दिसम्बर तक इन परिवारों को १२७५८.१८ लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। वर्तमान में मनरेगा में प्रगतिरत कार्यों की संख्या ९५५१ है।

.....फैक्ट फाइल....
-मनरेगा के तहत प्रदेश में मजदूरी दर २२० रुपए प्रतिदिन निर्धारित है।
-नवम्बर में प्रदेश में औसत मजदूरी १७७ रुपए प्रतिदिन रही।
-हनुमानगढ़ जिले में वर्तमान में मनरेगा में प्रगतिरत कार्यों की संख्या ९५५१ है।
-हनुमानगढ़ जिले में चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा में एक अप्रेल से अब तक १६१६७३ परिवार को दिया गया रोजगार।

.....वर्जन...
पूरी मजदूरी दिलाने का करेंगे प्रयास
मनरेगा में निर्धारित मजदूरी दर के अनुसार मजदूरों को भुगतान करने को लेकर सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। इसके लिए मुहिम भी चला रहे हैं। इसमें मनरेगा कार्मिकों को नए सिरे से प्रशिक्षित करने काम भी करेंगे।
-जाकिर हुसैन, कलक्टर, हनुमानगढ़

Purushottam Jha Reporting
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