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जायका का बिगड़ ना जाए ‘जायका’

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ पुरुषोत्तम झा. हनुमानगढ़. जायका प्रोजेक्ट के तहत जिले में चालू वर्ष के लिए ४५८ सोलर पम्पसेट स्वीकृत किए गए हैं। इसमें रूटीन में साठ प्रतिशत अनुदान केंद्र व राज्य सरकार देगी। जबकि पंद्रह प्रतिशत टॉपअप राशि जायका प्रोजेक्ट के तहत किसानों के खाते में जमा करवाए जाएंगे। जायका प्रोजेक्ट की स्थिति साफ होने के बाद अब उद्यान विभाग को केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से निर्देश जारी होने का इंतजार है।  

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जायका का बिगड़ ना जाए 'जायका'

जायका का बिगड़ ना जाए 'जायका'

जायका का बिगड़ ना जाए 'जायका'
-जिले में सोलर पम्पसेट निर्माण को लेकर जायका प्रोजेक्ट में मिली स्वीकृति
-राज्य सरकार की ओर से अनुदान राशि जारी करने पर ही जायका में निर्धारित टॉप अप राशि होगी जमा

पुरुषोत्तम झा. हनुमानगढ़. जायका प्रोजेक्ट के तहत जिले में चालू वर्ष के लिए ४५८ सोलर पम्पसेट स्वीकृत किए गए हैं। इसमें रूटीन में साठ प्रतिशत अनुदान केंद्र व राज्य सरकार देगी। जबकि पंद्रह प्रतिशत टॉपअप राशि जायका प्रोजेक्ट के तहत किसानों के खाते में जमा करवाए जाएंगे। जायका प्रोजेक्ट की स्थिति साफ होने के बाद अब उद्यान विभाग को केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से निर्देश जारी होने का इंतजार है। अभी तक दोनों सरकारों ने सोलर पम्पसेट योजना को लेकर गाइड लाइन जारी नहीं की है। इस स्थिति में किसानों को इस बात का डर सता रहा है कि निर्देश जारी होने में देरी होने पर कहीं जायका प्रोजेक्ट का 'जायकाÓ ही नहीं बिगड़ जाए। नियमानुसार जब तक सरकार अनुदान राशि स्वीकृत नहीं करेगी, तब तक जायका प्रोजेक्ट की टॉपअप राशि भी किसानों को नहीं मिलेगी। फिलहाल जायका प्रोजेक्ट में लगने वाले सोलर पम्पसेट को लेकर लक्ष्य आवंटन के साथ ही किसानों में खुशी है। अब जल्द सरकार स्तर पर गाइड लाइन जारी होने पर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। जायका प्रोजेक्ट हनुमानगढ़ में नियुक्त रीजनल मैनेजमेंट एक्सपट्र्स निशार अहमद ने बताया कि सोलर पम्पसेट के लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं। प्रोजेक्ट क्षेत्र से जुड़े किसानों को ही टॉपअप का लाभ मिल सकेगा। सरकार स्तर पर अनुदान जारी होने के बाद ही टॉपअप जारी करेंगे।

यह है नियम
गत वर्ष सरकार की तरफ की जारी गाइडलाइन के अनुसार तीन एचपी के सोलर पम्पसेट के लिए किसान के पास ०.५, पांच एचपी के लिए ०.७५ व साढ़े सात एचपी के लिए १.० हेक्टेयर भूमि होने की शर्त रहेगी। इसके अलावा खेत में जल संग्रहण का ढांचा का होना भी जरूरी होगा। जापान इंटरनेशनल कॉपरेशन एजेंसी (जायका) में स्वीकृत सोलर पम्पसेट के लिए जरूरी होगा कि संबंधित आवेदक किसान प्रोजेक्ट से जुड़ी नहर क्षेत्र का हो। पीएम कुसुम योजना के तहत अनुदान राशि जमा होने के बाद आखिर में जायका प्रोजेक्ट के तहत टॉपअप राशि जारी करने की बात अधिकारी कह रहे हैं।

किसानों को यह फायदा
चालू वर्ष में सरकार की तरफ सोलर पम्पसेट लगाने को लेकर अभी कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं। वर्ष २०१९-२० में हनुमानगढ़ जिले में सरकार की तरफ से ९५५ किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया गया था। सरकार की ओर से आवंटित लक्ष्य में कुल लागत मूल्य की तुलना में तीस प्रतिशत राज्य, तीस प्रतिशत केंद्र सरकार अनुदान देती है। चालीस प्रतिशत कृषक हिस्सा राशि होती है। जबकि जायका प्रोजेक्ट में लगने वाले सोलर पम्पसेट में ७५ प्रतिशत अनुदान तथा २५ प्रतिशत कृषक हिस्सा ही देय होगी।

.......फैक्ट फाइल........
-चालू वर्ष में जायका प्रोजेक्ट के तहत जिले में ४५८ सोलर पम्पसेट लगाए जाएंगे।
-पीएम कुसुम योजना के तहत तीस-तीस प्रतिशत अनुदान राशि केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से जारी होता है।
-इस बार जायका प्रोजेक्ट में अलग से १५ प्रतिशत टॉपअप जारी किया जाएगा।
-चालू वर्ष में सोलर पम्पसेट लगाने पर किसानों को ७५ प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इससे पहले ६० प्रतिशत अनुदान ही मिलता था।