
बीबीएमबी के निर्देश पर आज पांच मुख्य अभियंता मिलकर करेंगे नहरी पानी मामले की जांच
बीबीएमबी के निर्देश पर आज पांच मुख्य अभियंता मिलकर करेंगे नहरी पानी मामले की जांच
-हरियाणा की हेकड़ी से हमारे किसान हलकान में
हनुमानगढ़. नहरी पानी पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही। हालत यह है कि हरियाणा की तरफ से पूरा पानी लेने में राजस्थान का पसीना छूट रहा है। हक का पानी मांगने पर हरियाणा ने पिछले दिनों राजस्थान से नहरों के मेनटेंस के नाम पर 132 करोड़ रुपए की मांग कर दी।
इसके विपरीत राजस्थान को निर्धारित शेयर के अनुपात में हरियाणा की तरफ से लगातार कम पानी दिया जा रहा है। अगस्त २०२० में भी राजस्थान को तय शेयर की तुलना में ३४ प्रतिशत कम पानी मिलने पर अब बीबीएमबी चैयरमेन के समक्ष सूबे के अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की तो अब पांच अभियंताओं की कमेटी गठित कर खानापूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है।
हकीकत में तो केंद्र सरकार और बीबीएमबी को ही इस मामले में सख्ती दिखानी होगी। तभी संबंधित राज्यों को अपने हक का पानी नसीब हो सकेगा। नहीं तो जिसकी लाठी, उसकी भैंस की तर्ज पर संबंधित राज्य नहरी पानी का उपयोग करते रहेंगे और टेल के किसान पानी को तरसते रहेंगे।
नीयत नहीं ठीक
राजस्थान को वाया हरियाणा मिलने वाले नहरी पानी को लेकर हमेशा से राजनीति होती रही है। सत्ता में बैठे लोगों की नीयत में हमेशा से खोट होने के कारण राजस्थान को इसका खमियाजा भुगतना पड़ा है। स्थिति यह है कि करीब एक दशक पहले राजस्थान सीमा पर स्थित सीपी-चार व पांच पर ऑटोमैटिक गेज रीडिंग लगाने को लेकर बीबीएमबी ने निर्देश दिए थे। लेकिन अब तक इस सिस्टम ने नियोजित तरीके से काम करना शुरू नहीं किया है।
अब करेंगे माथापच्ची
हरियाणा की तरफ से राजस्थान को मिल रहे कम पानी को लेकर अब बीबीएमबी ने पांच मुख्य अभियंताओं की कमेटी गठित की है। इसमें पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मुख्य अभियंताओं के साथ बीबीएमबी के मुख्य अभियंताओं को शामिल किया गया है। एक सितम्बर को पांचों मुख्य अभियंता वीडियो कान्फे्रेंस के जरिए इस समस्या का हल निकालने का प्रयास करेंगे। इस बारे में बीबीएमबी के नव नियुक्त चैयरमेन तन्मय कुमार ने कमेटी को निर्देशित किया है। संबंधित राज्यों के मुख्य अभियंता पंजाब व हरियाणा के प्रमुख हैडों की गेज रीडिंग करके इसकी रिपोर्ट चैयरमेन को सौपेंगे। राजस्थान की तरफ से सीपी चार व पांच की गेज रीडिंग को जांचने का आग्रह भी किया गया है।
.....फैक्ट फाइल.....
-हरियाणा की तरफ से राजस्थान को अगस्त में ३४ प्रतिशत कम पानी मिला।
-कम पानी मिलने के कारणों को तलाशेगी ०५ मुख्य अभियताओं की कमेटी।
-हरियाणा की तरफ से निर्धारित शेयर से राजस्थान की सिद्धमुख-नोहर नहर परियोजना को मिलता है पानी।
-कमेटी ०१ सितम्बर को वीसी के जरिए प्रमुख हैडों के गेजों की समीक्षा कर हल खोजने का करेगी प्रयास।
.........वर्जन....
मिल रहा है कम पानी
हरियाणा की तरफ से अगस्त में भी राजस्थान को ३४ प्रतिशत कम पानी मिला है। इससे पहले के माह में भी निर्धारित शेयर से काफी कम पानी राजस्थान को मिला। बीबीएमबी चैयरमेन के समक्ष इस समस्या को रखने पर पांच मुख्य अभियंताओं की टीम प्रमुख हैडों के गेजों की रीडिंग जांचेगी। एक सितम्बर को वीसी के जरिए सभी मुख्य अभियंता इस समस्या का हल निकालने का प्रयास करेंगे।
-विनोद मित्तल, मुख्य अभियंता, जल संसाधन, उत्तर संभाग हनुमानगढ़
Published on:
01 Sept 2020 08:12 am
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