जुर्म ऐसा कि तीन जने खुद की जान लेने को हुए मजबूर, कई परिवार तबाह, दो भाइयों को सजा

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हनुमानगढ़. नाबालिग लड़की सहित एक ही परिवार के तीन जनों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो मशरूरआलम खान ने दो जनों को दोषी करार दिया। दोनों युवकों को दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।

By: adrish khan

Published: 18 Dec 2020, 09:39 AM IST

जुर्म ऐसा कि तीन जने खुद की जान लेने को हुए मजबूर, कई परिवार तबाह, दो भाइयों को सजा
- एक ही परिवार के तीन जनों को आत्महत्या के लिए विवश करने पर दस साल कारावास
- नाबालिग लड़की व उसके माता-पिता ने की थी आत्महत्या
- दो सगे भाई दोषी करार, पोक्सो कोर्ट का फैसला
- दो भाइयों का परिवार तबाह, बचा एक नाबालिग पुत्र
हनुमानगढ़. नाबालिग लड़की सहित एक ही परिवार के तीन जनों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो मशरूरआलम खान ने दो जनों को दोषी करार दिया। दोनों युवकों को दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में कुल बीस हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उनको अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद डूडी ने की। इस मामले में पिता ने पुत्री के साथ नहर में कूदकर आत्महत्या की। इस संबंध में एक नाबालिग सहित तीन जनों पर सदर थाने में मामला दर्ज कराया गया। इसमें राजीनामा करने को लेकर नाबालिग लड़की की माता पर दबाव डाला गया। इससे परेशान होकर उसने छह मार्च 2019 को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
प्रकरण के अनुसार सदर पुलिस थाने में नाबालिग मृतका के दादा ने चार जनवरी 2019 को मामला दर्ज कराया था कि विक्की खन्ना पुत्र रामचन्द्र निवासी सहजीपुरा उसकी पौत्री को फोन कर उससे अश्लील बातें करता था। उसे बदनाम करने की धमकी देता था। उसके इस कार्य में विक्की का भाई सचिन व एक अन्य युवक भी साथ देता था। तीनों मिलकर उसके पुत्र व पौत्री को बदनाम करने की धमकियां देते थे। तीनों ने उसके पुत्र को धमकी दी थी कि तुम्हारे खिलाफ मामला दर्ज करवा देंगे। इसी के चलते उसके पुत्र व पौत्री ने परेशान होकर दो जनवरी 2019 को नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। सदर पुलिस थाने में तीनों युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया। तीन आरोपियों में से एक नाबालिग था। सदर पुलिस ने 31 जनवरी 2019 को चालान पेश किया। न्यायालय ने आरोपी विक्की खन्ना व उसके भाई सचिन खन्ना को आईपीसी की धारा 305 में दोषी करार देकर दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा आईपीसी की धारा 306 में सात साल, 354 में दो साल, 506 में एक साल तथा पोक्सो एक्ट की धारा 11/12 में दो साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। दोनों आरोपी भाइयों को पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया था। जबकि तीसरे नाबालिग अपचारी को निरुद्ध कर बाल सुधार गृह भिजवा दिया गया था। इस मामले में मुस्तगिस की पैरवी पूर्णसिंह जट्टाना ने की।
घर आए थे रंग-रोगन को
प्रकरण के अनुसार आरोपी युवक रंग-रोगन का कार्य करने के लिए नाबालिग लड़की के घर गए थे। इस दौरान लड़की से जान-पहचान हुई तो उसे फोन कर परेशान करने लगे। इस बारे में जब लड़की के परिजनों को पता चला तो पहले गांव में समझाइश का दौर चला। मगर बाद में मामला पुलिस तक पहुंच गया।
दस दिन बाद शव
जब आरोपी युवक समझाइश के बावजूद नहीं माने तो नाबालिग के पिता ने बेटी के साथ दो जनवरी को टिब्बी के पास नहर में छलांग लगा ली थी। इससे पहले मोबाइल फोन कर नाबालिग के पिता ने परिजनों से कहा कि वह पुत्री के साथ नहर में गिर रहा है। अगर वे बचा सकते हैं तो बचा लें। परिजनों की सूचना पर मसीतांवाली चौकी पुलिस ने नाकाबंदी कर पिता व पुत्री की कार को रुकवाने का प्रयास किया। लेकिन इससे पहले ही वे वहां से निकल चुके थे। बाद में पुलिस दल जब नहर की ओर गश्त करते हुए पहुंचा तो मसीतांवाली हैड के पास कार और सामान मिला। घटना के दस दिन बाद दोनों के शव पुलिस ने बरामद किए थे।
धमकाता रहा बाप
पुत्री व पति के आत्महत्या करने के करीब दो माह बाद छह मार्च 2019 को उसकी माता ने भी घर के चौबारे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में मर्ग दर्ज की गई थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतका काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। पति व पुत्री के आत्महत्या दुष्प्रेरण के मामले में आरोपी युवकों के परिजन उस पर राजीनामे के लिए दबाव डाल रहे थे। राजीनामा नहीं करने पर जान से मारने की धमकियां देने के आरोप भी लगे थे। इस संबंध में पीडि़त परिवार के लोगों तथा कई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था। इसमें बताया कि आरोपी युवकों का पिता रामचन्द्र पुत्र भागाराम नायक शराब पीकर उनके घर में घुस गया। उसने पुत्रवधू को धमकाते हुए कहा कि तेरे पति व पुत्री को मरने के लिए विवश करने का जो मुकदमा मेरे पुत्रों पर चल रहा है, उसमें राजीनामा कर लो। ऐसा नहीं किया तो तुम्हें मार दूंगा। इसकी सूचना डबलीराठान चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस उसे अपने साथ ले गई। इस संबंध में रामचन्द्र के खिलाफ महिला थाने में नाबालिग मृतका की माता ने मामला भी दर्ज करवा दिया था। इस मामले की पड़ताल के लिए महिला थाने की पुलिस छह फरवरी 2019 को गांव गई। पुलिस के जाने के बाद रामचन्द्र की पत्नी, पुत्र व परिवार के अन्य सदस्यों ने पीडि़ता की माता व उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
... पत्रिका व्यू .. परिवार के परिवार तबाह
नाबालिग लड़की, उसके पिता व माता के आत्महत्या करने के बाद परिवार में दंपती का एक नाबालिग बेटा ही बचा है। वह इकलौता ही है। मृतक महिला की सगी बहन की शादी उसके देवर से करीब पंद्रह वर्ष पहले हुई थी। उनके कोई औलाद नहीं है। दो भाइयों का यह परिवार बिना कोई गलती के पूर्णत: तबाह हो गया। वहीं दोषी करार दिए गए युवकों का परिवार उनके अपराध की वजह से बर्बाद हो गया। एक घर के दो बेटे अब सलाखों के पीछे अपराध की सजा भुगतेंगे। यह प्रकरण सबक है मोबाइल फोन आदि के जरिए किसी को परेशान करने, उसे प्रताडि़त करने, बदनाम करने जैसे अपराध करने वालों के लिए।

adrish khan Reporting
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