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हनुमानगढ़ में जिला आबकारी कार्यालय के लेखाधिकारी व लिपिक घूस लेते गिरफ्तार

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. एसीबी हनुमानगढ़ की टीम ने मंगलवार को जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी तथा वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शराब ठेकेदार की पिछले वित्तीय वर्ष में जमा आठ फीसदी अमानत राशि वापस लौटाने के एवज में आरोपियों ने घूस मांगी थी।
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हनुमानगढ़

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Adrish Khan

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Updated: 15 Dec 2020, 3:30 PM IST

हनुमानगढ़ में जिला आबकारी कार्यालय के लेखाधिकारी व लिपिक घूस लेते गिरफ्तार

हनुमानगढ़ में जिला आबकारी कार्यालय के लेखाधिकारी व लिपिक घूस लेते गिरफ्तार

हनुमानगढ़ में जिला आबकारी कार्यालय के लेखाधिकारी व लिपिक घूस लेते गिरफ्तार
- शराब ठेकेदार की आठ प्रतिशत अमानत राशि वापस लौटाने के लिए दो हजार रुपए ली रिश्वत
- एसीबी हनुमानगढ़ टीम की कार्रवाई
हनुमानगढ़. एसीबी हनुमानगढ़ की टीम ने मंगलवार को जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी तथा वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शराब ठेकेदार की पिछले वित्तीय वर्ष में जमा आठ फीसदी अमानत राशि वापस लौटाने के एवज में आरोपियों ने घूस मांगी थी। एसीबी ने दोनों को गिरफ्तार कर दो हजार रुपए घूस राशि बरामद कर ली। उनको बुधवार को एसीबी कोर्ट श्रीगंगानगर में पेश किया जाएगा। इस मामले में कैशियर का नाम भी आया है। उसकी संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है। एसीबी के निरीक्षक सुभाष ढिल के नेतृत्व में ट्रैप की कार्रवाई अंजाम दी गई।
एसीबी के एएसपी गणेशनाथ सिद्ध ने बताया कि गोरीशंकर सोनी पुत्र अमीचंद सोनी निवासी वार्ड पांच पीलीबंगा ने 14 दिसम्बर को लिखित शिकायत दी थी। इसमें बताया कि परिवादी ने वर्ष 2019-20 में वार्ड संख्या 19, 20, 21, 22 व 23 में शराब की दुकानें की थी जो वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक संचालित की गई। इन दुकान की आठ प्रतिशत राशि बतौर अमानत आबकारी कार्यालय में जमा कराई गई थी। मार्च में दुकान संचालन की अवधि पूर्ण होने के बाद अप्रेल में उक्त राशि मिलनी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते अप्रेल में लॉकडाउन लग गया। इसलिए राशि जून में मिलनी थी। इसके लिए पत्रावली तैयार कर जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में जमा कराई। जब राशि के भुगतान के लिए कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी मोहनलाल पुत्र गुलराज सिंधी निवासी वार्ड 39, प्रेमनगर टाउन से संपर्क किया तो उसने रिश्वत मांगी। एसीबी ने सत्यापन कराया तो एएओ मोहनलाल ने 500 रुपए खुद के लिए, 1500 रुपए वरिष्ठ सहायक सुरेन्द्र सिंह के लिए तथा 500 रुपए कैशियर इकबाल सिंह के लिए मांगे। शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। परिवादी को पैसे देकर 14 दिसम्बर को ही आबकारी कार्यालय भेजा। मगर एएओ मोहनलाल उस दिन कार्यालय में उपस्थित नहीं मिला। वरिष्ठ सहायक सुरेन्द्र सिंह पुत्र पदमसिंह राजपूत निवासी हुडको कॉलोनी, जंक्शन मिला और उसने एक हजार रुपए की मांग की। मगर परिवादी ने उसे घूस की राशि नहीं दी।
दूसरे दिन फिर भेजा
पहले दिन मुख्य आरोपी नहीं मिलने पर ट्रैप की कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए परिवादी गौरीशंकर को मंगलवार को पुन: दो हजार रुपए की घूस राशि देकर आबकारी कार्यालय भिजवाया गया। एएओ मोहनलाल कार्यालय में मिल गया। उसने दो हजार रुपए की घूस ले ली। जबकि वरिष्ठ सहायक सुरेन्द्र सिंह वीसी में गया हुआ था। इसलिए एसीबी ने उसे वहां से दबोचा। जबकि कैशियर इकबाल सिंह की संलिप्तता की पड़ताल में एसीबी जुटी हुई है।