जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डिप्लोमा की देंगे शिक्षा

हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में अब एमबीबीएस चिकित्सक डिप्लोमा कर सकेंगे। इसके लिए जिला अस्पताल के पांच वरिष्ठ चिकित्सक की ओर से अभ्यर्थियों को शिक्षा दी जाएगी।

By: adrish khan

Published: 22 Nov 2020, 08:20 PM IST

जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डिप्लोमा की देंगे शिक्षा
- राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को जमा करवाए 12 लाख रुपए
- पांच डिपार्टमेंट के चिकित्सक लेंगे प्रशिक्षण

हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में अब एमबीबीएस चिकित्सक डिप्लोमा कर सकेंगे। इसके लिए जिला अस्पताल के पांच वरिष्ठ चिकित्सक की ओर से अभ्यर्थियों को शिक्षा दी जाएगी। इससे पूर्व इन चिकित्सकों को ट्रैनिंग दिलवाई जाएगी। जिला अस्पताल प्रशासन ने हाल ही में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के दिशा-निर्देशानुसार करीब 12 लाख रुपए फीस जमा करवाई है।इसके पश्चात आगामी कार्यवाही होगी। हालांकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजूकेशन के अनुसार जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज के अधीन वाले अस्पताल 8 मेडिकल स्पेशलिटी के पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा करवा सकेंगे। नियमों के तहत जिस डिपार्टमेंट में गत पांच वर्ष से वरिष्ठ चिकित्सक व दो वर्ष से कनिष्ठ चिकित्सक कार्य कर रहा हो। ऐसे विभाग में ही एमबीबीएस चिकित्सक पीजी डिप्लोमा कर सकेंगे। ऐसे में हनुमानगढ़ के जिला अस्पताल में आठ में से पांच मेडिकल स्पेशलिटी के पीजी डिप्लोमा र्कोसेज ही करवाया जाएगा। जिला अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक की ओर से पीजी डिप्लोमा करने पर अस्पताल प्रशासन को काफी लाभ मिलेगा। इससे वार्ड व ओपीडी में चिकित्सकों पर रोगियों का भार कम होगा और रोगियों का भी बेहतर इलाज होगा। जिला अस्पताल स्तर पर गायनाकोलोजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, फिजिशियन, रेडियो लोजिस्ट, ट्यूबर क्लोसिस एंड चेस्ट डिजिज, ईएनटी, ऑप्थेल्मोलॉजी, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट विभाग में आवेदन किए गए हैं। जिला अस्पताल में पीजी डिप्लोमा के लिए दो वर्ष का कोर्स होगा।

16अभ्यर्थी ले सकेंगे दाखिला
जिला अस्पताल में जिस डिपार्टमेंट में गत पांच वर्ष से वरिष्ठ चिकित्सक व दो वर्ष से कनिष्ठ चिकित्सक कार्य का अनुभव होना चाहिए। ऐसे विभाग में एमबीबीएस चिकित्सक डिप्लोमा कर सकेंगे। ऐसे में जिला अस्पताल में रेडियो लोजिस्ट, ईएनटी, गायनी विभाग में गत पांच वर्ष से वरिष्ठ चिकित्सक व कनिष्ठ चिकित्सक ने दो वर्ष से कार्य नहीं किया है। इसके चलते अस्पताल में रोडियोलोजिस्ट, गायनी, ईएनटी के लिए पीजी डिप्लोमा संभव नहीं है। जबकि पीडियाट्रिशियन के पीजी डिप्लोमा के लिए चार आवेदन लिए जाएंगे। फिजिशियन के लिए 6 आवेदन, ट्यूबर क्लोसिस एंड चेस्ट डिजिज के लिए दो आवेदन, ऑप्थेल्मोलॉजी के लिए भी दो आवेदन व एनेस्थीसियोलॉजिस्ट के लिए भी दो आवेदन लिए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि प्रथम वर्ष पीजी डिप्लोमा के लिए विभिन्न विभागों की कुल 16 सीटों के लिए एमबीबीएस चिकित्सक आवेदन कर सकेंगे।

राशि जमा करवा दी है।
गाइडलाइन के अनुसार जिला अस्पताल में पांच मेडिकल स्पेशिलिटी के लिए आवेदन लिए जा सकेंगे। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार राशि जमा करवाई जा चुकी है।
डॉ. एमपी शर्मा, पीएमओ, जिला अस्पताल, हनुमानगढ़.

adrish khan Reporting
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