
बीवी कर रही थी बेटी की जिंदगी खराब, डराने की थी मंशा, पति ने ही लगाई थी आग
बीवी कर रही थी बेटी की जिंदगी खराब, डराने की थी मंशा, पति ने ही लगाई थी आग
- ब्यूटी पार्लर संचालिका की जलाकर हत्या करने की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई
- मृतका का पति गिरफ्तार, रावतसर से केरोसिन व पीलीबंगा से खरीदे थे दस्ताने
- मृतका के घर मिला था आरोपी का शॉल, चरित्र पर शक और सबक सिखाने को लगाई थी आग
हनुमानगढ़. ब्यूटी पार्लर संचालिका की जलाकर हत्या करने का मामला आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। नामजद आरोपी ने नहीं बल्कि मृतका के पति ने ही वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी पति ने बेटी को अपने साथ रखने, मृतका के चरित्र पर शक करने, कहना नहीं मानने तथा उसे सबक सिखाने के लिए वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। हालांकि आरोपी ने किसी और की संलिप्तता से इनकार किया है। मगर पुलिस गहन पड़ताल कर कई सवालों के जवाब ढूंढऩे में अभी लगी हुई है।
जिला पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने मंगलवार को इस बहुचर्चित प्रकरण का पटाक्षेप करते हुए पत्रकारों को बताया कि गोलूवाला निवासी ब्यूटी पार्लर संचालिका की हत्या के आरोप में उसके पति कुष्ण कुमार निवासी हुक्मा की ढाणी, झुंझुनू को गिरफ्तार किया गया है। प्राथमिकी में नामजद आरोपी प्रदीप बिश्नोई निवासी गोलूवाला की प्रकरण में संलिप्तता नहीं पाई गई है। गिरफ्तार आरोपी कृष्ण कुमार ने पत्नी के स्वयं से अलग रहने, उसके चरित्र को लेकर तरह-तरह की बातें सुनने, कहना नहीं मानने, उसे सबक सिखाने, नाबालिग बेटी को साथ रखने आदि कारणों के चलते उसकी हत्या करना स्वीकारा है। एसपी ने बताया कि मामले का खुलासा करने के लिए कई टीम गठित की गई थी। एक टीम ने आरोपी कृष्ण कुमार के गांव में उस पर नजर रखी। गहन तकनीकी पड़ताल, मुखबिरों की सूचना, आरोपी के हाव-भाव, गांव से गैर हाजिर रहने आदि के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। एसपी ने कहा कि एफआईआर में लगाए गए आरोप तथा जांच में सामने आए तथ्यों में अंतर के चलते मामला पेचीदा हो गया था। सीसीटीवी फुटेज, तथ्यात्मक पड़ताल, सूचना तंत्र से मिली जानकारी आदि के आधार पर आरोपी गिरफ्त में आया। अन्य पजिनों की भूमिका को लेकर स्थिति जांच में स्पष्ट होगी। बीट प्रणाली व पुलिस ने जमीनी तौर पर इस मामले में काफी अच्छा काम किया है। ह्यूमन इंटेलीजेंस व पूरे विश्लेषण के आधार पर इस प्रकरण को खोलने में सफलता मिली। आरोपी ने हत्या करने या डराने के इरादे से आग लगाई थी, यह जांच में पता चलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीएसपी हनुमानगढ़ प्रशांत कौशिक, डीएसपी देवानंद, गोलूवाला एसएचओ ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
यूं दिया वारदात को अंजाम
एसपी प्रीति जैन ने बताया कि आरोपी कृष्ण कुमार मोटर साइकिल पर झुंझुनू से गोलूवाला आया। फिर तीन मार्च की रात दीवार फांदकर घर में घुसा। उसे पता था कि आगे वाले कमरे में उसका ***** सो रहा है। इसलिए वारदात स्थल से ही रस्सी (निवार) लेकर कमरे के किवाड़ों पर बांध दी ताकि वह खोल कर बाहर नहीं आ सके। इसके बाद पत्नी जिस कमरे में सो रही थी, उसके दरवाजे पर केरोसिन छिड़का। पत्नी का नाम पुकारा। जब वह बाहर आई तो आग लगा दी। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। मृतका की नानी, उसकी नाबालिग पुत्री आदि ने आग बुझाकर उसे पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। आरोपी कृष्ण कुमार रात को ही बाइक से झुंझुनू चला गया।
कहां से क्या खरीदा
पुलिस के अनुसार आरोपी कृष्ण कुमार ने ज्वलनशील पदार्थ रावतसर के पास से खरीदा था। जबकि दस्ताने उसने पीलीबंगा के पास से क्रय किए थे। वारदात के दौरान पहने गए दस्ताने उसने घटना को अंजाम देने के बाद मंडी क्षेत्र में फेंक दिए थे जो तीन दिन बाद पुलिस ने बरामद किए थे।
मोबाइल फोन का नहीं उपयोग
एसपी प्रीति जैन ने बताया कि आरोपी कृष्ण कुमार ने बहुत शातिराना ढंग से वारदात को अंजाम दिया। उसने मोबाइल फोन का उपयोग भी नहीं किया था ताकि लोकेशन के आधार पर वह पकड़ में नहीं आए। मगर पुलिस जांच में सामने आ गया कि आरोपी अपने गांव से मोटर साइकिल सहित गायब रहा था।
जुटी रही कई टीम
इस बहुचर्चित मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में कई टीम गठित की गई। एएसपी हनुमानगढ़ जस्साराम बोस, एएसपी नोहर राजेन्द्र कुमार, डीएसपी हनुमानगढ़ प्रशांत कौशिक, डीएसपी रावतसर रणवीर मीणा, डीएसपी देवानंद, गोलूवाला एसएचओ ओमप्रकाश, डीएसटी प्रभारी राजाराम व एसआई लखवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस दल ने पड़ताल की। संदिग्ध मोबाइल फोन नम्बरों की सीडीआर एवं सीसीटीवी फुटेज का टीम ने गहन अवलोकन किया। मामले की पड़ताल में कांस्टेबल विष्णुदत्त, जसवंत स्वामी आदि की भी विशेष भूमिका रही।
कर रही थी जिंदगी खराब
आरोपी कृष्ण कुमार का कहना था कि पत्नी का चरित्र सही नहीं था। वह गलत रास्ते पर थी। बेटी को भी उसी राह पर चलाकर जंदगी खराब कर रही थी। पत्नी को बहुत समझाया कि वह बेटी उसे दे दे। लेकिन वह नहीं मानी। उसने मारने नहीं बल्कि डराने की मंशा से ही आग लगाई थी ताकि भयभीत होकर वह बेटी सहित उसके घर आ जाए। इससे परिवार दोबारा बस जाता। बेटी की जिंदगी सुधारने व परिवार दोबारा बसाने के लिए यह सब किया।
क्या रहा पूरा घटनाक्रम
पीडि़ता की नानी ने चार मार्च को गोलूवाला में थाने में मामला दर्ज कराया था कि ब्यूटी पार्लर चलाने वाली उसकी दोहिती से प्रदीप बिश्नोई निवासी गोलूवाला निवादान रंजिश रखता है। दो साल पहले दोहिती ने उस पर बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। संदेह है कि तीन मार्च को देर रात प्रदीप ने ही घर में घुसकर दोहिती को जलाकर मारने का प्रयास किया। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में संदिग्ध बाइक पर नजर आया। विवाहिता 90 प्रतिशत झुलस गई। उसे पहले श्रीगंगानगर एवं बीकानेर रेफर किया गया। बाद में जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में विवाहिता ने पांच मार्च को देर रात दम तोड़ दिया। उसका शव छह मार्च की रात यहां लाया गया। फिर सात मार्च को गोलूवाला में दाह संस्कार कराया गया। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी को वारदात के अगले दिन ही राउंडअप कर लिया था। इसके बाद कई जनों को राउंडअप कर पूछताछ की गई। मृतका के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपए की सहायता राशि का चेक छह मार्च को जिला प्रभारी मंत्री ने उसके घर जाकर सौंपा।
Published on:
16 Mar 2021 06:59 pm
बड़ी खबरें
View Allहनुमानगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
