
हनुमानगढ़ नगर परिषद के लगाए नोटिस लोगों ने फाड़े
हनुमानगढ़ नगर परिषद के लगाए नोटिस लोगों ने फाड़े
- विरोध के बीच मकानों पर लगाए नोटिस
- बनाने के नाम पर धोखे में रखकर नोटिस जारी करने का आरोप
हनुमानगढ़. जंक्शन की लेबर कॉलोनी, वार्ड नम्बर 54 में अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किए गए 38 मकानों पर नोटिस चिपकाने पहुंचे नगर परिषद के कर्मचारियों को कॉलोनीवासियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कॉलोनीवासियों ने अपने-अपने मकानों पर चस्पा किए नोटिस चिपकाने के तुरंत बाद ही फाड़ दिए। इस दौरान नगर परिषद कर्मियों व कॉलोनीवासियों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। महिलाओं ने नगर परिषद कर्मियों पर गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया। विवाद बढ़ता देख मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। लेबर कॉलोनी की महिलाओं ने रोते हुए कहा कि कुछ दिन पहले नगर परिषद कर्मचारी आए थे और उन्हें कहा था कि वे उन्हें मकानों के पट्टे बनाकर देंगे। लेकिन शनिवार सुबह नगर परिषद कर्मचारी आए और 38 मकानों को अतिक्रमण में बने होने की बात कहकर सभी पर नोटिस चिपका दिए। नोटिस में कहा गया है कि 7 दिन में वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें अन्यथा नगर परिषद की ओर से उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। उन्होंने नोटिस लगाने का विरोध किया तो नगर परिषद कर्मियों ने अधिकारियों के आदेश होने की बात कह जबरन नोटिस चिपका दिए। विरोध करने पर गाली-गलौज की व अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। एक महिला सीमा का आरोप था कि कुछ दिन पहले नगर परिषद अधिकारियों ने पट्टे बनाने के नाम पर लोगों को धोखे में रखकर कॉलोनी में बने मकानों का सर्वे किया। अब तीन चार-दिन बाद उनके मकानों को अवैध रूप से अतिक्रमण करना बता जगह खाली करने का फरमान जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि आज जिन प्लाटों में बने मकानों को अतिक्रमण बताया जा रहा है वह जगह नगर परिषद ने ही उन्हें उपलब्ध करवाई थी। नगर परिषद ने ही उन्हें इस जगह पर बसाया और अब जब उन्होंने मकान बना लिए तो नगर परिषद ही उन्हें उजाडऩे पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि जब मकान बनाए जा रहे थे तब नगर परिषद ने उन्हें क्यों नहीं रोका। अब जब सभी मकान बन चुके हैं तो नगर परिषद उन्हें तोडऩे के लिए आ गई है। क्या पहले नगर परिषद अधिकारी नींद में थे। उन्हें मकान न बनाने देते। पहले ही प्लाट खाली करवा देते। उन्होंने इन प्लाटों पर कोई कब्जा नहीं किया है। नगर परिषद उन्हें सड़क पर लाने पर आमादा है। उनके पास रहने की कोई और जगह भी नहीं है। इन हालातों में वे कहां जाएंगे। उनके साथ अन्याय हो रहा है। महिलाओं का कहना था कि उन्होंने सभापति को इसलिए वोट नहीं दिए थे कि वे उन्हें बेघर कर सड़कों पर ले आएं। उन्होंने मांग की कि नगर परिषद अधिकारी उन्हें बेघर न करें। विवाद के बीच नगर परिषद कर्मचारियों ने सभी 38 मकानों पर नोटिस चिपका दिए। इसके तुरंत बाद ही मकानों मालिकों ने उन नोटिसों को उतारकर फाड़ दिया। अधिकतर ने नोटिस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इस दौरान नगर परिषद कर्मचारियों व विरोध जता रहे लोगों के धक्कामुक्की भी हाथापाई भी हुई।
भूखंडों पर कब्जा
उधर, इस मामले को लेकर नगर परिषद सभापति गणेश राज बंसल ने कहा कि लेबर कॉलोनी में नगर परिषद के खाली भूखंडों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखे हैं। पिछले दिनों नगर परिषद की ओर से नीलामी में बेचे गए 3 भूखंडों पर भी दोबारा कब्जा कर लिया गया था। उसके लिए जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक से मजिस्ट्रेट व पुलिस जाब्ता मांगा गया था। परंतु जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि नगर परिषद पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस दे। जिला कलक्टर के निर्देशों की पालना में नगर परिषद की ओर से शुक्रवार को लेबर कॉलोनी में 38 मकानों को चिह्नित कर अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए। शनिवार को नगर परिषद के दो कर्मचारी लेबर कॉलोनी में नोटिस तामिल करवाने गए थे। लेकिन किसी अतिक्रमणकारी ने नोटिस तामिल नहीं किए। कर्मचारियों की ओर से नोटिस अगर लोगों की ओर से फाड़ दिए गए हैं तो इसमें नगर परिषद को कोई दिक्कत नहीं है।
Published on:
28 Aug 2021 10:11 pm
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