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लाल सिलेंडर ने उड़ाया ‘चाय का रंग’, बाजार में चाय की चुस्की हुई महंगी

हनुमानगढ़. जिले में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत कम नहीं हो रही है। घरेलू व कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग से लेकर आपूर्ति तक में सिस्टम फेल साबित हो रहा है। करीब एक पखवाड़े से बाजार में इसकी किल्लत झेलने के बाद अब चाय विक्रेताओं ने भी चाय के दाम बढ़ा दिए हैं। रूटीन के ग्राहकों को […]

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हनुमानगढ़: जंक्शन में जाट भवन के सामने टी स्टॉल पर मिट्टी का तैयार चूल्हा। अब चूल्हे में कोयला डालकर चलाएंगे काम। कार्मिशियल सिलेंडर की किल्लत के बीच विकल्प तलाश रहे दुकानदार। फोटो-पुरुषोत्तम झा।

हनुमानगढ़: जंक्शन में जाट भवन के सामने टी स्टॉल पर मिट्टी का तैयार चूल्हा। अब चूल्हे में कोयला डालकर चलाएंगे काम। कार्मिशियल सिलेंडर की किल्लत के बीच विकल्प तलाश रहे दुकानदार। फोटो-पुरुषोत्तम झा।

हनुमानगढ़. जिले में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत कम नहीं हो रही है। घरेलू व कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग से लेकर आपूर्ति तक में सिस्टम फेल साबित हो रहा है। करीब एक पखवाड़े से बाजार में इसकी किल्लत झेलने के बाद अब चाय विक्रेताओं ने भी चाय के दाम बढ़ा दिए हैं। रूटीन के ग्राहकों को बाजार में पहले सात से आठ रुपए में चाय मिल जाती थी। इसका रेट बढ़ाकर अब 10 से 15 रुपए प्रति कप कर दिया गया है। शहर के कुछ ऐसे चाय विक्रेता हैं, जो अब कोयले के चूल्हे व भट्टी लगाकर काम चला रहे हैं। चाय विक्रेता राजेश कुमार के अनुसार सिलेंडर मिल नहीं रहे। आगे मिलेंगे या नहीं। इसकी गारंटी नहीं है। इसलिए गैस भट्टी की जगह अब मिट्टी का चूल्हा तैयार किया है। कोयला जलाकर आगे काम चलाएंगे। इसके लिए मिट्टी का चूल्हा तैयार करके भट्टी और पंखी लगा दिया है। गैस की भारी कमी आ रही है। एजेंसियों पर कार्मिशियल देने से मना किया जा रहा है। ऐसे में कारोबार चलाने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा।
हनुमानगढ़ टाउन में जंक्शन रोड स्थित भारत गैस एजेंसी पर दो दिन पहले उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी प्रतिनिधि और ट्रैक्टर-ट्रॉली से सप्लाई करने वाले कर्मचारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर उनको यहां-वहां भटका रहे हैं। एजेंसी जाते हैं तो ट्रैक्टर ट्रॉली से सिलेंडर मिलने की बात कही जाती है। ट्रॉली वाले एजेंसी से सिलेंडर लेने को कहते हैं। वहीं एजेंसी प्रतिनिधियों का कहना था कि नियमों के अनुसार वरीयता के आधार पर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है।

रसोई गैस खत्म, काट रहे चक्कर
टाउन निवासी मोहनलाल रेगर ने बताया कि 19 मार्च को रसोई गैस खत्म हो गई थी। चार दिन से एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, अब तक सिलेंडर नहीं मिला है। वह और पत्नी दोनों विकलांग हैं, जिससे सिलेंडर उठाना भी संभव नहीं है। उपभोक्ता कर्म सिंह ने बताया कि बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। ट्रॉली वाले एजेंसी भेजते हैं और एजेंसी वाले एंट्री के नाम पर कॉपी रख लेते हैं। इसके बाद सिलेंडर घर पहुंचाने का आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। उपभोक्ता विशाल ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले एजेंसी ने घर पर ट्रॉली से सिलेंडर पहुंचाने का आश्वासन दिया था जो अब तक नहीं मिला है।

बुकिंग में झोल
गैस की बुकिंग में झोल की शिायकतें है। कुछ उपभोक्ता जब कंपनी के टोल फ्री नंबर पर बुकिंग करवाते हैं तो बुकिंग हो जाती है। लेकिन ओटीपी का मैसेज नहीं आता। जबकि एजेंंसी पर जाते हैं तो डिलिवरी कर देने की बात कही जाती है। हकीकत में कॉपी धारक को सिलेंडर मिल ही नहीं पाता। इस तरह लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। बुकिंग व्यवस्था भी गड़बड़ा रही है।

बुकिंग के बिना बात नहीं
एजेंसी संचालकों का स्पष्ट कहना है कि बिना बुकिंग हम बात नहीं कर सकते। 25 दिन की बुकिंग के बाद ही सिलेंडर दे सकते हैं। लेकिन यहां तो कुछ उपभोक्ताओं की शिकायत है कि बुकिंग ही नहीं हो रही है। कंपनी के व्हटसप नंबर से लेकर पोर्टल तक सब में कनेक्टिविटी की दिक्कत आ रही है। इससे उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।