हनुमानगढ़. रबी फसलों की बिजाई पर इस बार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। स्थिति यह है कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष पौंग व भाखड़ा बांध में करीब पांच लाख क्यूसेक कम पानी की आवक हुई है। ऐसे में इतने कम पानी से २६ सितम्बर २०२० के बाद इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने में मुश्किलें आ सकती है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो यही स्थिति आगे भी रहने पर अबकी बार रबी सीजन में इंदिरागांधी नहर क्षेत्र के किसानों को अधिकतम छह बारी पानी ही उपलब्ध हो सकेगा।
वह भी केवल तीन में एक समूह में। हालांकि रबी सीजन के आगामी रेग्यूलेशन का निर्धारण करने को लेकर 22 सितम्बर को हनुमानगढ़ में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में जल परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें बांधों में उपलब्ध पानी के आधार पर इंदिरागांधी नहर का रेग्यूलेशन निर्धारित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार अभी तक भाखड़ा बांध बीस, पौंग करीब १५ फीट व रणजीत सागर बांध आठ मीटर खाली है। बांधों के खाली रहने के कारण चालू वर्ष में किसानों को मांग के अनुसार सिंचाई पानी मिलने में काफी दिक्कतें आ सकती है।