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वर्तमान रेग्यूलेशन को यथावत रखने में मुश्किलें, आज हनुमानगढ़ में होने वाली जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में तय होगा 26 के बाद का रेग्यूलेशन

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. रबी फसलों की बिजाई पर इस बार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। स्थिति यह है कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष पौंग व भाखड़ा बांध में करीब पांच लाख क्यूसेक कम पानी की आवक हुई है।  
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हनुमानगढ़

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Purushotam Jha

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Updated: 22 Sep 2020, 8:07 AM IST

इंदिरागांधी नहर के वर्तमान रेग्यूलेशन को यथावत रखने में मुश्किलें, आज हनुमानगढ़ में होने वाली जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में तय होगा 26  के बाद का रेग्यूलेशन

इंदिरागांधी नहर के वर्तमान रेग्यूलेशन को यथावत रखने में मुश्किलें, आज हनुमानगढ़ में होने वाली जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में तय होगा 26 के बाद का रेग्यूलेशन

हनुमानगढ़. रबी फसलों की बिजाई पर इस बार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। स्थिति यह है कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष पौंग व भाखड़ा बांध में करीब पांच लाख क्यूसेक कम पानी की आवक हुई है। ऐसे में इतने कम पानी से २६ सितम्बर २०२० के बाद इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने में मुश्किलें आ सकती है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो यही स्थिति आगे भी रहने पर अबकी बार रबी सीजन में इंदिरागांधी नहर क्षेत्र के किसानों को अधिकतम छह बारी पानी ही उपलब्ध हो सकेगा।
वह भी केवल तीन में एक समूह में। हालांकि रबी सीजन के आगामी रेग्यूलेशन का निर्धारण करने को लेकर 22 सितम्बर को हनुमानगढ़ में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में जल परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें बांधों में उपलब्ध पानी के आधार पर इंदिरागांधी नहर का रेग्यूलेशन निर्धारित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार अभी तक भाखड़ा बांध बीस, पौंग करीब १५ फीट व रणजीत सागर बांध आठ मीटर खाली है। बांधों के खाली रहने के कारण चालू वर्ष में किसानों को मांग के अनुसार सिंचाई पानी मिलने में काफी दिक्कतें आ सकती है।

पानी पर नजर
गत वर्ष यानी वर्ष २०१९ में बांधों में पौने सोलह लाख क्यूसेक डेज पानी की आवक हुई थी। लेकिन अबकी बार अभी तक ग्यारह लाख क्यूसेक डेज पानी की आवक हुई है। इस स्थिति में वर्तमान रेग्यूलेशन को आगे यथावत रखना आसान नहीं होगा। इसलिए विभागीय अधिकारी २६ सितम्बर के बाद इंदिरागांधी नहर को तीन में एक समूह में चलाने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कह रहे हैं। वर्तमान में इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाया जा रहा है।

प्रकृति की नहीं गारंटी
भाखड़ा बांध का जल स्तर १८ सितम्बर २०२० को १६६०.८१ फीट था। जबकि पौंग बांध का जल स्तर १३७५.२७ फीट। इस बार बांधों की बात करें तो गत वर्ष की तुलना में यह ३० से ३५ फीट तक खाली हैं। इसके कारण जल संकट की स्थिति बन रही है। हालांकि मावठ अच्छा रहने पर किसानों को राहत भी मिल सकती है। लेकिन विभागीय अधिकारी वर्तमान उपलब्ध पानी के आधार पर ही पूरे रबी सीजन का रेग्यूलेशन निर्धारित करने की बात कह रहे हैं। क्योंकि प्रकृति की गारंटी कोई नहीं ले सकता।

.....फैक्ट फाइल...
-भाखड़ा बांध की भराव क्षमता १६८० फीट।
-पौंग बांध की भराव क्षमता १३९० फीट।
-इस बार बांधों में करीब ०५ लाख क्यूसेक कम पानी की हुई आवक।
-२६ सितम्बर के बाद इंदिरागांधी नहर का रेग्यूलेशन निर्धारित करने को लेकर २२ को होगी जल परामर्शदात्री समिति की बैठक।