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रोग से ज्यादा इंतजार बढ़ा रहा दर्द, इलाज से ज्यादा मुश्किल चिकित्सक मिलना

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ नोहर. चिकित्सकों के सभी पद भरे होने के बावजूद कस्बे का सरकारी चिकित्सालय त्वरित उपचार उपलब्धता में नाकाम साबित हो रहा है। हालात यह हैं कि उपचार के लिए पहुंचने वाले रोगी कई घंटों तक लंबी लाइनों में खड़ा रहने को मजबूर हो रहे हैं। हालांकि चिकित्सालय में सृजित सभी पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त हैं।

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रोग से ज्यादा इंतजार बढ़ा रहा दर्द, इलाज से ज्यादा मुश्किल चिकित्सक मिलना

रोग से ज्यादा इंतजार बढ़ा रहा दर्द, इलाज से ज्यादा मुश्किल चिकित्सक मिलना

रोग से ज्यादा इंतजार बढ़ा रहा दर्द, इलाज से ज्यादा मुश्किल चिकित्सक मिलना
- नोहर के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए करना पड़ रहा चिकित्सकों का कई घंटों तक इंतजार
- नोहर सरकारी चिकित्सालय की सेवाएं लचर
नोहर. चिकित्सकों के सभी पद भरे होने के बावजूद कस्बे का सरकारी चिकित्सालय त्वरित उपचार उपलब्धता में नाकाम साबित हो रहा है। हालात यह हैं कि उपचार के लिए पहुंचने वाले रोगी कई घंटों तक लंबी लाइनों में खड़ा रहने को मजबूर हो रहे हैं। हालांकि चिकित्सालय में सृजित सभी पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त हैं। बावजूद इसके रोगी उपचार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ऐसे में चिकित्सालय में अव्यवस्थाएं हावी होने से प्रबंधन पर सवाल खड़े होते हैं।
सरकारी चिकित्सालय में वर्तमान में एक सर्जन, दो ऑर्थो, दो शिशु रोग विशेषज्ञ, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, दो फिजीशियन, एक दंत रोग, दो निश्चेतन विशेषज्ञ, एक होम्योपेथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सक कार्यरत है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ लेटलतीफ चिकित्सकों के कारण चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। वर्तमान में राज्य सरकार ने चिकित्सालय का समय सुबह 9 से 3 बजे तक एकल पारी में कर रखा है। इस दौरान अनेक चिकित्सक लंबे समय तक अपनी सीटों से गायब मिलते हैं। वे कहां गए हैं और कब लौटेंगे इस बात का पता किसी के पास नहीं होता। ऐसे में तेरह चिकित्सकों के इस अस्पताल में एक समय में तीन या चार चिकित्सकों के अलावा सभी चिकित्सक नदारद रहते हैं। राजकीय चिकित्सालय में करीब 600 रोगी रोजाना स्वास्थ्य लाभ के लिए पहुंच रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के बीच चिकित्सालय में रोगियों का उमड़ता हुजूम किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। ऐसे में चिकित्सा लाभ के लिए घंटों की प्रतीक्षा मर्ज को और बढ़ा सकती है। [नसं.]