पढ़ेसरियों ने दिया अब तक का श्रेष्ठ परिणाम, पहली बार हनुमानगढ़ जिला नब्बे पार
– जिले का दसवीं का परिणाम 91.34 एवं प्रदेश का रहा 90.49 प्रतिशत
– जिला लगातार दूसरे साल प्रदेश में ग्यारहवें स्थान पर रहा काबिज
– हमेशा की तरह बालिकाएं फिर आगे, जिले से लेकर प्रदेश तक में छात्रों से श्रेष्ठ रहा परिणाम
– बालिकाएं प्रथम श्रेणी में आगे, बालक रहे थर्ड डिवीजन व सप्लीमेंट्री में आगे
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. जिले के पढ़ेसरियों ने दसवीं कक्षा में अपने ज्ञान का कमाल दिखाया है। जिले का अब तक का श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम देते हुए इतिहास बना दिया है। माशिबो, अजमेर के कक्षा दसवीं के शुक्रवार को जारी परीक्षा परिणाम में जिला पहली बार नब्बे प्रतिशत के पार हुआ है। हालांकि इससे पहले वर्ष 2021 में जिले का ओवरऑल नतीजा 99.46 प्रतिशत रहा था। मगर उस साल बोर्ड परीक्षा करवाए बगैर विशेष फार्मूले से विद्यार्थियों को पास किया गया था।
बोर्ड परीक्षा के आधार पर जिले का परिणाम पहली दफा इस बार ही नब्बे प्रतिशत का आंकड़ा पार करते हुए 91.34 प्रतिशत रहा है। इसके बूते हनुमानगढ़ जिला लगातार दूसरे साल प्रदेश में ग्यारहवें स्थान पर बने रहने में कामयाब हो सका है। वर्ष 2020 में तो जिला नीचे खिसक कर अठारहवें स्थान पर चला गया था। किन्तु दो साल से ग्यारहवें स्थान पर काबिज है। वहीं प्रदेश का ओवरऑल परिणाम 90.49 प्रतिशत रहा है। प्रदेश से कुल 1041373 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। जबकि जिले से 26529 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। बात यदि बालक-बालिकाओं के परीक्षा परिणाम की करें तो हमेशा की तरह जिले से लेकर प्रदेश भर में छात्राएं ही आगे रही हैं। बालिकाएं ना केवल परिणाम प्रतिशत में बल्कि प्रथम श्रेणी हासिल करने में भी लडक़ों से आगे रही हैं। जबकि अधिक संख्या में थर्ड डिवीजन व सप्लीमेंट्री हासिल करने में फिर एक बार लडक़ों ने ही बाजी मारी है। जिले से दसवीं की परीक्षा देने वालों की संख्या इस बार भी घटी है। राहत की बात यह है कि इस दफा यह घटत बहुत ही कम रही।
जिले में हर जगह आगे
जिले से कुल 26529 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 13907 बालक एवं 12622 बालिकाएं थी। छात्रों का परिणाम 89.31 एवं छात्राओं का 93.57 प्रतिशत रहा है। प्रथम श्रेणी हासिल करने में भी बालिकाएं आगे रही हैं। परीक्षा में लडक़ों की तुलना में कम संख्या के बावजूद 6876 लड़कियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की। जबकि फस्र्ट डिवीजन से परीक्षा पास करने वाले लडक़ों की संख्या 5252 ही रही। वहीं थर्ड डिवीजन में इस बार भी लडक़ों की संख्या ही अधिक रही। जिले में 1933 लडक़ों ने तथा केवल 813 लड़कियों ने थर्ड डिवीजन से परीक्षा पास की है।
प्रदेश में भी गाड़े झंडे
प्रदेश से 1041373 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी तथा ओवरऑल परिणाम 90.49 प्रतिशत रहा है। जिले की तरह प्रदेश में भी गुणवत्तापूर्ण परीक्षा परिणाम में बालिकाएं आगे रही हैं। प्रदेश से 558853 लडक़े तथा 482520 लड़कियां परीक्षा में बैठी। छात्रों का परिणाम 89.78 तथा छात्राओं का 91.31 प्रतिशत रहा। प्रथम श्रेणी हासिल करने में प्रदेश में भी लड़कियां आगे रही हैं। फस्र्ट डिवीजन के साथ 212253 बालिकाओं ने तथा 209495 बालकों ने परीक्षा पास की। थर्ड डिवीजन व सप्लीमेंट्री की उपलब्धि फिर छात्रों के नाम ही रही। प्रदेश में 86589 लडक़ों तथा 56335 लड़कियों ने थर्ड डिवीजन हासिल की। वहीं 18212 छात्रों तथा 15241 छात्राओं के सप्लीमेंट्री आई है।
स्थान रहा बरकरार
जिला लगातार दूसरे साल प्रदेश में ग्यारहवें स्थान पर काबिज रहा है। इससे पहले वर्ष 2020 में जिले का 79.37 प्रतिशत रहा था, तब जिला प्रदेश में अठारवें स्थान पर रहा था। बीते साल जिले का परिणाम 85.08 प्रतिशत रहा था और उस समय जिला ग्यारहवें नम्बर पर रहा था। हालांकि इस साल छह प्रतिशत से अधिक परिणाम में बढ़ोतरी हुई है। मगर जिले का प्रदेश में स्थान गत वर्ष की भांति ग्यारहवां ही रहा है।
विज्ञान में खा रहे मात
प्रदेश में विज्ञान विषय में सबसे कम परीक्षार्थी पास हुए हैं। हालांकि गणित का परिणाम भी अन्य की तुलना में कम रहा है। प्रदेश में विज्ञान विषय का परिणाम 93.95 प्रतिशत तथा गणित का 95 प्रतिशत रहा है जो अन्य प्रमुख विषयों में सबसे कम है। वहीं तृतीय भाषा की बात करें तो सबसे श्रेष्ठ परिणाम 99.50 प्रतिशत गुजराती तथा 99.40 प्रतिशत सिंधी भाषा का रहा है। यद्यपि दोनों विषयों में प्रदेश में 372 परीक्षार्थी ही थे। हिन्दी का परिणाम 97.58 तथा अंग्रेजी का 96.66 प्रतिशत रहा।
जिले का श्रेष्ठ परिणाम
वर्ष परिणाम प्रतिशत
2016 78.48
2017 82.53
2018 81.73
2019 80.30
2020 79.37
2021 99.46(बिना परीक्षा)
2022 85.08
2023 91.34
जिले में घट रहे परीक्षार्थी
वर्ष शामिल परीक्षार्थी
वर्ष 2019-20 31034
वर्ष 2020-21 30732
वर्ष 2021-22 26796
वर्ष 2022-23 26529
जिले में दोनों का सुधरा परिणाम
वर्ष छात्र छात्राएं
वर्ष 2015-16 76.79 80.60
वर्ष 2016-17 80.44 85.07
वर्ष 2017-18 79.86 83.95
वर्ष 2018-19 78.47 82.48
वर्ष 2019-20 76.57 82.65
वर्ष 2020-21 99.45 99.47
वर्ष 2021-22 82.28 88.25
वर्ष 2022-23 89.31 93.57
खिसका नहीं बरकरार
वर्ष प्रदेश में स्थिति
2017-18 नौवां स्थान
2018-19 बारहवां स्थान
2019-20 अठारहवां स्थान
2020-21 चौबीसवां स्थान
2021-22 ग्यारहवां स्थान
2022-23 ग्यारहवां स्थान
मेहनत व नवाचार का परिणाम
इस वर्ष जिले का कक्षा 10 का परीक्षा परिणाम अब तक का श्रेष्ठ परिणाम रहा है। इसके लिए जिले के सभी विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षक साधुवाद के पात्र हैं। परीक्षा परिणाम उन्नयन के लिए शिक्षा विभाग निरंतर नवाचार करता रहा है। शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की मेहनत के चलते परिणाम शानदार रहा है। राजकीय विद्यालयों में संस्था प्रधान एवं विषय शिक्षकों के पद भी ज्यादा रिक्त नहीं हैं। – हंसराज जाजेवाल, सीडीईओ।