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हाई सिक्योरिटी जेल शिफ्ट किया गया बंदी दिखा ‘शराब-कबाब’ का लुत्फ उठाते

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. पिछले कुछ महीनों से जिला कारागृह में बरती जा रही सख्ती के बीच सोशल मीडिया पर बंदियों की ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें वे शराब, मांस वगैरह का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। हालांकि जिला कारागृह प्रशासन ने इन तस्वीरों को महीनों पुरानी बताया है।
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हनुमानगढ़

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Adrish Khan

•

Updated: 29 Aug 2020, 12:15 PM IST

हाई सिक्योरिटी जेल शिफ्ट किया गया बंदी दिखा 'शराब-कबाब' का लुत्फ उठाते

हाई सिक्योरिटी जेल शिफ्ट किया गया बंदी दिखा 'शराब-कबाब' का लुत्फ उठाते

हाई सिक्योरिटी जेल शिफ्ट किया गया बंदी दिखा 'शराब-कबाब' का लुत्फ उठाते
- जेल प्रशासन ने तस्वीरों को बताया महीनों पुराना
- वायरल तस्वीरों में बंदी दिख रहे प्रतिबंधित सुविधाओं का इस्तेमाल करते
हनुमानगढ़. पिछले कुछ महीनों से जिला कारागृह में बरती जा रही सख्ती के बीच सोशल मीडिया पर बंदियों की ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें वे शराब, मांस वगैरह का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। हालांकि जिला कारागृह प्रशासन ने इन तस्वीरों को महीनों पुरानी बताया है। उनकी माने तो इनको अब वायरल करने की वजह जेल प्रशासन पर दबाव बनाना है। क्योंकि नियम-कायदों की पालना को लेकर बरती जा रही सख्ती के चलते कई बंदियों को परेशानी हो रही है। अब तक वायरल तस्वीरों को लेकर संबंधित बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराया गया है। वहीं तस्वीरों में जो बंदी नजर आ रहा है वह लूट के मामले में विचाराधीन है। राकेश उर्फ राका पुत्र केसराराम निवासी ऐलनाबाद को जेल में बंदियों से मारपीट के मामले के चलते 24 अगस्त को हाई सिक्योरिटी जेल, अजमेर में शिफ्ट कर दिया गया था।
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल फोटो में बंदी राकेश उर्फ राका व एक अन्य ब्रांडेड शराब व चिकन आदि का उपभोग करते दिख रहे हैं। साथ ही कई मोबाइल फोन भी नजर आ रहे हैं। राकेश की छाती पर चार मोबाइल फोन रखे हुए दिख रहे हैं। अधिकांश फोटो एक ही बंदी की है। कुछेक फोटो में दो बंदी दिख रहे हैं। वायरल वीडियो में बंदी स्मैक के बदले में रुपए गिनकर किसी को देता हुआ कह रहा है कि यह रुपए जेल कार्मिक के हैं।
जेल के बंदी, फोटो पुरानी
जिला कारागृह के उप कारापाल योगेन्द्र सिंह का कहना है कि उनकी नियुक्ति करीब चार माह पहले यहां हुई थी। वायरल फोटो व वीडियो भी करीब चार माह पहले के हैं जिनको व्हाट्सअप ग्रुप में देखा है। वीडियो व फोटो हनुमानगढ़ जिला जेल में बंद बंदियों ही हैं। अभी जिला कारागृह में यह स्थिति बिलकुल भी नहीं है। जेल की दीवार के ऊपर से आपत्तिजनक सामग्री फेंकने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। इस तरह के मामले निरंतर पकड़ भी रहे हैं।
बढ़ गई सख्ती
गत कुछ माह के दौरान जिला कारागृह की दीवार के पास आकर भीतर आपत्तिजनक सामग्री पकडऩे के मामले निरंतर जेल प्रशासन पकड़ रहा है। जबकि पहले इस तरह सामान फेंकते हुए बहुत कम लोग पकड़ में आते थे। जेल के औचक निरीक्षण के दौरान ही मोबाइल फोन वगैरह पकड़े जाते थे। संभवत: यह जेल प्रशासन की सख्ती का ही परिणाम है कि जेल में दीवार के ऊपर से मोबाइल फोन सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री फेंकने के प्रयास के मामले एकाएक बढ़ गए हैं। आरएसी के जवान निरंतर आरोपियों की धरपकड़ कर रहे हैं।