
बिना परीक्षा हुए प्रमोट, अब प्रतिशत के लिए बोलो झूठ
बिना परीक्षा हुए प्रमोट, अब प्रतिशत के लिए बोलो झूठ
- कक्षा एक से आठ तथा स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आवेदन में दिक्कतें
- विद्यार्थियों को दिए गए बिना प्रतिशत के प्रमोट संबंधी प्रमाण पत्र
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. कोरोना संक्रमण के चलते कई व्यवस्थाएं उलट-पुलट हो गई हैं। जैसे-तैसे समाधान के प्रयास किए गए। मगर अब यकायक लागू की गई कामचलाऊ व्यवस्था की विसंगतियां सामने आने लगी हैं। ऐसी ही एक समस्या से दो-चार इन दिनों पूर्व व उत्तर मेट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थी हो रहे हैं। हालांकि छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन के समय जो समस्या आ रही है, उसका समाधान बहुत आसान है। मगर इसके लिए विद्यार्थियों को झूठ का सहारा लेना पड़ रहा है जो ऐसा नहीं करना चाहते उनको दूसरा कोई समाधान नहीं सूझ रहा है।
दरअसल, अल्पसंख्यक वर्ग की पूर्व व उत्तर मेट्रिक छात्रवृत्ति के लिए इन दिनों आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन आवेदन के समय एक कॉलम में विद्यार्थी को गत शिक्षा सत्र में पास कक्षा के प्राप्तांक प्रतिशत भरने होते हैं। अब दिक्कत यह आ रही है कि कक्षा एक से आठ तक विद्यार्थियों को बिना परीक्षा ही अगली कक्षा में प्रमोट किया गया है। उनके प्रमाण पत्र में भी प्राप्तांक का कोई जिक्र नहीं है। सीधा अगली कक्षा में प्रमोट किया जाता है, इतना ही प्रमाण पत्रों में लिखा गया है। अब छात्रवृत्ति के आवेदन के समय प्राप्तांक प्रतिशत के कॉलम को भरना जरूरी होता है। इसके बिना आवेदन प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती। इस संबंध में शिक्षा अधिकारियों के पास भी कोई जवाब नहीं है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तथा अन्य जो भी विभाग छात्रवृत्ति दे रहे हैं, उनको ही इस साल आवेदन प्रक्रिया से प्राप्तांक प्रतिशत का कॉलम हटा लेना चाहिए ताकि आवेदक को झूठी सूचना तो नहीं भरनी पड़े।
झूठ से समाधान
जानकारी के अनुसार छात्रवृत्ति आवेदन के दौरान प्राप्तांक प्रतिशत की सूचना संबंधी कॉलम भरने की समस्या का समाधान एक झूठ से हो जाता है। विद्यार्थी अपने मन से ही प्राप्तांक प्रतिशत अंक की जानकारी देकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर रहे हैं। मगर जो झूठी जानकारी नहीं देना चाहते, उनको दिक्कतें आ रही है। इसका कोई समाधान भी अभी होता नहीं दिख रहा है।
उत्तर में भी समस्या
उत्तर मेट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन के समय भी यही समस्या है। क्योंकि बीए प्रथम व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं हुई। उनको भी बिना परीक्षा ही प्रमोट किया गया है। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को तो फिर भी प्रमोट करने संबंधी प्रमाण पत्र तो दिए गए हैं। कॉलेज विद्यार्थियों को तो यह भी नहीं दिए गए। ऐसे में उनको भी प्राप्तांक प्रतिशत की जानकारी मन से ही भरनी होगी।
यह हो सकता है समाधान
सरकार को छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से प्राप्तांक प्रतिशत को हटा लेना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की समस्या का एक झटके में समाधान हो जाएगा। वैसे भी जब प्रमोट ही किया गया है तो प्राप्तांक प्रतिशत की बात स्वत: ही गौण हो जाती है।
समस्या के संबंध में लिखा
विद्यालयी तथा कॉलेज विद्यार्थियों के समक्ष यह समस्या आ रही है। इस संबंध में मुख्यालय को पत्र लिख दिया है। साथ ही वार्ता भी की है। यह समस्या पूरे प्रदेश व देश में आ रही है। इसको लेकर भारत सरकार से शीघ्र नई गाइडलाइन आ सकती है। क्योंकि प्रमोट किए गए विद्यार्थियों के समक्ष हर जगह यह समस्या है। - अमरसिंह ढाका, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
Published on:
03 Oct 2020 10:42 am
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