एफसीआई गोदाम में आने व जाने के लिए अब मिलेगा सुगम रास्ता

हनुमानगढ़. टाउन के एफसीआई गोदाम में आने व जाने के लिए अब ट्रकों को सुगम रास्ता मिल सकेगा। कृषि विपणन बोर्ड ट्रकों की आवाजाही के लिए करीब पचास लाख की लागत से सड़क का निर्माण करेगा। इसको हरी झंडी कृषि विपणन बोर्ड के निदेशक ताराचंद मीणा ने मंगलवार को निरीक्षण के दौरान दी।

By: adrish khan

Published: 25 Nov 2020, 10:25 PM IST

हनुमानगढ़. टाउन के एफसीआई गोदाम में आने व जाने के लिए अब ट्रकों को सुगम रास्ता मिल सकेगा। कृषि विपणन बोर्ड ट्रकों की आवाजाही के लिए करीब पचास लाख की लागत से सड़क का निर्माण करेगा। इसको हरी झंडी कृषि विपणन बोर्ड के निदेशक ताराचंद मीणा ने मंगलवार को निरीक्षण के दौरान दी। सभापति गणेशराज बंसल ने निदेशक ताराचंद मीणा को एफसीआई गोदाम के रास्ते का निरीक्षण कराया और वस्तुस्थिति के बारे में अवगत कराया। करीब बीस मिनट के निरीक्षण के दौरान सभापति ने टिब्बी मार्ग के आरयूबी से एफसीआई गोदाम तक व यहां से पुन: मीरा कॉलोनी होते हुए कोहला नहर तक सड़क मार्ग का मुआयना करवाया। इस दौरान सभापति ने अवगत कराया कि कॉलेज फाटक के बंद होने से एफसीआई ट्रकों के आवागमन में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में एफसीआई गोदाम में आने-जाने के लिए जिस सड़क से गुजर रहे हैं वह मार्ग ट्रकों के आवागमन के मापदण्ड अनुसार नहीं बना हुआ है। इसलिए नगर परिषद ने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर कृषि विपणन बोर्ड से सड़क निर्माण का आग्रह किया था। नप ने तर्क दिया कि एफसीआई के गोदाम में जिन्स नई मण्डी से लाई जाती है। एफसीआई की ओर से मंडी शुल्क का भुगतान कृषि उपज मण्डी को दिया जाता है। इसलिए सड़क का निर्माण कृषि विपणन बोर्ड की ओर से किया जाए। इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर सुभाष सहारण, कृषि उपज मण्डी समिति सचिव सीएल वर्मा, अधिशासी अभियंता सुभाष बंसल, पार्षद विजेंद्र सांई, पार्षद सुमित रिणवां, नीरज सिंघल आदि मौजूद रहे।

यह है मामला
टाउन का कॉलेज फाटक बंद करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जांच किए बगैर ही 2017 में एनओसी जारी कर दी गई। इस आधार पर रेलवे विभाग ने करीब दो करोड़ की लागत से अंडरपास का निर्माण कर कॉलेज फाटक को बंद कर दिया। लेकिन यहां पर स्थित श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के सबसे बड़े एफसीआई गोदाम के लिए आवाजाही के लिए विकल्प क्या होगा। इसके बारे में किसी ने सोचा तक नहीं। फाटक बंद होने के कारण एफसीआई गोदाम की आवाजाही ठप हुई तो मामला जिला कलक्टर के पहुंचा। जहां उन्होंने जांच के लिए विकल्प तलाशने के लिए दो बार कमेटी का गठन किया।

63720 मेट्रिक टन की है क्षमता
कॉलेज फाटक के उसपार स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम है जिसकी क्षमता 63720 मेट्रिक टन है। वर्तमान में 56712 मेट्रिक टन गेहूं भंडारित है। सरकार की विभिन्न योजना एनएफएसए, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में वितरित होना प्रस्तावित है। हनुमानगढ़ में सरकार की विभिन्न योजनाओं में खाद्यान वितरण का मुख्य केंद्र यही गोदाम है। इसके अलावा हनुमानगढ़ टाउन मंडी में अनुमानित गेहूं की खरीद 1.30 मेट्रिक टन होती है। जिसमें से आधी खरीद का भण्डारण भी इसी एफसीआई गोदाम में होता है। इसी एफसीआई गोदाम से श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के लिए करीब 2.5 करोड़ बारदाने की सप्लाई होती है और बारदाना पश्चिम बंगाल के कोलकत्ता से आता है। रेलवे फाटक बंद होने से इस गोदाम से गेहूं का उठाव करने केलिए ट्रकों को घनी आबादी क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ रहा है।

यह निकाले थे विकल्प
कमेटी की ओर से एफसीआई के पास से होते हुए एसआरएम अंडरपास से पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग के मार्ग से होते हुए गुरुसर के पास से निकलते हुए कोहला नहर के साथ-साथ होते हुए रावतसर मार्ग पर पहुंचेगे। फिलहाल यह घनी आबादी क्षेत्र नहीं है। लेकिन हेवी व्हीकल के अनुरूप मार्ग की सड़के नहीं है। यह मार्ग अस्थाई तौर पर आवाजाही के लिए उपयुक्त है। इस मार्ग से आवाजाही करने के लिए एफसीआई को मुख्य द्वार दूसरी तरफ लेजाना होगा। दूसरा विकल्प यह निकाला था कि एफसीआई गोदाम से पारीक कॉलोनी और यहां से इन्दिरा कॉलोनी गली नंबर पांच या फिर सूर्यनगर की गली नंबर एक से आवाजाही हो सकती है। लेकिन यहां विद्युत पोल, विद्युत तार, सड़क के किनारे घरों के बाहर लगे ट्रीगार्ड व हेवी व्हीकल के अनुरूप सड़क नहीं है। सबसे बड़ी बाद यह घनी आबादी क्षेत्र है। तीसरा विकल्प यह था कि एफसीआई गोदाम से पारीक कॉलोनी होते हुए सीधा कोहला नहर से होते हुए रावतसर मार्ग पर पहुंच सकते हैं। वर्तमान में भी इसी मार्ग से छोटे ट्रक गोदाम से सप्लाई ले रहे हैं। लेकिन ट्रोले की आवाजाही इस पर मार्ग पर संभव नहीं है। यह मार्ग भी घनी आबादी क्षेत्र है। इसलिए पहले रास्ते को ही सबसे बेहतर माना गया था।


दो नवंबर को लिखा था पत्र
नगर परिषद की ओर से जिला कलक्टर को दो नवंबर को पत्र लिखकर कृषि विपणन बोर्ड से सड़क निर्माण कराने का आग्रह किया था। इसके बाद 6 नवंबर को एसडीएम कपिल यादव ने कृषि विपणन बोर्ड के उपनिदेशक को पत्र लिखा था। इसके पश्चात उसी दिन कृषि विपणन बोर्ड के क्षेत्रिए उपनिदेशक ने अपने विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।

करवाया है मौका मुआयना
सभापति गणेशराज बंसल ने बताया कि कृषि विपणन बोर्ड के निदेशक आईएएस ताराचंद मीणा बतौर चुनाव पर्यवेक्षक यहां आए हुए थे। उनसे मिलकर एफसीआई गोदाम की आवाजाही ठप होने पर वस्तुस्थिति के बारे में जानकारी दी और मौका मुआयना करवाया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भारी वाहनों के मापदंडों के अनुरूप सड़क निर्माण कराने के लिए मौके पर ही अधिशासी अभियंता को एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए ताकि एक दो दिन में वित्तीय स्वीकृति जारी की जा सके। सड़क का निर्माण होने से ट्रकों की आवाजाही के लिए रास्ता सुगम होगा।

adrish khan Reporting
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