
इंदिरागांधी नहर में 70 दिन की बंदी लेने की तैयारी
इंदिरागांधी नहर में 70 दिन की बंदी लेने की तैयारी
-मार्च से जून तक प्रस्तावित बंदी में करवाएंगे रीलाइनिंग
-पूर्व में लॉकडाउन के चलते स्थगित हो गया था रीलाइनिंग कार्य
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर की बदहाल स्थिति को सुधारने को लेकर जल संसाधन विभाग स्तर पर प्लानिंग शुरू कर दी गई है। इसे लेकर उच्च स्तर पर बैठक भी हो चुकी है। अब पीएचईडी के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करके नहरबंदी की निश्चित तारीख की घोषणा करने की तैयारी में सभी लगे हैं। बताया जा रहा है कि मार्च से जून २०२१ तक प्रस्तावित ७० दिन की बंदी अवधि में चालीस दिन तक नहर में २००० क्यूसेक पेयजल चलाया जाएगा। इसके बाद ३० दिन पूर्ण बंदी रखी जाएगी। इंदिरागांधी मुख्य नहर की रीलाइनिंग करवाने को लेकर केंद्र व राज्य सरकार में अनुबंध हो गया है। इसके तहत बजट भी मंजूर हो गया है। गत वर्ष बंदी अवधि में यह काम होना था। लेकिन अचानक मार्च में कोरोना के चलते लॉकडाउन लागू होने के कारण रीलाइनिंग कार्य को स्थगित कर दिया गया था।
परंतु इस नहर की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि इस बार इस नहर की रीलाइनिंग का कार्य पूर्ण करवाने को लेकर सरकारी तंत्र अभी से तैयारियों को पूर्ण करने में लग गया है। राजस्थान व पंजाब क्षेत्र की नहरों की हालत सुधारने को लेकर तत्कालीन राज्य सरकारों के प्रयासों से कुल ३२९१ करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था। इसमें कुछ काम पूरे भी हुए हैं। लेकिन राजस्थान व पंजाब भाग में अब भी रीलाइनिंग का अहम काम होना है। नहरों की हालत सुधरने के बाद राजस्थान के किसानों को बांधों में आने वाले सरप्लस पानी का लाभ मिल सकेगा। इस समय स्थिति यह है कि बांधों में अच्छी आवक होने के बावजूद मुख्य नहरों की हालत जर्जर होने के कारण पानी को पाकिस्तान क्षेत्र में बहा दिया जाता है। इससे इस पानी का लाभ राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश भी नहीं उठा पाते। जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के एक्सईएन दिवाकर पांडे के अनुसार इंदिरागांधी मुख्य नहर की रीलाइनिंग कार्य करवाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्द बंदी की तारीख निश्चित होने के बाद आगे की तैयारियों को पूर्ण करने का प्रयास रहेगा।
४० दिन पेयजल देने पर पंजाब सहमत
इंदिरागांधी नहर में 70 दिन की बंदी अवधि के दौरान पंजाब ने शुरू के ४० दिन पेयजल देने पर सहमति प्रदान कर दी है। अब राजस्थान में पीएचईडी के अधिकारी अंतिम तीस दिन की बंदी अवधि में पेयजल भंडारण कैसे करेंगे, इसकी तैयारियों में जुटे हैं। जल्द पीएचईडी व जल संसाधन विभाग के बीच समन्वय बैठक होने के बाद बंदी की तस्वीर साफ हो जाएगी।
इन जिलों को लाभ
इंदिरागांधी मुख्य नहर व फीडर की रीलाइनिंग कार्य होने के बाद राजस्थान को काफी फायदा होगा। इंदिरागांधी नहर से राजस्थान के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, जोधपुर सहित अन्य जिलों को पानी मिलता है। इस तरह इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर इसका लाभ राजस्थान को भी होगा।
Published on:
14 Dec 2020 11:10 am
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