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सगे भांजे को घर बुलाकर हत्या, रातोंरात दाह संस्कार

हनुमानगढ़. भांजे की हत्या कर शव का अपने स्तर पर ही दाह संस्कार कराने के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी मामाओं को टाउन पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। उनका चार अक्टूबर तक का रिमांड मंजूर करवाया।

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सगे भांजे को घर बुलाकर हत्या, रातोंरात दाह संस्कार

सगे भांजे को घर बुलाकर हत्या, रातोंरात दाह संस्कार

सगे भांजे को घर बुलाकर हत्या, रातोंरात दाह संस्कार
- हत्या के आरोपी दो मामा पुलिस रिमांड पर
- बेटी को भगाने में सहयोग के संदेह में हत्या करने का मामला
हनुमानगढ़. भांजे की हत्या कर शव का अपने स्तर पर ही दाह संस्कार कराने के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी मामाओं को टाउन पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। उनका चार अक्टूबर तक का रिमांड मंजूर करवाया। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियों से वारदात में संलिप्त अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ करेगी।
थाना प्रभारी दिनेश सारण ने बताया कि सगे भांजे हरविन्द्र सिंह पुत्र गुरदयाल सिंह निवासी हाऊसिंग बोर्ड, जंक्शन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मृतक के मामा देवेन्द्र सिंह (54) पुत्र दर्शनसिंह कम्बोज व उसके भाई काला सिंह (44) दोनों निवासी वार्ड चार, अमरपुरा थेहड़ी से वारदात में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ की जा रही है। संलिप्तता के आधार पर शेष जनों की भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे। पूछताछ में आरोपियों ने घर से बेटी को भगाने में सहयोग करने के संदेह में भांजे की हत्या करने की बात स्वीकारी है। फिर खुद ही रात्रि को उसका दाह संस्कार भी करवा दिया। मृतक के परिवार को आकस्मिक मौत की सूचना दाह संस्कार कराने के बाद दी।
क्या था मामला
पुलिस के अनुसार 23 सितम्बर को गुरदयाल सिंह पुत्र गुरचरण सिंह निवासी हाऊसिंग बोर्ड, जंक्शन ने हत्या का मामला दर्ज कराया था। उसने रिपोर्ट दी थी कि उसके साले देवेन्द्र सिंह व काला सिंह 22 सितम्बर को उसके पुत्र हरविन्द्र सिंह को अपने साथ अमरपुरा थेहड़ी ले गए। वहां देवेन्द्र, काला व साढू तथा 10-15 अन्य ने 22 सितम्बर की रात हरविन्द्र सिंह की हत्या कर दी। उसके बाद सुबह जल्दी ही दाह संस्कार भी करवा दिया। घटना के बाद से ही मृतक के मामा के परिवार के सभी लोग फरार हो गए थे। सूचना के बाद 23 सितम्बर को पुलिस ने मौका मुआयना किया तथा एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने कई जगह दबिश देकर उनको हिरासत में लिया तथा पूछताछ की। पहले यह प्रकरण सम्पत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा था। मगर बाद में लड़की को भगाने का संदेह वारदात का कारण होने की बात सामने आई।