
नींव खुदाई से पहले ही विवादों में नेशनल हाइवे निर्माण
नींव खुदाई से पहले ही विवादों में नेशनल हाइवे निर्माण
-जिले में 1000 करोड़ से होगा सड़क का निर्माण
-कब्जा दिलाने की टाइमिंग को लेकर उठ रहे सवाल
हनुमानगढ़. नींव खुदाई से पहले ही नेशनल हाइवे का निर्माण विवादों में आ गया है। वर्तमान में जिला प्रशासन जिस तरीके से अधिग्रहित भूमि का कब्जा नेशनल हाइवे ऑथोरिटी को दिला रहा है, इसकी टाइमिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। किसानों का कहना है कि बीते दिनों ७० दिन की नहरबंदी के दौरान खेत खाली थे। लेकिन उस वक्त जिला प्रशासन ने उचित मुआवजा दिलाकर कब्जा दिलाने के प्रयास नहीं किए। अब खरीफ की फसलें खेतों में तैयार हो रही है, ऐसे वक्त में फसलों को तबाह कर कब्जा दिलाने की कार्रवाई का हर तरफ विरोध हो रहा है। किसान संगठनों ने १४ अक्टूबर तक की मोहल्लत सरकार से मांगी है।
इसके बाद स्वत: ही कब्जा सौंप देंगे। परंतु सरकार के दबाव में अब जिला प्रशासन बिना देरी किए नेशनल हाइवे को कब्जा दिलाने की कार्रवाई में जुटा हुआ है। इसके तहत इन दिनों भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जिले से गुजरने वाली नेशनल हाइवे के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण करवाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। हनुमानगढ़ जिले में प्रोजेक्ट के तहत ६१ किमी में सिक्स लेन सड़क का निर्माण होना है। इसके तहत अभी तक करीब ३० किमी तक सड़क का कब्जा नेशनल हाइवे ऑथोरिटी को मिल गया है। सड़क निर्माण पर करीब एक हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। क्षेत्र में नेशनल हाइवे निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए जरूरी है कि नेशनल हाइवे के पास ९० प्रतिशत भूमि का कब्जा मिल जाए। अब तक पचास प्रतिशत कब्जा ही मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं हो रहा। भारतमाला 754 के किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी अधिग्रहित भूमि पर मनमाने तरीके से फसलों को तबाह कर रहे हैं। हमने सरकार को भी मांगपत्र भेजा है। इसमें उचित मुआवजा देने तथा डेढ़ माह का वक्त किसानों को देने की मांग की है।
५०० हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
नेशनल हाइवे निर्माण को लेकर नियुक्त प्रोजेक्ट डायरेक्टर मोहम्मद शफी ने बताया कि भूमि का कब्जा मिलने पर २०२२ में सड़क निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत हनुमानगढ़ जिले में करीब ५०० हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिला प्रशासन के सहयोग से अब इसका कब्जा लिया जा रहा है। अधिग्रहित भूमि की सफाई व लेवलिंग के बाद सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट के शुभारंभ को लेकर जल्द उच्च स्तर से तिथि भी घोषित की जाएगी।
बेबस हो रहा किसान
कृषि प्रधान हनुमानगढ़ जिले में इन दिनों खरीफ की प्रमुख फसल नरमा-कपास में फूल और टिंड्डे लग रहे हैं। दूसरे फसलें भी बढ़वार व पकाई की अवस्था में हैं। पर्याप्त नहरी पानी नहीं मिलने की वजह से महंगी बिजली खरीद कर ट्यृबवेल से खेतों को सिंचित कर रहे हैं। मगर अब जिला प्रशासन की ओर अचानक की जा रही कार्रवाई के चलते हालात ऐसे हो रहे हैं कि एक्सक्वेटर मशीन चलाकर किसानों की आंखों के सामने उनके खेतों में फसलों को तबाह किया जा रहा है। किसानों की मांग है कि खराब की जा रही फसल का तो सरकार मुआवजा दे।
किसान कर रहे विरोध
नेशनल हाइवे निर्माण के दौरान प्रभावित क्षेत्र के किसान लंबे समय से उचित मुआवजे की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। बीते दिनों जिले के गांव शेरगढ़ में एनएचआई के कर्मचारियों और ठेकेदार के स्टॉफ ने जब खेतों में घुसने का प्रयास किया तो किसानों ने इसका विरोध कर उन्हें वहां से भगा दिया। एक किसान खेत में आए एक्सक्वेटर मशीन के टायर के नीचे लेट गया। काफी किसानों ने मशीन पर चढ़कर विरोध जताया। जिले के संगरिया तहसील क्षेत्र के एसडीएम रमेश देव के अनुसार कब्जा दिलाने को लेकर नहरबंदी के दौरान प्रयास नहीं किए गए। क्योंकि उस वक्त कुछ किसानों का मुआवजा लंबित था, कुछ के परिवाद चल रहे थे। अब कलक्टर के निर्देश पर उक्त कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
28 Aug 2021 05:14 pm
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